जयशंकर ने भूटान नरेश के साथ ताशिचो द्जोंग में जलाया 'आशीर्वाद का दीया', PM मोदी की 25 साल की सेवा को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 18 सितंबर 2026 को भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की गरिमामयी उपस्थिति में थिम्पू के ऐतिहासिक ताशिचो द्जोंग में 'आशीर्वाद का दीया' जलाया — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा को सम्मानित करने के इस आयोजन में भूटान के शीर्ष नेतृत्व ने भागीदारी की। यह यात्रा भारत-भूटान के बीच गहरे राजनयिक और विकास साझेदारी की नई कड़ियाँ जोड़ने वाली रही।
ताशिचो द्जोंग में ऐतिहासिक क्षण
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई अपनी पोस्ट में जयशंकर ने लिखा कि राजा वांगचुक की उपस्थिति में 'आशीर्वाद का दीया' जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के उस समर्पित जनसेवा को श्रद्धांजलि दी गई, जिसने दुनियाभर में अनगिनत जिंदगियों को प्रभावित किया है। इस विशेष अवसर पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, भूटानी विदेश मंत्री ल्योनपो डी. एन. धुंग्येल, भूटान में भारत के मित्रगण और स्थानीय भारतीय समुदाय के सदस्य भी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि ताशिचो द्जोंग भूटान की राजधानी थिम्पू का सर्वाधिक प्रतिष्ठित ऐतिहासिक किला-मठ परिसर है, जो भूटान की सरकार और राजशाही का प्रतीक है। इस स्थान पर इस प्रकार का आयोजन दोनों देशों के संबंधों की गहराई को रेखांकित करता है।
54 'मेड इन इंडिया' इलेक्ट्रिक वाहनों का हस्तांतरण
इसी यात्रा के दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री तोबगे के साथ द्विपक्षीय बैठक में भूटान को 54 'मेड इन इंडिया' इलेक्ट्रिक वाहन सौंपे। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत ई-मोबिलिटी और सतत परिवहन की दिशा में भूटान की प्रगति का पूरजोर समर्थन करता है।
बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा: 'आज थिम्पू में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मिलकर खुशी हुई। पीएम मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। हमारी दोस्ती और सहयोग के अनोखे संबंधों के लिए उनकी भावनाओं की गहराई से कद्र करता हूं। भारत भूटान की प्रगति और समृद्धि के लिए मजबूती से प्रतिबद्ध है।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत और भूटान के बीच कई बड़े बुनियादी ढाँचा और ऊर्जा परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
मोंगर में माँ और शिशु अस्पताल का उद्घाटन
इससे एक दिन पहले, बुधवार 17 सितंबर को जयशंकर और उनके भूटानी समकक्ष ल्योनपो डी. एन. धुंग्येल ने मोंगर में 65 बिस्तरों वाले ग्याल्तसुएन जेत्सुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
विदेश मंत्री ने कहा कि यह स्वास्थ्य सुविधा पूर्वी भूटान में गुणवत्तापूर्ण, विशेष मातृ एवं शिशु देखभाल तक पहुँच को मज़बूत करेगी। यह परियोजना भारत की विकास सहायता के तहत पूर्ण हुई है, और पड़ोसी देशों में 'पड़ोस-प्रथम' नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत करती है।
भारत-भूटान संबंधों का संदर्भ
भारत और भूटान के बीच विशेष मित्रता का दशकों पुराना इतिहास है, जिसमें जलविद्युत सहयोग, व्यापार, संपर्क और विकास परियोजनाएं शामिल हैं। जयशंकर की यह थिम्पू यात्रा दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाती है।
आने वाले समय में भारत और भूटान के बीच ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग के और विस्तार की संभावना है, जो इस साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकता है।