28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कंगना रनौत का प्रदर्शनकारियों पर पलटवार: 'हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है, अब रोने की ज़रूरत नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कंगना रनौत का प्रदर्शनकारियों पर पलटवार: 'हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है, अब रोने की ज़रूरत नहीं'

सारांश

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी में प्रदर्शनकारियों को दो-टूक जवाब दिया — 'हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है।' सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और वायरल रील्स पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बोलने का हक सिर्फ प्रदर्शनकारियों का नहीं, देश से प्यार करने वालों का भी है।

मुख्य बातें

कंगना रनौत ने 28 जुलाई को इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिए प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा — 'हर क्रिया की एक बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है, अब रोने वाली कोई बात नहीं।' सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और अभद्र सोशल मीडिया रील्स को उन्होंने जनता की प्रतिक्रिया का कारण बताया।
इससे पहले भी कंगना ने प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहा था।
यह विवाद चल रहे छात्र आंदोलन और उससे जुड़े वायरल वीडियो की पृष्ठभूमि में उभरा है।

भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने 28 जुलाई को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिए चल रहे छात्र आंदोलन के प्रदर्शनकारियों पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो सार्वजनिक रूप से बोलते हैं, उन्हें जवाब सुनने के लिए भी तैयार रहना होगा।

कंगना ने क्या कहा

अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कंगना रनौत ने लिखा, 'सड़कों पर जिन प्रदर्शनकारियों को आम जनता पीट रही है और जिन्हें गालियां पड़ रही हैं, यह उनकी अपनी गंदी और अभद्र रील्स की वजह से है। उन्हें यह समझना होगा कि जब आप बोलते हो, तो सुनना भी पड़ेगा।'

उन्होंने आगे लिखा, 'अगर आप सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, तो वही जनता आपको भी नुकसान पहुंचाएगी। अगर आपको देश और सरकार से परेशानी है और आपने सार्वजनिक रूप से खूब गंदी-गंदी गालियां दी हैं, तो अब उन लोगों की भी सुनिए जो इस देश से प्यार करते हैं और वोट की ताकत से इस सरकार को चुनकर लाए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनका भी है।'

'कारण और प्रभाव' वाला संदेश

रनौत ने अपनी पोस्ट में न्यूटन के तीसरे नियम का हवाला देते हुए कहा, 'अब रोने वाली कोई बात नहीं है। हर क्रिया की एक बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। अगर अब तक पढ़ाई करके 'कारण और प्रभाव' समझ नहीं आया है, तो अब आ जाएगा... और बहुत अच्छे से समझ आ जाएगा।' यह टिप्पणी कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों की भाषा और सोशल मीडिया रील्स को लेकर उनकी बढ़ती नाराज़गी का हिस्सा है।

पहले भी उठाए थे सवाल

गौरतलब है कि कंगना रनौत इससे पहले भी प्रदर्शनकारियों के तौर-तरीकों पर सार्वजनिक रूप से आपत्ति जता चुकी हैं। एक पूर्व पोस्ट में उन्होंने लिखा था, 'मैंने पूरी जिंदगी कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। जेन जी के विरोध-प्रदर्शनों की ये वीडियोज देखकर घिन आती है। इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। हर वीडियो परेशान करने वाला है। आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है?' उस पोस्ट में उन्होंने प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' तक कह दिया था।

पृष्ठभूमि: छात्र आंदोलन और वायरल वीडियो

यह पूरा विवाद उस छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि में उभरा है जिसके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुए हैं। कंगना कुछ दिनों से इस आंदोलन पर लगातार अपनी प्रतिक्रिया साझा कर रही हैं — जिसमें प्रदर्शनकारियों की भाषा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और सोशल मीडिया पर उनके व्यवहार को लेकर आलोचना शामिल है।

आगे क्या

कंगना रनौत की यह टिप्पणियाँ सोशल मीडिया पर तीखी बहस का केंद्र बन गई हैं। एक तरफ जहाँ उनके समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बता रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि एक निर्वाचित सांसद को इस तरह की भाषा से परहेज़ करना चाहिए। यह देखना बाकी है कि यह बहस संसदीय स्तर तक पहुँचती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संवैधानिक ज़िम्मेदारी के दायरे में आती है। 'जनता आपको नुकसान पहुँचाएगी' जैसी भाषा, चाहे रूपक में कही गई हो, एक सांसद के पद की मर्यादा पर सवाल खड़े करती है। दूसरी तरफ, प्रदर्शनकारियों के वायरल वीडियो में अभद्र भाषा को लेकर व्यापक जनमत भी विभाजित है — जो इस बहस को केवल राजनीतिक नहीं, सामाजिक भी बनाता है। असली सवाल यह है कि क्या लोकतंत्र में असहमति की भाषा और सीमा तय करने का अधिकार किसी एक पक्ष को है?
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों के बारे में क्या कहा?
कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कहा कि प्रदर्शनकारियों को जो जनता की प्रतिक्रिया मिल रही है, वह उनकी अपनी अभद्र रील्स और भाषा का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि 'हर क्रिया की एक बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।'
कंगना रनौत का यह बयान किस संदर्भ में आया?
यह बयान चल रहे छात्र आंदोलन और उससे जुड़े सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पृष्ठभूमि में आया है। कंगना कुछ दिनों से इस आंदोलन पर लगातार अपनी राय साझा कर रही हैं।
कंगना रनौत ने इससे पहले प्रदर्शनकारियों के बारे में क्या कहा था?
इससे पहले एक पोस्ट में कंगना ने प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहा था और उनकी भाषा व तौर-तरीकों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने लिखा था कि जेन जी के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो देखकर 'घिन आती है।'
क्या कंगना रनौत के इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया आई है?
कंगना की टिप्पणियाँ सोशल मीडिया पर तीखी बहस का विषय बनी हैं। आलोचकों का कहना है कि एक निर्वाचित सांसद को ऐसी भाषा से बचना चाहिए, जबकि उनके समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बता रहे हैं।
कंगना रनौत कौन हैं और वे राजनीति में कब से हैं?
कंगना रनौत एक राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री हैं जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद भी हैं। वे अपने बेबाक बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. कल
  3. 6 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले