पंजाब में ड्रग्स-रंगदारी का बोलबाला, सिस्टम ध्वस्त: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह का भगवंत मान सरकार पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर भगवंत मान सरकार पर तीखा प्रहार किया और कहा कि राज्य में ड्रग्स तस्करी, फिरौती और रंगदारी का खुला खेल जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात केवल आम नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि स्वयं पुलिसकर्मियों के लिए भी खतरनाक हो चुके हैं।
पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति
आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब में हत्याएँ हो रही हैं, ड्रग्स का कारोबार खुलेआम चल रहा है और रंगदारी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को फोन पर धमकियाँ दी जा रही हैं — कि शाम तक तय रकम न मिली तो उनके परिजनों का अपहरण कर हत्या कर दी जाएगी। भगवंत मान सरकार से उन्होंने माँग की कि कानून-व्यवस्था को लेकर तत्काल और ठोस कदम उठाए जाएँ।
चुनाव आयोग और सीईसी निलंबन की माँग पर रुख
विपक्षी दलों के 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग की ओर प्रस्तावित मार्च पर आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने की माँग लेकर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने तत्काल निलंबन से इनकार कर दिया और सीईसी को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष को न्यायपालिका की प्रक्रिया पर भरोसा है, तो फिर सड़क पर प्रदर्शन की आवश्यकता क्यों है।
मणिशंकर अय्यर के बयान पर कांग्रेस से जवाब-तलब
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के उस बयान का उल्लेख करते हुए — जिसमें उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की क्षमता रहते हुए भी पाकिस्तान के साथ बातचीत की जरूरत बताई थी — आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को स्पष्ट करना होगा कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ उनकी नीति क्या है।
उत्तर प्रदेश राज्यसभा उम्मीदवार और विपक्ष पर चुनावी दोहरापन का आरोप
उत्तर प्रदेश से BJP के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची पर आरपी सिंह ने कहा कि आठ नए चेहरों का चयन सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं की माँग को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने विपक्ष पर चुनावी दोहरेपन का आरोप भी लगाया — कहा कि केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और झारखंड जैसे राज्यों में जीत पर चुनाव आयोग और SIR की प्रक्रिया सही बताई जाती है, लेकिन हार के बाद उसी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जाते हैं। ईवीएम विवाद पर उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने 2004 और 2009 के आम चुनाव भी इसी ईवीएम प्रणाली के ज़रिये जीते थे।
विपक्ष से संगठन मजबूत करने की अपील
आरपी सिंह ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे संवैधानिक संस्थाओं पर निरंतर आरोप लगाने के बजाय अपने संगठन और जनता के बीच काम को मजबूत करने पर ध्यान दें। बिहार चुनाव में राहुल गांधी की 'वोट अधिकार यात्रा' और तेजस्वी यादव की अलग यात्रा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने इन प्रयासों को नकार दिया। आगामी चुनावी मौसम में यह बयानबाज़ी तेज़ होने की उम्मीद है।