भारत की मदद से नेपाल में स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण आरंभ
सारांश
मुख्य बातें
काठमांडू, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल के गंडकी प्रांत के बागलुंग जिले के बडिगाड़ ग्रामीण नगरपालिका-7 में भारत सरकार की वित्तीय सहायता से एक स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण कार्य आरंभ किया गया है।
भारतीय दूतावास के अनुसार, बडिगाड़ ग्रामीण नगरपालिका की अध्यक्ष गंडकी थापा अधिकारी और काठमांडू में स्थित भारतीय दूतावास के द्वितीय सचिव अजय कुमार सिंह ने बुधवार को क्षेत्र में ‘भीमगिथे हेल्थ पोस्ट’ के निर्माण का शिलान्यास किया।
दूतावास ने बताया कि इस स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण पर लगभग 25 मिलियन नेपाली रुपये खर्च किए जाएंगे। यह परियोजना ‘हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ (एचआईसीडीपी) के तहत संचालित की जा रही है और इसका कार्यान्वयन बडिगाड़ ग्रामीण नगरपालिका के माध्यम से किया जाएगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और हितधारकों ने नेपाल में भारत के निरंतर विकास सहयोग की सराहना की और कहा कि इस स्वास्थ्य सुविधा से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में बड़ा सुधार होगा।
भारत और नेपाल, दोनों पड़ोसी देश, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं। दूतावास ने कहा कि इस तरह की सामुदायिक परियोजनाओं का क्रियान्वयन नेपाल के विकास प्रयासों में भारत के निरंतर समर्थन को दर्शाता है, विशेषकर प्राथमिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में।
एचआईसीडीपी कार्यक्रम भारत-नेपाल विकास साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है, जिसके तहत जमीनी स्तर पर विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
इस पहल की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी, जिसे पहले ‘स्मॉल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स’ के नाम से जाना जाता था। इस योजना के अंतर्गत स्थानीय निकायों के माध्यम से नेपाल में छोटे स्तर की बुनियादी ढांचा और सामुदायिक परियोजनाओं को समर्थन दिया जाता है।
यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता, जल निकासी, ग्रामीण विद्युतीकरण, जलविद्युत और नदी प्रशिक्षण जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित है।
दूतावास की वेबसाइट के अनुसार, अब तक इस योजना के तहत देशभर में कुल 573 परियोजनाएं शुरू की जा चुकी हैं, जिनमें लगभग 13.59 अरब नेपाली रुपये का निवेश किया गया है।
इनमें से 294 परियोजनाएं शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं, जिनमें 217 स्कूल भवनों का निर्माण शामिल है, जिससे शिक्षा क्षेत्र सबसे बड़ा लाभार्थी बना है।
जनवरी 2024 में हुए एक नए समझौते के तहत इस योजना को और मजबूती मिली है, जिसमें प्रति परियोजना भारतीय वित्तीय सहायता की सीमा को 5 मिलियन नेपाली रुपये से बढ़ाकर 20 मिलियन नेपाली रुपये कर दिया गया है।