6 अक्टूबर 2026
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पंजाब में ड्रग्स-रंगदारी का बोलबाला, सिस्टम ध्वस्त: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह का भगवंत मान सरकार पर हमला

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पंजाब में ड्रग्स-रंगदारी का बोलबाला, सिस्टम ध्वस्त: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह का भगवंत मान सरकार पर हमला

सारांश

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने एक साथ कई मोर्चों पर विपक्ष को घेरा — पंजाब में ड्रग्स और रंगदारी के लिए भगवंत मान सरकार पर निशाना, CEC निलंबन माँग को सुप्रीम कोर्ट के रुख से काटा, और ईवीएम-चुनाव आयोग विवाद पर कांग्रेस के दोहरे मानदंड उजागर किए।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने 5 अक्टूबर 2026 को पंजाब में ड्रग्स, हत्या और रंगदारी के लिए भगवंत मान सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी भी हथियारबंद अपराधियों के निशाने पर हैं और सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है।
विपक्ष के 6 अक्टूबर के चुनाव आयोग मार्च पर सवाल उठाया — सर्वोच्च न्यायालय ने CEC ज्ञानेश कुमार के तत्काल निलंबन से इनकार किया था।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के पाकिस्तान से बातचीत वाले बयान पर कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्टीकरण माँगा।
UP से BJP के आठ नए राज्यसभा उम्मीदवारों का चयन सामाजिक समीकरण के आधार पर बताया।
कांग्रेस ने 2004 और 2009 के चुनाव भी ईवीएम से जीते — ईवीएम विरोध को राजनीतिक सुविधा बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर भगवंत मान सरकार पर तीखा प्रहार किया और कहा कि राज्य में ड्रग्स तस्करी, फिरौती और रंगदारी का खुला खेल जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात केवल आम नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि स्वयं पुलिसकर्मियों के लिए भी खतरनाक हो चुके हैं।

पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति

आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब में हत्याएँ हो रही हैं, ड्रग्स का कारोबार खुलेआम चल रहा है और रंगदारी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को फोन पर धमकियाँ दी जा रही हैं — कि शाम तक तय रकम न मिली तो उनके परिजनों का अपहरण कर हत्या कर दी जाएगी। भगवंत मान सरकार से उन्होंने माँग की कि कानून-व्यवस्था को लेकर तत्काल और ठोस कदम उठाए जाएँ।

चुनाव आयोग और सीईसी निलंबन की माँग पर रुख

विपक्षी दलों के 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग की ओर प्रस्तावित मार्च पर आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने की माँग लेकर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने तत्काल निलंबन से इनकार कर दिया और सीईसी को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष को न्यायपालिका की प्रक्रिया पर भरोसा है, तो फिर सड़क पर प्रदर्शन की आवश्यकता क्यों है।

मणिशंकर अय्यर के बयान पर कांग्रेस से जवाब-तलब

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के उस बयान का उल्लेख करते हुए — जिसमें उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की क्षमता रहते हुए भी पाकिस्तान के साथ बातचीत की जरूरत बताई थी — आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को स्पष्ट करना होगा कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ उनकी नीति क्या है।

उत्तर प्रदेश राज्यसभा उम्मीदवार और विपक्ष पर चुनावी दोहरापन का आरोप

उत्तर प्रदेश से BJP के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची पर आरपी सिंह ने कहा कि आठ नए चेहरों का चयन सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं की माँग को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने विपक्ष पर चुनावी दोहरेपन का आरोप भी लगाया — कहा कि केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और झारखंड जैसे राज्यों में जीत पर चुनाव आयोग और SIR की प्रक्रिया सही बताई जाती है, लेकिन हार के बाद उसी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जाते हैं। ईवीएम विवाद पर उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने 2004 और 2009 के आम चुनाव भी इसी ईवीएम प्रणाली के ज़रिये जीते थे।

विपक्ष से संगठन मजबूत करने की अपील

आरपी सिंह ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे संवैधानिक संस्थाओं पर निरंतर आरोप लगाने के बजाय अपने संगठन और जनता के बीच काम को मजबूत करने पर ध्यान दें। बिहार चुनाव में राहुल गांधी की 'वोट अधिकार यात्रा' और तेजस्वी यादव की अलग यात्रा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने इन प्रयासों को नकार दिया। आगामी चुनावी मौसम में यह बयानबाज़ी तेज़ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुप्रीम कोर्ट के हालिया रुख को ढाल बनाकर विपक्ष के CEC-निलंबन अभियान को निरर्थक दिखाना, और ईवीएम विवाद में '2004-2009' वाले तर्क को दोहराकर कांग्रेस को रक्षात्मक रखना। लेकिन जो बात मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि पंजाब में ड्रग्स और संगठित अपराध की समस्या पिछली सरकारों के दौर से चली आ रही है — केवल मौजूदा सरकार की विफलता का मामला नहीं। BJP के लिए असली परीक्षा यह होगी कि वह केंद्र की एजेंसियों के ज़रिये पंजाब की स्थिति सुधारने में कितनी सक्रिय भूमिका निभाती है, सिर्फ बयानबाज़ी से परे।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने पंजाब को लेकर क्या कहा?
आरपी सिंह ने कहा कि पंजाब में ड्रग्स तस्करी, हत्या, फिरौती और रंगदारी का खुला खेल जारी है और भगवंत मान सरकार के अधीन सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी खुद हथियारबंद अपराधियों के निशाने पर हैं।
CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन की माँग पर सुप्रीम कोर्ट का क्या रुख है?
सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल निलंबन से इनकार कर दिया और उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। आरपी सिंह ने इसी आधार पर 6 अक्टूबर के विपक्षी मार्च को तर्कहीन बताया।
मणिशंकर अय्यर के बयान पर BJP ने क्या सवाल उठाया?
आरपी सिंह ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की क्षमता रहते हुए भी पाकिस्तान से बातचीत की वकालत की थी। BJP ने माँग की कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व स्पष्ट करे कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान से उनकी नीति क्या है।
BJP ने ईवीएम और चुनाव आयोग पर विपक्ष को दोहरेपन का आरोप क्यों लगाया?
आरपी सिंह ने केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और झारखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्ष जहाँ जीतता है वहाँ चुनाव आयोग और ईवीएम सही बताए जाते हैं, हार के बाद उसी व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने 2004 और 2009 के चुनाव भी ईवीएम से ही जीते थे।
उत्तर प्रदेश से BJP के राज्यसभा उम्मीदवारों के बारे में क्या बताया गया?
आरपी सिंह ने कहा कि पार्टी ने UP से आठ नए चेहरों को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है, जिनका चयन सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं की माँग को ध्यान में रखकर किया गया है। उम्मीद है कि ये उम्मीदवार राज्यसभा में प्रभावी भूमिका निभाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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