23 जुलाई 2026
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चंबा के खज्जियार में युवा मतदाताओं से किया संवाद, 2027 चुनाव तैयारियों का लिया जायजा

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चंबा के खज्जियार में युवा मतदाताओं से किया संवाद, 2027 चुनाव तैयारियों का लिया जायजा

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का हिमाचल दौरा महज औपचारिकता नहीं — यह 2027 विधानसभा चुनावों की जमीनी तैयारी का पहला संकेत है। चंबा के खज्जियार से धर्मशाला तक, युवा मतदाताओं से संवाद और बीएलओ की सराहना बताती है कि आयोग इस बार मतदाता सहभागिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

मुख्य बातें

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 7 जून 2026 को चंबा जिले के खज्जियार स्थित मतदान केंद्र का दौरा किया।
उन्होंने युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
धर्मशाला में बीएलओ से मुलाकात कर मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने में उनकी भूमिका की सराहना की।
हिमाचल में नवंबर 2027 में संभावित विधानसभा चुनाव; सभी 68 सीटों पर मतदान होगा।
ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में एसआईआर चरण-3 की एन्यूमरेशन प्रक्रिया 3 मई 2026 से जारी; 28 जून 2026 तक फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि।
बीएलओ प्रत्येक घर का दौरा कर रहे हैं और अपने साथ कम-से-कम 30 खाली फॉर्म-6 रख रहे हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने 7 जून 2026 को हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के खज्जियार स्थित एक मतदान केंद्र का दौरा किया और वहाँ तैनात चुनाव अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने युवा मतदाताओं से भी बातचीत की और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

धर्मशाला में बीएलओ से मुलाकात

इससे पहले अपने हिमाचल दौरे के क्रम में सीईसी ज्ञानेश कुमार ने धर्मशाला का दौरा किया, जहाँ उन्होंने चुनाव अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से मुलाकात की। उन्होंने मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध बनाए रखने में बीएलओ की भूमिका की सराहना की। गौरतलब है कि बीएलओ ज़मीनी स्तर पर चुनावी तंत्र की रीढ़ माने जाते हैं।

2027 विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि

सीईसी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। इन चुनावों में विधानसभा की सभी 68 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। यह दौरा इस बात का संकेत है कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) चुनावी प्रक्रिया की तैयारी डेढ़ साल पहले से ही सुनिश्चित करना चाहता है।

कांगड़ा घाटी के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण

शनिवार को ज्ञानेश कुमार ने परिवार के सदस्यों के साथ कांगड़ा घाटी के विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने कांगड़ा किला और बज्रेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके अलावा धर्मशाला स्थित चामुंडा देवी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।

चार राज्यों में विशेष मतदाता पुनरीक्षण जारी

इस बीच, भारत निर्वाचन आयोग ने बताया कि ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के चरण-3 के तहत गणना (एन्यूमरेशन) प्रक्रिया 3 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। जिन पात्र मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म 28 जून 2026 तक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को प्राप्त हो जाएंगे, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया

आयोग के अनुसार, जो मतदाता 28 जून 2026 तक अपना फॉर्म जमा नहीं कर पाएंगे, वे दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकेंगे। बीएलओ घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित कर रहे हैं और उन्हें एकत्र भी कर रहे हैं। मतदाता भरे हुए फॉर्म बीएलओ को सौंप सकते हैं या ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं। अधिकतम कवरेज के लिए प्रत्येक बीएलओ अपने साथ कम-से-कम 30 खाली फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र रखते हैं, ताकि नए मतदाता पंजीकरण के इच्छुक लोगों को तुरंत फॉर्म मिल सके। आने वाले महीनों में चुनाव आयोग की यह सक्रियता 2027 के विधानसभा चुनावों की नींव तैयार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा मतदाता सूची की सटीकता और मतदान प्रतिशत में दिखेगी। चार राज्यों में एसआईआर का एक साथ संचालन आयोग की क्षमता और समन्वय का भी इम्तिहान है। यदि यह अभियान वास्तव में हाशिये पर रहे मतदाताओं तक पहुँचता है, तो यह भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करेगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हिमाचल दौरे में क्या किया?
उन्होंने 7 जून 2026 को चंबा जिले के खज्जियार में मतदान केंद्र का दौरा किया, चुनाव अधिकारियों से बातचीत की और युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। धर्मशाला में उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की भूमिका की भी सराहना की।
हिमाचल प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव कब होगा?
हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2027 में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है, जिसमें सभी 68 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने इसी पृष्ठभूमि में तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) क्या है और यह कहाँ चल रहा है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) भारत निर्वाचन आयोग की वह प्रक्रिया है जिसके तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सूची को अद्यतन करते हैं। फिलहाल यह ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में चरण-3 के तहत 3 मई 2026 से जारी है।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने की अंतिम तिथि क्या है?
28 जून 2026 तक एन्यूमरेशन फॉर्म निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को जमा करने पर नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल होगा। जो इस तिथि तक फॉर्म नहीं जमा कर पाएंगे, वे दावा एवं आपत्ति अवधि में फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं।
बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदाता पंजीकरण में क्या भूमिका निभाते हैं?
बीएलओ घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करते हैं, उन्हें एकत्र करते हैं और सत्यापन का कार्य करते हैं। वे अपने साथ कम-से-कम 30 खाली फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र रखते हैं ताकि नए मतदाता तुरंत पंजीकरण करा सकें।
राष्ट्र प्रेस
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