29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत ने भूटान को ₹237.83 करोड़ की दूसरी किस्त सौंपी, 292 सामुदायिक परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत ने भूटान को ₹237.83 करोड़ की दूसरी किस्त सौंपी, 292 सामुदायिक परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

सारांश

भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत ₹237.83 करोड़ की दूसरी किस्त जारी की — कुल ₹1,000 करोड़ की प्रतिबद्धता का 73.5% अब तक दिया जा चुका है। 292 सामुदायिक परियोजनाएँ भूटान के 205 ब्लॉकों में बुनियादी ढाँचा और आजीविका मज़बूत कर रही हैं।

मुख्य बातें

भारतीय राजदूत संदीप आर्या ने 29 जुलाई 2026 को थिम्पू में भूटान के वित्त मंत्री ल्योंपो लेके दोरजी को ₹237.83 करोड़ की दूसरी किस्त सौंपी।
यह राशि 292 हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (एचआईसीडीपी) के लिए है, जो भूटान के सभी 205 गेवोग को कवर करती हैं।
भारत ने 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024–29) के तहत कुल ₹1,000 करोड़ देने की प्रतिबद्धता जताई है; अब तक ₹735 करोड़ यानी 73.5% जारी हो चुके हैं।
सहमत 571 परियोजनाओं में से 141 पूरी हो चुकी हैं; 430 पर काम जारी है।
परियोजनाओं में पेयजल, सिंचाई, ग्रामीण सड़कें, प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयाँ और कृषि विकास शामिल हैं।

भारत ने 29 जुलाई 2026 को भूटान के सामुदायिक विकास कार्यक्रम के लिए ₹237.83 करोड़ (2.378 अरब नगुलट्रम) की दूसरी किस्त जारी की। थिम्पू में भारतीय राजदूत संदीप आर्या ने यह चेक भूटान के वित्त मंत्री ल्योंपो लेके दोरजी को सौंपा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई। यह राशि भारत-भूटान विकास सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत चल रही 292 हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (एचआईसीडीपी) के लिए दी गई है।

किस्त का दायरा और लाभार्थी

इन परियोजनाओं का लाभ भूटान के सभी 205 गेवोग (ब्लॉक) की स्थानीय आबादी को सीधे मिलेगा। एचआईसीडीपी के तहत पेयजल आपूर्ति, सिंचाई नहरें, ग्रामीण सड़कें, कृषि भूमि विकास, चेन-लिंक फेंसिंग, कृषि विपणन, प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयाँ और ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी बुनियादी ढाँचे जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं। यह कार्यक्रम भूटान के दूरदराज के समुदायों तक बुनियादी सेवाएँ पहुँचाने का प्रमुख माध्यम बना हुआ है।

प्रतिबद्धता और अब तक की प्रगति

भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024–29) के तहत एचआईसीडीपी परियोजनाओं के लिए कुल ₹1,000 करोड़ (10 अरब नगुलट्रम) देने की प्रतिबद्धता जताई है। योजना के पहले दो वर्षों के अंत तक भारत अब तक ₹735 करोड़ (7.35 अरब नगुलट्रम) जारी कर चुका है, जो कुल प्रतिबद्ध राशि का 73.5 प्रतिशत है। वर्तमान योजना अवधि में सहमति प्राप्त 571 परियोजनाओं में से 141 परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष 430 परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

द्विपक्षीय बैठक में क्या हुआ

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने एचआईसीडीपी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। राजदूत संदीप आर्या ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य भूटान के लोगों की आजीविका, सामाजिक कल्याण और संपर्क सुविधाओं को मज़बूत करना है। भूटानी दूतावास ने इस अवसर पर परियोजनाओं से जुड़ी तस्वीरें भी साझा कीं।

भूटान की प्रतिक्रिया

वित्त मंत्री ल्योंपो लेके दोरजी ने भारत सरकार और भारतीय जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये परियोजनाएँ पूरे भूटान के समुदायों में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और दोनों देशों के बीच मित्रता एवं सहयोग के रिश्तों को और मज़बूत कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-भूटान संबंध कूटनीतिक और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं।

आगे की राह

गौरतलब है कि भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना 2029 तक चलेगी और भारत की शेष प्रतिबद्ध राशि — लगभग ₹265 करोड़ — आगामी किस्तों में जारी की जाएगी। 430 जारी परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता इस सहयोग की सफलता की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ की इस प्रतिबद्धता का 73.5% दो वर्षों में जारी करना भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति की तेज़ रफ्तार को दर्शाता है, लेकिन असली सवाल यह है कि 430 जारी परियोजनाओं में से कितनी समयसीमा पर पूरी होंगी। गौरतलब है कि भूटान चीन के साथ सीमा वार्ता में भी सक्रिय है, ऐसे में यह आर्थिक सहयोग महज विकास नहीं — रणनीतिक साझेदारी को पुख्ता करने का भी माध्यम है। परियोजनाओं की गुणवत्ता और स्थानीय स्वामित्व पर स्वतंत्र मूल्यांकन अभी सार्वजनिक नहीं है, जो दीर्घकालिक प्रभाव आँकने में बाधा है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने भूटान को ₹237.83 करोड़ की दूसरी किस्त क्यों दी?
यह राशि भारत-भूटान विकास सहयोग कार्यक्रम के तहत 292 हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (एचआईसीडीपी) के लिए जारी की गई है। इन परियोजनाओं का लक्ष्य भूटान के सभी 205 गेवोग की आबादी की आजीविका, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना है।
भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए कुल कितनी राशि देने का वादा किया है?
भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना (2024–29) के तहत एचआईसीडीपी परियोजनाओं के लिए कुल ₹1,000 करोड़ (10 अरब नगुलट्रम) देने की प्रतिबद्धता जताई है। पहले दो वर्षों में ₹735 करोड़ यानी 73.5% राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।
एचआईसीडीपी परियोजनाओं में क्या-क्या शामिल है?
एचआईसीडीपी के तहत पेयजल आपूर्ति, सिंचाई नहरें, ग्रामीण सड़कें, कृषि भूमि विकास, चेन-लिंक फेंसिंग, कृषि विपणन, प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयाँ और ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी बुनियादी ढाँचा शामिल हैं। ये परियोजनाएँ भूटान के 205 ब्लॉकों में लागू की जा रही हैं।
अब तक कितनी परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं?
वर्तमान योजना अवधि में सहमत 571 परियोजनाओं में से 141 पूरी हो चुकी हैं और शेष 430 पर कार्य जारी है। इनमें से 292 परियोजनाएँ सक्रिय रूप से वित्तपोषित हैं।
भारत-भूटान विकास सहयोग कार्यक्रम का महत्व क्या है?
यह कार्यक्रम भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति का अहम हिस्सा है और दोनों देशों के बीच दशकों पुराने मित्रता संबंधों की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है। भूटान के वित्त मंत्री के अनुसार, ये परियोजनाएँ ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और द्विपक्षीय सहयोग को नई मज़बूती दे रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले