कंगना रनौत का जेन जी पर फिर बयान: 'आज़ादी के साथ ज़िम्मेदारी भी ज़रूरी है'
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने रविवार, 2 अगस्त को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए एक बार फिर जेन जी (नई पीढ़ी) और व्यक्तिगत आज़ादी के विषय पर अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति को अपनी पसंद से जीने का अधिकार है, लेकिन यह आज़ादी दूसरों की जान या सुरक्षा के लिए खतरा नहीं बननी चाहिए।
जिम में हुई बातचीत से मिली प्रेरणा
कंगना ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनकी जिम में दो जेन जी लड़कियों से मुलाकात हुई, जिन्होंने बताया कि वे डिजिटल युग में पली-बढ़ी हैं और सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम, डेटिंग ऐप्स तथा एआई उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अभिन्न हिस्सा हैं। कंगना ने उनसे कहा, 'आपको अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने की पूरी आज़ादी है, लेकिन यह आज़ादी तब तक ही सही है, जब तक उससे किसी दूसरे व्यक्ति को नुकसान न पहुँचे।'
चर्चित अपराध मामलों का उल्लेख
अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कंगना ने हाल के कुछ चर्चित अपराध मामलों का हवाला दिया। उन्होंने केतन अग्रवाल मामले और 'ब्लू ड्रम' केस का उदाहरण देते हुए कहा, 'यह आज़ादी तब तक ही सही है, जब तक आप किसी दूसरे के बच्चे को चट्टान से नीचे नहीं फेंकते या उसके टुकड़े-टुकड़े नहीं करते।' उन्होंने आगे लिखा कि आज कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहाँ उदार और पारंपरिक जीवनशैली के बीच टकराव हो रहा है और कई मासूम बच्चों की जान जा रही है।
फ्रेंडशिप डे पर जेन जी को संदेश
पोस्ट के अंत में कंगना ने लिखा कि जिम में मिली वे लड़कियाँ भी इस बात से सहमत थीं कि आज़ादी के साथ ज़िम्मेदारी भी ज़रूरी है। उन्होंने फ्रेंडशिप डे के अवसर पर अपने जेन जी दोस्तों को शुभकामनाएँ देते हुए 'शांति बनाए रखें' का संदेश दिया।
पहले के बयान से उपजा विवाद
यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब कंगना पहले से ही जेन जी को लेकर दिए गए एक बयान की वजह से आलोचनाओं के घेरे में हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने कथित तौर पर जेन जी को 'गटर जेनरेशन' कहा था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी व्यापक आलोचना हुई थी। उससे पहले भी उन्होंने नई पीढ़ी और कुछ भारतीय महिलाओं पर तीखी टिप्पणियाँ की थीं, जिनमें जेन जी की परवरिश पर सवाल उठाए गए थे। यह नया पोस्ट उसी संदर्भ में एक नरम लेकिन स्पष्ट रुख के रूप में देखा जा रहा है।