मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कोलकाता में मंदिर के बाहर काले झंडों का सामना

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कोलकाता में मंदिर के बाहर काले झंडों का सामना

सारांश

कोलकाता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कालीघाट मंदिर के बाहर टीएमसी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने चुनावों की निष्पक्षता की प्रतिबद्धता जताई। जानें इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में।

Key Takeaways

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कालीघाट मंदिर में पूजा करना।
  • टीएमसी कार्यकर्ताओं का विरोध और काले झंडे दिखाना।
  • चुनाव आयोग की स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की प्रतिबद्धता।
  • राज्य और केंद्र के सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक की योजना।
  • मतदाता सूची की समीक्षा के लिए न्यायिक प्रक्रिया की चर्चा।

कोलकाता, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के दौरे पर आए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को विरोध का सामना करना पड़ा। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ तीखे नारे लगाए।

भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की पूरी टीम विधानसभा चुनावों की तैयारियों का निरीक्षण करने और मतदाता सूची में "तार्किक विसंगतियों" की न्यायिक प्रक्रिया की समीक्षा करने के लिए दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता आई है। सोमवार सुबह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कालीघाट मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की और आयोग की स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।

हालांकि, मंदिर के बाहर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक समूह ने मतदाता सूची से नाम हटाने के विरोध में "गो बैक" (वापस जाओ) के नारे लगाए और उन्हें काले झंडे दिखाए। विरोध कर रहे लोगों ने ज्ञानेश कुमार वापस जाओ के नारे लगाए।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कालीघाट मंदिर में पूजा के बाद कहा, "पश्चिम बंगाल के सभी भाइयों और बहनों को मेरा नमस्कार। देवी काली सभी को सुरक्षित और स्वस्थ रखें। जय भारत, जय हिंद।" इसके साथ ही उन्होंने राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और उत्सवपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के आयोग के संकल्प को दोहराया।

बता दें कि चुनाव आयोग और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। दोपहर लगभग 12:30 बजे मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल न्यायिक निर्णय और चुनाव तैयारियों से संबंधित स्थिति पर प्रस्तुति देंगे। इसके बाद दोपहर 1:15 बजे से 1:30 बजे के बीच, आयोग की टीम राज्य और केंद्र की विभिन्न सुरक्षा और जांच एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी।

Point of View

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मंदिर में पूजा करना और उसके बाद विरोध का सामना करना, एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है। यह दर्शाता है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता की चिंताएँ अभी भी जिंदा हैं।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कौन हैं?
ज्ञानेश कुमार भारतीय निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जो चुनावी प्रक्रिया की देखरेख करते हैं।
कालीघाट मंदिर क्यों महत्वपूर्ण है?
कालीघाट मंदिर देवी काली का प्रसिद्ध मंदिर है, जो पश्चिम बंगाल में श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक स्थल है।
टीएमसी कार्यकर्ता क्यों विरोध कर रहे थे?
टीएमसी कार्यकर्ता मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ थे और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए।
चुनाव आयोग की बैठक कब होगी?
चुनाव आयोग और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी।
ज्ञानेश कुमार की चुनावों के प्रति क्या प्रतिबद्धता है?
उन्होंने राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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