22 जुलाई 2026
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कांगड़ा और धर्मशाला के मंदिरों में की पूजा, चुनावी तैयारियों की भी समीक्षा

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कांगड़ा और धर्मशाला के मंदिरों में की पूजा, चुनावी तैयारियों की भी समीक्षा

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का हिमाचल प्रदेश दौरा धर्म और कर्तव्य दोनों का संगम रहा — कांगड़ा और धर्मशाला के मंदिरों में पूजा के साथ-साथ 68 विधानसभा सीटों के लिए नवंबर 2027 चुनाव की तैयारियों की समीक्षा भी हुई।

मुख्य बातें

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 6 जून 2026 को कांगड़ा किला , बज्रेश्वरी देवी मंदिर और चामुंडा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
हिमाचल प्रदेश की सभी 68 विधानसभा सीटों पर नवंबर 2027 में चुनाव संभावित हैं।
शुक्रवार को धर्मशाला में चुनाव अधिकारियों और बीएलओ के साथ बैठक में चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई।
ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 3 मई से विशेष गहन मतदाता गणना (फेज-3) शुरू।
पात्र मतदाताओं को 28 जून 2026 तक गणना प्रपत्र ईआरओ के पास जमा करने होंगे।
प्रत्येक बीएलओ घर-घर जाकर कम से कम 30 खाली फॉर्म-6 के साथ मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करेगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हिमाचल प्रदेश दौरे के दूसरे दिन 6 जून 2026 को कांगड़ा घाटी के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की। परिवार के सदस्यों के साथ उन्होंने कांगड़ा किला, बज्रेश्वरी देवी मंदिर और धर्मशाला स्थित चामुंडा देवी मंदिर में दर्शन किए तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

धार्मिक स्थलों का दौरा

आधिकारिक बयान के अनुसार, ज्ञानेश कुमार सपरिवार पहले कांगड़ा किले पहुँचे और फिर ऐतिहासिक बज्रेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके पश्चात उन्होंने धर्मशाला के चामुंडा देवी मंदिर में माथा टेका। यह दौरा उनकी हिमाचल प्रदेश यात्रा के व्यक्तिगत पक्ष का हिस्सा रहा।

चुनावी तैयारियों की समीक्षा

इससे पहले शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त धर्मशाला पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने चुनाव अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मतदाता सूची के अद्यतन और उसकी शुद्धता बनाए रखने के लिए बीएलओ के प्रयासों की सराहना की।

यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2027 में संभावित विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। राज्य की सभी 68 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव कराए जाने हैं।

चार राज्यों में मतदाता गणना शुरू

चुनाव आयोग ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन — फेज-3) के तहत ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में मतदाता गणना (एन्यूमरेशन) का चरण 3 मई से शुरू हो चुका है। जिन पात्र मतदाताओं के गणना प्रपत्र 28 जून 2026 तक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पास पहुँच जाएँगे, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएँगे।

जो मतदाता 28 जून तक फॉर्म जमा नहीं कर पाएँगे, वे दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकेंगे।

बीएलओ की घर-घर पहुँच

आयोग के अनुसार, अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित, संग्रह और सत्यापित करेंगे। प्रत्येक बीएलओ अपने साथ कम से कम 30 खाली फॉर्म-6 और घोषणा पत्र रखेगा, ताकि नए मतदाता पंजीकरण के इच्छुक लोगों को तत्काल सुविधा मिल सके। मतदाता भरे हुए फॉर्म बीएलओ के माध्यम से या ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं।

यह दौरा संकेत देता है कि चुनाव आयोग हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में मतदाता सूची को समय रहते दुरुस्त करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय महत्वपूर्ण है — नवंबर 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने का दबाव आयोग पर स्पष्ट है। चार राज्यों में एक साथ विशेष गहन पुनरीक्षण का शुभारंभ बताता है कि आयोग पंजीकरण अंतरालों को समय से पहले पाटना चाहता है। हालाँकि, बीएलओ की घर-घर पहुँच की व्यावहारिक सफलता मैदानी स्तर पर प्रशासनिक क्षमता पर निर्भर करेगी — जो पहाड़ी और दूरदराज़ इलाकों में हमेशा चुनौती रही है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हिमाचल प्रदेश दौरे में क्या किया?
ज्ञानेश कुमार ने दौरे के दूसरे दिन कांगड़ा किला, बज्रेश्वरी देवी मंदिर और धर्मशाला के चामुंडा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने चुनाव अधिकारियों और बीएलओ के साथ बैठक कर हिमाचल प्रदेश की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की।
हिमाचल प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव कब होंगे?
हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2027 में विधानसभा चुनाव संभावित हैं। राज्य की सभी 68 विधानसभा सीटों के लिए मतदान कराया जाना है।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन फेज-3 क्या है और यह कहाँ चल रहा है?
यह चुनाव आयोग की विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया है, जो ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 3 मई से शुरू हुई है। इसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता गणना प्रपत्र वितरित, संग्रह और सत्यापित करते हैं।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की अंतिम तारीख क्या है?
पात्र मतदाताओं को 28 जून 2026 तक अपने गणना प्रपत्र निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पास जमा करने होंगे। जो इस तारीख तक जमा नहीं कर पाएँगे, वे दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकेंगे।
बीएलओ मतदाता पंजीकरण में क्या भूमिका निभाते हैं?
बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित, संग्रह और सत्यापित करते हैं। प्रत्येक बीएलओ अपने साथ कम से कम 30 खाली फॉर्म-6 रखता है ताकि नए पंजीकरण के इच्छुक मतदाताओं को तत्काल सुविधा मिल सके।
राष्ट्र प्रेस
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