मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कांगड़ा और धर्मशाला के मंदिरों में की पूजा, चुनावी तैयारियों की भी समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हिमाचल प्रदेश दौरे के दूसरे दिन 6 जून 2026 को कांगड़ा घाटी के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की। परिवार के सदस्यों के साथ उन्होंने कांगड़ा किला, बज्रेश्वरी देवी मंदिर और धर्मशाला स्थित चामुंडा देवी मंदिर में दर्शन किए तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
धार्मिक स्थलों का दौरा
आधिकारिक बयान के अनुसार, ज्ञानेश कुमार सपरिवार पहले कांगड़ा किले पहुँचे और फिर ऐतिहासिक बज्रेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके पश्चात उन्होंने धर्मशाला के चामुंडा देवी मंदिर में माथा टेका। यह दौरा उनकी हिमाचल प्रदेश यात्रा के व्यक्तिगत पक्ष का हिस्सा रहा।
चुनावी तैयारियों की समीक्षा
इससे पहले शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त धर्मशाला पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने चुनाव अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मतदाता सूची के अद्यतन और उसकी शुद्धता बनाए रखने के लिए बीएलओ के प्रयासों की सराहना की।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। राज्य की सभी 68 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव कराए जाने हैं।
चार राज्यों में मतदाता गणना शुरू
चुनाव आयोग ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन — फेज-3) के तहत ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में मतदाता गणना (एन्यूमरेशन) का चरण 3 मई से शुरू हो चुका है। जिन पात्र मतदाताओं के गणना प्रपत्र 28 जून 2026 तक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पास पहुँच जाएँगे, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएँगे।
जो मतदाता 28 जून तक फॉर्म जमा नहीं कर पाएँगे, वे दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकेंगे।
बीएलओ की घर-घर पहुँच
आयोग के अनुसार, अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित, संग्रह और सत्यापित करेंगे। प्रत्येक बीएलओ अपने साथ कम से कम 30 खाली फॉर्म-6 और घोषणा पत्र रखेगा, ताकि नए मतदाता पंजीकरण के इच्छुक लोगों को तत्काल सुविधा मिल सके। मतदाता भरे हुए फॉर्म बीएलओ के माध्यम से या ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं।
यह दौरा संकेत देता है कि चुनाव आयोग हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में मतदाता सूची को समय रहते दुरुस्त करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है।