भारत-भूटान स्वास्थ्य सहयोग: FICCI प्रतिनिधिमंडल ने PM टोबगे से की मुलाकात, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) के नेतृत्व में भारतीय मेडिकल वैल्यू ट्रैवल प्रतिनिधिमंडल ने 21 अगस्त 2026 को थिम्पू में भूटान के प्रधानमंत्री दशो शेरिंग टोबगे से भेंट की और गुणवत्तापूर्ण एवं विशेष स्वास्थ्य सेवाओं में द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस मुलाकात में भूटान के स्वास्थ्य मंत्री महामहिम तांडिन वांगचुक भी उपस्थित रहे।
मुख्य घटनाक्रम
भूटान में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि प्रतिनिधिमंडल को गुणवत्तापूर्ण और विशेष स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल वैल्यू एडिशन और क्षमता निर्माण में सहयोग को और मजबूत करने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। यह यात्रा 19 से 21 अगस्त 2026 तक आयोजित की गई, जिसकी सुविधा भूटान स्थित भारतीय दूतावास ने प्रदान की।
बुधवार और गुरुवार को प्रतिनिधिमंडल ने भूटान के वरिष्ठ अधिकारियों, स्वास्थ्य संस्थानों और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। इन बैठकों में स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव दशो पेम्बा वांगचुक, भारतीय राजदूत, जिग्मे दोरजी वांगचुक नेशनल रेफरल अस्पताल (JDWNRH) और खेसर ग्यालपो यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज ऑफ भूटान के अध्यक्ष पेम नामग्याल शामिल हुए।
सहयोग के अवसर
बातचीत में गुणवत्तापूर्ण और विशेष स्वास्थ्य सेवाओं, क्षमता निर्माण और मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब भूटान अपने नागरिकों के लिए तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए भारत पर निर्भरता को संस्थागत रूप देना चाहता है। गौरतलब है कि भूटान के अनेक मरीज़ उन्नत चिकित्सा उपचार के लिए भारत आते हैं, और यह प्रतिनिधिमंडल उस प्रवाह को और सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
भूटान में भारत की विकास परियोजनाएँ
स्वास्थ्य सहयोग के साथ-साथ, सोमवार 18 अगस्त 2026 को भूटान के झेमगांग जिले के पनबांग में तीन हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट परियोजनाओं (HICDP) का उद्घाटन किया गया। ये परियोजनाएँ भारत के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य स्थानीय कृषि उत्पादों के लिए बाज़ार तक पहुँच बेहतर बनाना, आजीविका सुदृढ़ करना और पनबांग के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
इन परियोजनाओं में गेवोग सेंटर-लिचिबी फार्म रोड का ब्लैकटॉपिंग (20 मिलियन नू), लामथांग चिवोग रोड का निर्माण/जीएसबी (5.7 मिलियन नू) और बुद्धाशी चिवोग रोड का सुधार (5 मिलियन नू) शामिल हैं।
आम जनता पर असर
भारत-भूटान स्वास्थ्य सहयोग का सीधा लाभ भूटान के उन नागरिकों को मिलेगा जिन्हें विशेष चिकित्सा सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। क्षमता निर्माण से भूटानी स्वास्थ्य पेशेवरों को उन्नत प्रशिक्षण मिलने की संभावना है, जिससे दीर्घकालिक रूप से भूटान की स्वास्थ्य प्रणाली सशक्त होगी।
क्या होगा आगे
इस प्रतिनिधिमंडल यात्रा से उभरे सहयोग के ढाँचे को औपचारिक रूप देने के लिए दोनों पक्षों के बीच आगे की बातचीत अपेक्षित है। भारत-भूटान के बीच पहले से ही घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंध हैं, और स्वास्थ्य क्षेत्र में यह नई पहल उस साझेदारी को एक नई दिशा देती है।