मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने किया यमुनोत्री धाम का दौरा, खरसाली में उच्च स्तरीय समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार रविवार, 24 मई को उत्तरकाशी जिले के खरसाली हेलीपैड पहुँचे और चारधाम यात्रा के अंतर्गत यमुनोत्री धाम की यात्रा व्यवस्थाओं का उच्च स्तरीय निरीक्षण किया। उनके इस दौरे का उद्देश्य यात्रा सीजन में यात्री सुरक्षा, स्वास्थ्य प्रबंध और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा करना बताया गया।
खरसाली में भव्य स्वागत
खरसाली हेलीपैड पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। सुबह से ही हेलीपैड परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय उपस्थिति दर्ज की गई।
यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी
स्वागत के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञानेश कुमार को चारधाम यात्रा की वर्तमान स्थिति — यात्री सुविधाओं, स्वास्थ्य व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों और आपातकालीन तैयारियों — की विस्तृत जानकारी दी। यात्रा मार्ग पर आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में भी अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया। यह ऐसे समय में आया है जब यात्रा सीजन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। खरसाली हेलीपैड से यमुनोत्री धाम तक के पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मुस्तैद रहे। गौरतलब है कि चारधाम यात्रा प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, जिससे सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बन जाती है।
दौरे का महत्व
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस दौरे को चारधाम यात्रा के सुचारु संचालन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खरसाली हेलीपैड पर निरीक्षण के बाद ज्ञानेश कुमार यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हो गए। यह दौरा यात्रा प्रबंधन में उच्च स्तरीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।