17 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जयशंकर की भूटान यात्रा: 43 जर्सी गायें, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और अस्पताल — द्विपक्षीय सहयोग की बड़ी झलक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जयशंकर की भूटान यात्रा: 43 जर्सी गायें, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और अस्पताल — द्विपक्षीय सहयोग की बड़ी झलक

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर की भूटान यात्रा महज़ शिष्टाचार नहीं — यह कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी में ठोस देन है। 43 जर्सी गायें, 500 किलोवाट हाइड्रोपावर का शिलान्यास, एक अस्पताल और एक पुल — भारत-भूटान दोस्ती का व्यावहारिक चेहरा।

मुख्य बातें

जयशंकर 17 सितंबर 2026 को थिंपू पहुँचे; भूटान के वित्त मंत्री ल्योनपो लेकी दोरजी ने स्वागत किया।
भारत ने भूटान के डेयरी कार्यक्रम के लिए 43 शुद्ध नस्ल की जर्सी गायें सौंपीं; इस कार्यक्रम से 40,000 किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद।
गासा में 500 किलोवाट के लुनाना हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास; 1967 से चले आ रहे ऊर्जा सहयोग की अगली कड़ी।
मोंगार में 65 बिस्तरों वाले ग्यालत्सुएन जेटसुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का उद्घाटन।
समद्रुप जोंगखर में 80 मीटर लंबे जगनाथन पुल का उद्घाटन; प्रोजेक्ट दंतक द्वारा निर्मित।
दोनों मंत्रियों ने बुमथांग में द्विपक्षीय समीक्षा बैठक में ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा की।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 17 सितंबर 2026 को थिंपू पहुँचे, जहाँ भूटान के वित्त मंत्री ल्योनपो लेकी दोरजी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊँचाई देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।

थिंपू आगमन और स्वागत

थिंपू पहुँचने पर विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'थिंपू में गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए भूटान के वित्त मंत्री ल्योनपो लेकी दोरजी का आभार।' यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब भारत-भूटान संबंध ऊर्जा, कृषि और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नए आयाम छू रहे हैं।

इससे पहले बुधवार को, विदेश मंत्री ने भूटान के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक, कुर्जी लखांग, में पूजा-अर्चना की। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'पवित्र कुर्जी लखांग में नमन किया। दोनों देशों की जनता के कल्याण और भारत-भूटान संबंधों के लिए प्रार्थना की।'

कृषि सहयोग: 43 शुद्ध नस्ल की जर्सी गायें सौंपीं

विदेश मंत्री जयशंकर ने भूटानी समकक्ष ल्योनपो डी.एन. धुंग्येल के साथ बुमथांग में नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर का दौरा किया। यहाँ उन्होंने भूटान के डेयरी मवेशी प्रजनन कार्यक्रम के लिए भारत की ओर से 43 शुद्ध नस्ल की जर्सी गायें सौंपीं — जिसका लक्ष्य दूध उत्पादन बढ़ाना और स्थानीय किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करना है। जयशंकर ने बताया कि इस प्रजनन कार्यक्रम से 40,000 किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

इसी दौरे में दोनों मंत्रियों ने बुमथांग के ऐतिहासिक वांगडुचोलिंग पैलेस और म्यूजियम का भी भ्रमण किया, जो भूटान की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण स्थल है।

ऊर्जा क्षेत्र में मील का पत्थर: लुनाना हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट

विदेश मंत्री जयशंकर और ल्योनपो धुंग्येल ने भूटान के गासा ज़िले में 500 किलोवाट के लुनाना हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। जयशंकर ने इसे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऊर्जा सहयोग के लिए एक 'गौरवशाली मील का पत्थर' बताया।

गौरतलब है कि यह सहयोग 1967 में थिंपू में भूटान के पहले हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट 'जुंगशिना' से आरंभ हुआ था और अब यह परियोजना भूटान की उन अंतिम बस्तियों तक बिजली पहुँचाएगी, जहाँ अब तक विद्युत आपूर्ति नहीं हो पाई थी।

स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी में नई पहल

दोनों मंत्रियों ने मोंगार में 65 बिस्तरों वाले ग्यालत्सुएन जेटसुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। जयशंकर ने कहा कि यह स्वास्थ्य सुविधा पूर्वी भूटान में, विशेषकर माँ और शिशु की देखभाल के क्षेत्र में, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं की पहुँच को व्यापक बनाएगी।

इसके अलावा, समद्रुप जोंगखर में 80 मीटर लंबे जगनाथन पुल का भी उद्घाटन हुआ, जिसे 'प्रोजेक्ट दंतक' ने निर्मित किया है। विदेश मंत्री ने कहा कि यह पुल पूर्वी भूटान में त्राशीगांग और समद्रुप जोंगखर के बीच कनेक्टिविटी को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाएगा।

द्विपक्षीय समीक्षा बैठक

बुमथांग में आयोजित बैठक में दोनों मंत्रियों ने विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों पर व्यापक चर्चा की। यह बैठक भारत-भूटान रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश में एक और महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच और समझौतों व संयुक्त परियोजनाओं की घोषणाओं की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है। 40,000 किसानों तक पहुँचने वाला पशु-प्रजनन कार्यक्रम और बिजली से वंचित बस्तियों तक ऊर्जा पहुँचाने की प्रतिबद्धता यह संदेश देती है कि भारत की साझेदारी घोषणाओं में नहीं, ज़मीनी नतीजों में मापी जाएगी। सवाल यह है कि इन परियोजनाओं की समयसीमा और क्रियान्वयन की निगरानी कितनी पारदर्शी होगी।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश मंत्री जयशंकर की भूटान यात्रा का उद्देश्य क्या है?
यह दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा भारत और भूटान के बीच दीर्घकालिक द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने के लिए आयोजित की गई है। इसमें ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और व्यापार पर विचार-विमर्श के साथ-साथ कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन शामिल रहा।
भारत ने भूटान को 43 जर्सी गायें क्यों दीं?
भारत ने भूटान के नेशनल कैटल ब्रीडिंग सेंटर, बुमथांग के डेयरी मवेशी प्रजनन कार्यक्रम के तहत 43 शुद्ध नस्ल की जर्सी गायें सौंपीं। इसका लक्ष्य दूध उत्पादन बढ़ाना और स्थानीय किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करना है; अनुमान है कि इस कार्यक्रम से 40,000 किसान लाभान्वित होंगे।
लुनाना हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट क्या है और इसका महत्त्व क्यों है?
500 किलोवाट का लुनाना हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भूटान के गासा ज़िले में स्थापित होगा। इसका शिलान्यास विदेश मंत्री जयशंकर और ल्योनपो धुंग्येल ने संयुक्त रूप से किया; यह 1967 से चले आ रहे भारत-भूटान ऊर्जा सहयोग की अगली कड़ी है और भूटान की उन बस्तियों तक बिजली पहुँचाएगा जो अब तक विद्युत-वंचित थीं।
जगनाथन पुल और ग्यालत्सुएन जेटसुन पेमा अस्पताल से भूटान को क्या फायदा होगा?
समद्रुप जोंगखर में 80 मीटर लंबा जगनाथन पुल पूर्वी भूटान में त्राशीगांग और समद्रुप जोंगखर के बीच सड़क-संपर्क बेहतर बनाएगा। मोंगार का 65 बिस्तरों वाला ग्यालत्सुएन जेटसुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल पूर्वी भूटान में माँ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुँच को व्यापक बनाएगा।
भारत-भूटान द्विपक्षीय बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
बुमथांग में आयोजित द्विपक्षीय बैठक में विकास साझेदारी, ऊर्जा, व्यापार, कनेक्टिविटी, संस्कृति और जन-संपर्क पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 18 घंटे पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. 22 घंटे पहले
  4. कल
  5. 1 महीना पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले