नसीरुद्दीन शाह के 'दिमागी नक्सल' बयान पर अशोक पंडित का पलटवार — 'नशा छोड़ें, डॉक्टर से मिलें'
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने 29 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के हालिया विवादास्पद बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पंडित ने आरोप लगाया कि शाह का आचरण 'बेकाबू' हो चुका है और उन्हें चिकित्सीय सहायता की ज़रूरत है। यह विवाद उस वीडियो के सामने आने के बाद भड़का जिसमें नसीरुद्दीन शाह ने कथित तौर पर 'दिमागी नक्सल' लिखा बैज पहनकर सरकार की आलोचना की थी।
अशोक पंडित ने क्या कहा
अशोक पंडित ने एक विशेष बातचीत में कहा, 'मुझे कोई हैरानी या झटका नहीं लगा है, क्योंकि पिछले एक साल या उससे अधिक समय से, नसीरुद्दीन शाह लगातार अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने सारी मर्यादाएं और शिष्टाचार खो दिए हैं।' उन्होंने आगे कहा कि शाह का यह रवैया केवल प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि वे कई著名 हस्तियों पर भी टिप्पणी कर चुके हैं।
पंडित ने अनुपम खेर, शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन और सुभाष घई सहित कई नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि शाह ने इन सभी को 'भला-बुरा' कहा है। उनके अनुसार, 'यह एक तरह की मनोवैज्ञानिक समस्या है।'
नसीरुद्दीन शाह पर 'अर्बन नक्सल' का आरोप
अशोक पंडित ने सीधे नसीरुद्दीन शाह को संबोधित करते हुए कहा, 'मिस्टर नसीरुद्दीन शाह, आप 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का हिस्सा हैं। आप एक 'अर्बन नक्सल' गैंग से जुड़े हैं।' उन्होंने यह भी दावा किया कि शाह की यह 'एकतरफा सक्रियता' किसी राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नसीरुद्दीन शाह अपने राजनीतिक बयानों को लेकर विवादों में आए हों — वे पूर्व में भी असहिष्णुता और धार्मिक माहौल को लेकर खुलकर बोलते रहे हैं।
बॉलीवुड और राजनीति के चौराहे पर विवाद
पंडित ने शाह की उस कथित निराशा का भी उल्लेख किया जो उनके अनुसार 'द केरल स्टोरी', 'द कश्मीर फाइल्स' और 'धुरंधर' जैसी फिल्मों की व्यावसायिक सफलता से जुड़ी है। उनका तर्क था कि जिस सिनेमाई विचारधारा से शाह खुद को जोड़ते हैं, उसे अब दर्शकों का वैसा समर्थन नहीं मिल रहा, और इसी 'असुरक्षा' से उनकी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में वैचारिक ध्रुवीकरण को लेकर बहस लगातार तेज़ हो रही है और राष्ट्रवादी विषयों पर बनी फिल्मों की सफलता ने उद्योग में नई बहस छेड़ दी है।
बंगाल चुनाव और हिंदुओं के पलायन का ज़िक्र
अशोक पंडित ने बंगाल चुनाव परिणामों का भी हवाला दिया और कहा कि कथित तौर पर हिंदुओं को असम की ओर पलायन करना पड़ा था, और लोग तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के रवैये से 'परेशान' थे। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह से सीधा सवाल किया कि क्या उन्होंने इस पर कभी कोई बयान दिया। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
आगे क्या हो सकता है
नसीरुद्दीन शाह की ओर से अभी तक अशोक पंडित के इन बयानों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बॉलीवुड में यह वाद-विवाद नई बहस को जन्म दे सकता है, क्योंकि दोनों पक्षों के समर्थक सोशल मीडिया पर पहले से ही अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। यह देखना होगा कि क्या यह विवाद उद्योग में और व्यापक होता है या इसी तरह की प्रतिक्रियाओं तक सीमित रहता है।