31 जुलाई 2026
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कंगना रनौत का ट्रोलर्स पर पलटवार: 'बच्चों को वही सिखाया जो हमें सफलता दिलाई'

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कंगना रनौत का ट्रोलर्स पर पलटवार: 'बच्चों को वही सिखाया जो हमें सफलता दिलाई'

सारांश

कंगना रनौत ने ट्रोलर्स को बेबाक जवाब दिया — 'जो सलाह दी, वही हमें यहाँ तक लाई।' जेन-ज़ी और छात्र प्रदर्शनों पर उनके बयान से उठे विवाद के बाद यह पलटवार उनके रुख को और पुख्ता करता है।

मुख्य बातें

कंगना रनौत ने 31 जुलाई को मीडिया से बातचीत में ट्रोलर्स को जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को वही सलाह दी जो उनके अपने परिवार के बच्चों को दी जाती है।
विवाद की शुरुआत जेन-ज़ी पीढ़ी और छात्र प्रदर्शनों पर उनकी आलोचना से हुई थी।
सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने सफाई वीडियो भी जारी किया था।
कंगना ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पूरी पीढ़ी को नहीं, बल्कि अशोभनीय व्यवहार को निशाना बनाना था।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने शुक्रवार, 31 जुलाई को मीडिया से बातचीत में उन्हें सोशल मीडिया पर घेरने वाले ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को उन्होंने वही सलाह दी है, जिसने उन्हें और उनके परिवार को जीवन में सफलता, सम्मान और पहचान दिलाई।

कंगना ने क्या कहा

कंगना रनौत ने कहा, 'देखिए, सबसे बड़ी बात ये है कि हम जिस तरह से अपनी जिंदगी जीते हैं, परिवार के बच्चों को शिक्षा देते हैं — वही बातें मैंने सभी को कही हैं। जिस चीज से हमें सफलता, समाज में सम्मान, ओहदा, दौलत और शोहरत मिली, वही बातें तो हम दूसरों के बच्चों के लिए भी कहते हैं। ऐसा नहीं है कि हमारे लिए कुछ और नियम हैं और दूसरों के बच्चों के लिए दूसरे।'

उन्होंने आगे कहा, 'हम सभी अपने घर के बच्चों से वही कहते हैं, जो आज आपके सामने कह रहे हैं। अगर इससे किसी को आपत्ति है, तो वे वह कर सकते हैं जो उन्हें करना है — फिर देखते हैं कि आप अपनी जिंदगी में किस मुकाम तक पहुंचते हैं। मैंने वही बोला जो अब तक अनुभव किया है।'

विवाद की पृष्ठभूमि

यह ताज़ा बयान उस विवाद की कड़ी है जो तब शुरू हुआ जब कंगना रनौत ने जेन-ज़ी पीढ़ी और छात्र प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल और रील्स बनाने पर कड़ा ऐतराज जताया था। उनके उस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूज़र्स और युवा वर्ग ने उन्हें घेर लिया और उनके पुराने वीडियो वायरल होने लगे।

गौरतलब है कि विरोध बढ़ने के बाद कंगना ने एक अलग वीडियो जारी कर सफाई दी थी कि उनका उद्देश्य पूरी पीढ़ी का अपमान करना नहीं था, बल्कि केवल सड़क पर अशोभनीय व्यवहार करने वालों की आलोचना करना था।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

कंगना के मूल बयान के बाद सोशल मीडिया पर युवाओं की तीखी प्रतिक्रिया आई। आलोचकों का कहना है कि एक सांसद के रूप में उन्हें अपनी भाषा और लहजे में संयम बरतना चाहिए, जबकि समर्थकों ने उनके रुख को 'स्पष्टवादिता' करार दिया।

आगे क्या

कंगना रनौत ने संकेत दिया कि वे अपने अनुभव-आधारित विचारों को साझा करना जारी रखेंगी। यह विवाद राजनेताओं और युवा पीढ़ी के बीच बढ़ती खाई को रेखांकित करता है, जो आने वाले समय में राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस लहजे की है जिसमें असहमति को 'जीवन में कहाँ पहुंचोगे' जैसी चुनौती में बदल दिया जाता है। एक सांसद से अपेक्षा है कि वे संवाद करें, न कि शर्तें रखें। यह विवाद यह भी दिखाता है कि सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया अब किसी भी राजनेता के लिए नज़रअंदाज़ करना संभव नहीं रहा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंगना रनौत का ट्रोलर्स को क्या जवाब था?
कंगना रनौत ने कहा कि उन्होंने युवाओं को वही सलाह दी जो उनके अपने परिवार के बच्चों को दी जाती है और जिससे उन्हें सफलता, सम्मान और पहचान मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए और दूसरों के लिए अलग-अलग नियम नहीं हैं।
कंगना रनौत का जेन-ज़ी विवाद क्या है?
कंगना रनौत ने जेन-ज़ी पीढ़ी और छात्र प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा और रील्स बनाने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ व्यापक प्रतिक्रिया आई और उनके पुराने वीडियो वायरल हुए।
कंगना ने सफाई में क्या कहा था?
विरोध बढ़ने के बाद कंगना रनौत ने एक अलग वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पूरी जेन-ज़ी पीढ़ी का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना केवल सड़क पर अशोभनीय व्यवहार करने वालों के लिए थी।
कंगना रनौत की राजनीतिक पहचान क्या है?
कंगना रनौत अभिनेत्री होने के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद भी हैं। वे अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर विवादों के केंद्र में रहती हैं।
इस विवाद का युवाओं पर क्या असर है?
आलोचकों का कहना है कि एक सांसद का इस तरह का बयान युवाओं और राजनेताओं के बीच संवाद की खाई को और चौड़ा करता है। सोशल मीडिया पर युवा वर्ग ने इसे असहमति को दबाने की कोशिश के रूप में देखा।
राष्ट्र प्रेस
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