सीईसी ज्ञानेश कुमार की भूटान यात्रा: थिम्पू में राजा जिग्मे खेसर से मुलाकात, मतदाता दिवस में होंगे मुख्य अतिथि
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 14 सितंबर 2026 को थिम्पू में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की। वे हिमालयी राष्ट्र की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं, जिसका उद्देश्य भारत और भूटान के चुनाव आयोगों के बीच संस्थागत सहयोग को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है।
राजा से मुलाकात और औपचारिक आदान-प्रदान
भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'महामहिम राजा, भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ। महामहिम ने आज भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की, जो भूटान की 3 दिन की यात्रा पर हैं।' यह मुलाकात दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं के स्तर पर बढ़ते जुड़ाव की प्रतीक मानी जा रही है।
भूटान के राष्ट्रीय मतदाता दिवस में मुख्य भूमिका
इस यात्रा का एक प्रमुख पड़ाव मंगलवार को पारो के जिग्मे सिंग्ये वांगचुक स्कूल ऑफ लॉ में आयोजित भूटान का राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह है, जिसमें ज्ञानेश कुमार मुख्य अतिथि की भूमिका निभाएंगे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह यात्रा भारत के चुनाव आयोग और भूटान के चुनाव आयोग के बीच चले आ रहे सहयोग को और मजबूती देगी।
प्रधानमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट का कार्यक्रम
यात्रा के अंतिम दिन बुधवार को ज्ञानेश कुमार थिम्पू में भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे से भेंट करेंगे। इसके अलावा वे भूटान के वरिष्ठ सिविल सेवकों के साथ भी विचार-विमर्श करेंगे। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और भूटान के बीच द्विपक्षीय संबंध अनेक मोर्चों पर सक्रिय हैं।
भारत-भूटान मैत्री संघ और इंडिया हाउस का संदर्भ
थिम्पू स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि पिछले महीने राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक अपनी पत्नी जेटसुन पेमा और भूटान-भारत मैत्री संघ के पदाधिकारियों के साथ इंडिया हाउस में एकत्रित हुए थे। दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, 'थिम्पू, फुएंटशोलिंग, समत्से, गेलेफू, न्गांगलाम और समद्रुप जोंगखर चैप्टर के भूटान-भारत मैत्री संघ के पदाधिकारियों ने आज इंडिया हाउस में मुलाकात की।' दूतावास ने यह भी कहा कि दोनों देश लोगों और समुदाय के स्तर पर आपसी संबंधों को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने की उम्मीद रखते हैं।
भारत-भूटान संस्थागत सहयोग की बड़ी तस्वीर
यह यात्रा भारत के चुनाव आयोग की उस व्यापक कूटनीतिक पहल का हिस्सा है जिसके तहत वह पड़ोसी और मित्र देशों के चुनावी संस्थाओं के साथ अनुभव और विशेषज्ञता साझा करता है। भारत अपने निर्वाचन प्रबंधन मॉडल को वैश्विक स्तर पर एक संदर्भ बिंदु के रूप में स्थापित करने की कोशिश में सक्रिय है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच हुई बातचीत के ठोस परिणाम सामने आने की संभावना है।