29 अक्टूबर 2026
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पंजाब BJP के सुनील जाखड़ ने राज्यपाल को पत्र लिखा, जल्द चुनाव और आचार संहिता लागू करने की मांग

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पंजाब BJP के सुनील जाखड़ ने राज्यपाल को पत्र लिखा, जल्द चुनाव और आचार संहिता लागू करने की मांग

सारांश

पंजाब BJP नेता सुनील जाखड़ ने राज्यपाल को पत्र लिखकर चुनाव आयोग से आदर्श आचार संहिता तत्काल लागू करने की सिफारिश माँगी। बिगड़ती कानून-व्यवस्था, नशा माफिया और खुलेआम हत्याओं का हवाला देते हुए उन्होंने AAP सरकार पर सुनियोजित रणनीति के तहत राज्य को अस्थिर करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

सुनील जाखड़ ने 29 अक्टूबर 2026 को पंजाब के राज्यपाल को पत्र लिखकर आदर्श आचार संहिता तत्काल लागू करने की सिफारिश माँगी।
जाखड़ ने अमृतसर , लुधियाना , मानसा समेत लगभग हर जिले में खुलेआम हत्याओं और ड्रग माफिया के बढ़ते आतंक का हवाला दिया।
अबोहर की वार्षिक नशा-विरोधी मैराथन को इस वर्ष सरकार ने लिखित आदेश से रद्द किया — BJP ने इसे बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रमाण बताया।
जाखड़ ने AAP नेता मनीष सिसोदिया के कथित बयान का हवाला देते हुए पार्टी पर चुनाव जीतने के लिए 'हर हथकंडे' अपनाने का आरोप लगाया।
BJP ने ऐलान किया कि वह जल्द ही भारत निर्वाचन आयोग से औपचारिक रूप से संपर्क करेगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पंजाब इकाई के नेता सुनील जाखड़ ने 29 अक्टूबर 2026 को पंजाब के राज्यपाल को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से राज्य में जल्द से जल्द आदर्श आचार संहिता (मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट) लागू करने की सिफारिश करें। जाखड़ ने पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को इस माँग का आधार बताया और कहा कि शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह कदम अभी से उठाना जरूरी है।

मुख्य घटनाक्रम

राज्य BJP के पूर्व प्रमुख जाखड़ ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि पार्टी जल्द ही निर्वाचन आयोग से सीधे संपर्क करेगी और शीघ्र विधानसभा चुनाव कराने तथा आचार संहिता लागू करने की माँग रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार और अधिक समय तक सत्ता में रही, तो बिना भय के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना असंभव हो जाएगा।

उन्होंने अबोहर में नशा-विरोधी मैराथन का उदाहरण दिया, जो वर्षों से आयोजित होती रही है और जिसमें हजारों युवा भाग लेते थे। उनके अनुसार, इस बार सरकार ने लिखित आदेश देकर यह मैराथन रद्द कर दी और कारण बताया कि राज्य का माहौल तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति इस आयोजन के अनुकूल नहीं है।

कानून-व्यवस्था पर गंभीर आरोप

जाखड़ ने आरोप लगाया कि पंजाब के अमृतसर, तरनतारन, खेमकरण, गुरदासपुर, हरगोबिंदपुर, मानसा, अबोहर, संगरूर और लुधियाना समेत लगभग हर जिले और कस्बे में खुलेआम हत्याएँ हो रही हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर नशे की लत युवाओं की जान ले रही है, तो दूसरी ओर ड्रग माफिया इतना बेखौफ हो गया है कि नशे के विरुद्ध आवाज उठाने वालों को कथित तौर पर गोलियों से चुप करा दिया जा रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नशे से जान गँवाने वाले युवाओं के परिजनों के दुख-दर्द को भी सुनने की बजाय, कथित तौर पर पुलिस शवों को जबरन ले जाती है। उनके अनुसार, जो भी नशे के विरुद्ध विरोध करता है, उसे या तो पुलिस दमन का सामना करना पड़ता है या उसे मजबूर किया जाता है।

AAP सरकार पर लक्षित आरोप

जाखड़ ने इन हालात के लिए AAP सरकार की कथित सुनियोजित रणनीति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने खुद स्वीकार किया था कि पार्टी चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडा अपनाएगी — चाहे वह मनाना हो, प्रलोभन देना हो, दंड देना हो, समाज को बाँटना हो, टकराव पैदा करना हो, या झूठ-सच का सहारा लेना हो। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी रणनीति के तहत सरकार ने आज्ञाकारी अधिकारियों को नियुक्त किया और अपराधियों तथा गैंगस्टरों को पार्टी में शामिल करने या उन्हें संरक्षण देने का काम किया।

जाखड़ ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय स्वयं भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है और पंजाब इस नीति का खामियाजा भुगत रहा है। उल्लेखनीय है कि ये सभी आरोप BJP की ओर से लगाए गए हैं और AAP सरकार की प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं हुई।

क्या होगा आगे

BJP के अनुसार, पार्टी शीघ्र ही निर्वाचन आयोग के समक्ष औपचारिक रूप से अर्जी दाखिल करेगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ रहा है। विपक्ष का यह कदम चुनाव-पूर्व दबाव की राजनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे सिरे से नजरअंदाज करना भी आसान नहीं है — पंजाब में नशे और गैंगवार की समस्या वास्तविक है और दशकों पुरानी, जिसे किसी एक दल विशेष पर थोपना सरलीकरण होगा। जाखड़ के आरोप अभी एकपक्षीय हैं और AAP की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है, इसलिए इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। असली सवाल यह है कि क्या निर्वाचन आयोग किसी एक विपक्षी दल की माँग पर चुनाव-कार्यक्रम को प्रभावित करेगा — जो संवैधानिक दृष्टि से असंभव के करीब है। यह घटनाक्रम बताता है कि पंजाब की राजनीतिक जमीन एक बार फिर गर्म हो रही है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील जाखड़ ने राज्यपाल को पत्र क्यों लिखा?
जाखड़ ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वे निर्वाचन आयोग को आदर्श आचार संहिता जल्द लागू करने की सिफारिश करें। इसके पीछे उनका तर्क है कि पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के कारण शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराना मुश्किल हो जाएगा।
पंजाब में BJP किन मुद्दों पर AAP सरकार को घेर रही है?
BJP ने नशा माफिया का बढ़ता आतंक, खुलेआम हत्याएँ, नशा-विरोधी मैराथन पर प्रतिबंध और कथित पुलिस दमन को प्रमुख मुद्दे बनाया है। जाखड़ ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भ्रष्टाचार का केंद्र बताते हुए AAP सरकार पर सुनियोजित तरीके से राज्य को कमजोर करने का आरोप लगाया है।
क्या निर्वाचन आयोग BJP की माँग पर जल्दी चुनाव करा सकता है?
निर्वाचन आयोग संविधान के तहत स्वतंत्र संस्था है और चुनाव का समय निर्धारण उसका विशेषाधिकार है। किसी एक राजनीतिक दल की माँग पर आयोग चुनाव कार्यक्रम बदलता नहीं है; हालाँकि BJP ने कहा है कि वह आयोग से औपचारिक रूप से संपर्क करेगी।
अबोहर की नशा-विरोधी मैराथन क्यों रद्द हुई?
जाखड़ के अनुसार, राज्य सरकार ने लिखित आदेश देकर इस वर्ष अबोहर की वार्षिक नशा-विरोधी मैराथन की अनुमति रद्द कर दी। सरकार ने कारण बताया कि खराब कानून-व्यवस्था के कारण यह आयोजन संभव नहीं है। BJP ने इसे बिगड़ते हालात का प्रमाण बताया।
मनीष सिसोदिया पर जाखड़ ने क्या आरोप लगाया?
जाखड़ ने दावा किया कि AAP नेता मनीष सिसोदिया ने कथित तौर पर स्वीकार किया था कि पार्टी चुनाव जीतने के लिए मनाने, प्रलोभन, दंड, समाज में बँटवारा और टकराव समेत हर तरह के हथकंडे अपनाएगी। ये आरोप BJP की ओर से लगाए गए हैं और AAP की तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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