राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत 25 मई तक बढ़ाई, चिकित्सा आधार पर मिली राहत
राजस्थान हाई कोर्ट ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम की अंतरिम जमानत को चिकित्सा कारणों का हवाला देते हुए 25 मई 2026 तक बढ़ा दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राहत या तो 25 मई तक या उच्च न्यायालय द्वारा उनकी लंबित आपराधिक अपील पर फैसला सुनाए जाने तक — जो भी पहले हो — जारी रहेगी।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा और न्यायमूर्ति संगीता शर्मा की खंडपीठ ने जमानत अवधि बढ़ाने के लिए दायर आवेदन पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। आसाराम की ओर से पेश अधिवक्ता यशपाल राजपुरोहित ने अदालत को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार हाई कोर्ट ने अपील पर सुनवाई पूरी कर ली है और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
राजपुरोहित ने कहा,