तरुण चुघ का बड़ा आरोप: पंजाब बना देश की 'क्राइम कैपिटल', भगवंत मान सरकार पर निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ सांसद तरुण चुघ ने 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला। चुघ ने दावा किया कि पंजाब आज देश की 'क्राइम कैपिटल' बन चुका है और राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
मुख्य आरोप: रंगदारी और माफिया राज
तरुण चुघ के अनुसार, पंजाब में जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) का एक व्यापक नेटवर्क सक्रिय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों को फोन करके रंगदारी माँगी जा रही है और मना करने वालों पर हमले हो रहे हैं। उनका कहना था, 'लोग जिंदा रहने के लिए राज्य सरकार के साथ-साथ माफिया को भी टैक्स दे रहे हैं।' चुघ ने आरोप लगाया कि AAP के अधिकारियों, विधायकों और मंत्रियों के राजनीतिक दबाव के चलते पंजाब का पुलिस बल बेअसर होकर रह गया है।
पुलिस थानों पर हमले और सुरक्षा संकट
चुघ ने दावा किया कि राज्य के 23 पुलिस थानों पर ग्रेनेड से हमले हो चुके हैं और पंजाब पुलिस मुख्यालय पर रॉकेट लॉन्चर से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर है कि अब थानों के चारों ओर टीन और जालीदार दीवारें खड़ी की जा रही हैं ताकि अंदर ग्रेनेड न फेंके जा सकें। उनके अनुसार, पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को लिखित निर्देश दिए हैं कि वे वर्दी पहनकर घर न जाएं — एक ऐसा कदम जिसे चुघ ने पुलिस बल के भीतर व्याप्त भय का प्रमाण बताया।
ड्रग माफिया पर गंभीर इल्जाम
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने ड्रग माफिया के सामने 'घुटने टेक दिए हैं'। उन्होंने कहा कि हर गली, हर मोहल्ले और हर गांव में खुलेआम नशा बिक रहा है और भगवंत मान नेतृत्व वाला प्रशासन इसकी सप्लाई चेन तोड़ने में पूरी तरह नाकाम रहा है। उल्लेखनीय है कि नशे की समस्या पर सख्त कार्रवाई का वादा AAP के 2022 के चुनाव अभियान का केंद्रीय मुद्दा था।
मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत निशाना
चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि 'पंजाब जल रहा है और वे परिवार के साथ विदेश जाकर पर्यटन का आनंद उठा रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को राज्य की जनता की कोई चिंता नहीं है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आगामी स्थानीय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है।
आगे क्या
आलोचकों का कहना है कि चुघ के ये आरोप राजनीतिक प्रेरित हो सकते हैं और AAP सरकार इन दावों को निराधार बताती रही है। फिलहाल भगवंत मान सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पंजाब में कानून व्यवस्था और ड्रग समस्या राज्य की राजनीति का केंद्रीय मुद्दा बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस पर विधानसभा में भी तीखी बहस संभावित है।