पंजाब BJP के सुनील जाखड़ ने राज्यपाल को पत्र लिखा, जल्द चुनाव और आचार संहिता लागू करने की मांग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पंजाब इकाई के नेता सुनील जाखड़ ने 29 अक्टूबर 2026 को पंजाब के राज्यपाल को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से राज्य में जल्द से जल्द आदर्श आचार संहिता (मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट) लागू करने की सिफारिश करें। जाखड़ ने पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को इस माँग का आधार बताया और कहा कि शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह कदम अभी से उठाना जरूरी है।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य BJP के पूर्व प्रमुख जाखड़ ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि पार्टी जल्द ही निर्वाचन आयोग से सीधे संपर्क करेगी और शीघ्र विधानसभा चुनाव कराने तथा आचार संहिता लागू करने की माँग रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार और अधिक समय तक सत्ता में रही, तो बिना भय के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना असंभव हो जाएगा।
उन्होंने अबोहर में नशा-विरोधी मैराथन का उदाहरण दिया, जो वर्षों से आयोजित होती रही है और जिसमें हजारों युवा भाग लेते थे। उनके अनुसार, इस बार सरकार ने लिखित आदेश देकर यह मैराथन रद्द कर दी और कारण बताया कि राज्य का माहौल तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति इस आयोजन के अनुकूल नहीं है।
कानून-व्यवस्था पर गंभीर आरोप
जाखड़ ने आरोप लगाया कि पंजाब के अमृतसर, तरनतारन, खेमकरण, गुरदासपुर, हरगोबिंदपुर, मानसा, अबोहर, संगरूर और लुधियाना समेत लगभग हर जिले और कस्बे में खुलेआम हत्याएँ हो रही हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर नशे की लत युवाओं की जान ले रही है, तो दूसरी ओर ड्रग माफिया इतना बेखौफ हो गया है कि नशे के विरुद्ध आवाज उठाने वालों को कथित तौर पर गोलियों से चुप करा दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नशे से जान गँवाने वाले युवाओं के परिजनों के दुख-दर्द को भी सुनने की बजाय, कथित तौर पर पुलिस शवों को जबरन ले जाती है। उनके अनुसार, जो भी नशे के विरुद्ध विरोध करता है, उसे या तो पुलिस दमन का सामना करना पड़ता है या उसे मजबूर किया जाता है।
AAP सरकार पर लक्षित आरोप
जाखड़ ने इन हालात के लिए AAP सरकार की कथित सुनियोजित रणनीति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने खुद स्वीकार किया था कि पार्टी चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडा अपनाएगी — चाहे वह मनाना हो, प्रलोभन देना हो, दंड देना हो, समाज को बाँटना हो, टकराव पैदा करना हो, या झूठ-सच का सहारा लेना हो। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी रणनीति के तहत सरकार ने आज्ञाकारी अधिकारियों को नियुक्त किया और अपराधियों तथा गैंगस्टरों को पार्टी में शामिल करने या उन्हें संरक्षण देने का काम किया।
जाखड़ ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय स्वयं भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है और पंजाब इस नीति का खामियाजा भुगत रहा है। उल्लेखनीय है कि ये सभी आरोप BJP की ओर से लगाए गए हैं और AAP सरकार की प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं हुई।
क्या होगा आगे
BJP के अनुसार, पार्टी शीघ्र ही निर्वाचन आयोग के समक्ष औपचारिक रूप से अर्जी दाखिल करेगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ रहा है। विपक्ष का यह कदम चुनाव-पूर्व दबाव की राजनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।