मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चंबा के खज्जियार में युवा मतदाताओं से किया संवाद, 2027 चुनाव तैयारियों का लिया जायजा
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने 7 जून 2026 को हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के खज्जियार स्थित एक मतदान केंद्र का दौरा किया और वहाँ तैनात चुनाव अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने युवा मतदाताओं से भी बातचीत की और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
धर्मशाला में बीएलओ से मुलाकात
इससे पहले अपने हिमाचल दौरे के क्रम में सीईसी ज्ञानेश कुमार ने धर्मशाला का दौरा किया, जहाँ उन्होंने चुनाव अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से मुलाकात की। उन्होंने मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध बनाए रखने में बीएलओ की भूमिका की सराहना की। गौरतलब है कि बीएलओ ज़मीनी स्तर पर चुनावी तंत्र की रीढ़ माने जाते हैं।
2027 विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि
सीईसी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। इन चुनावों में विधानसभा की सभी 68 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। यह दौरा इस बात का संकेत है कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) चुनावी प्रक्रिया की तैयारी डेढ़ साल पहले से ही सुनिश्चित करना चाहता है।
कांगड़ा घाटी के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण
शनिवार को ज्ञानेश कुमार ने परिवार के सदस्यों के साथ कांगड़ा घाटी के विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने कांगड़ा किला और बज्रेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके अलावा धर्मशाला स्थित चामुंडा देवी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।
चार राज्यों में विशेष मतदाता पुनरीक्षण जारी
इस बीच, भारत निर्वाचन आयोग ने बताया कि ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के चरण-3 के तहत गणना (एन्यूमरेशन) प्रक्रिया 3 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। जिन पात्र मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म 28 जून 2026 तक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को प्राप्त हो जाएंगे, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया
आयोग के अनुसार, जो मतदाता 28 जून 2026 तक अपना फॉर्म जमा नहीं कर पाएंगे, वे दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकेंगे। बीएलओ घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित कर रहे हैं और उन्हें एकत्र भी कर रहे हैं। मतदाता भरे हुए फॉर्म बीएलओ को सौंप सकते हैं या ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं। अधिकतम कवरेज के लिए प्रत्येक बीएलओ अपने साथ कम-से-कम 30 खाली फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र रखते हैं, ताकि नए मतदाता पंजीकरण के इच्छुक लोगों को तुरंत फॉर्म मिल सके। आने वाले महीनों में चुनाव आयोग की यह सक्रियता 2027 के विधानसभा चुनावों की नींव तैयार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।