पंजाब में कानून-व्यवस्था बदहाल, AAP सरकार वादे पूरे करने में नाकाम: हरियाणा CM नायब सैनी
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 31 मई 2026 को कपूरथला में मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कांग्रेस और AAP को एक ही विचारधारा का हिस्सा बताते हुए दोनों दलों पर एक साथ निशाना साधा।
म्युनिसिपल चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल
सैनी ने पंजाब में हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने का निर्णय इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार को पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी हार का भय है। उनके अनुसार, कथित तौर पर कानून-व्यवस्था से समझौता किए जाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
गैंगस्टर गतिविधियाँ और नशे की समस्या
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों और आपराधिक तत्वों की सक्रियता बढ़ने से आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना गहरी हो गई है। उन्होंने AAP सरकार के 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह मुहिम ज़मीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम देने में नाकाम रही है। आलोचकों का कहना है कि नशे की रोकथाम के ठोस उपायों की जगह प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता दी जा रही है।
हरियाणा मॉडल से तुलना
सैनी ने हरियाणा की डबल इंजन सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को राज्य की चिरायु योजना के साथ जोड़कर लाखों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद वर्गों के लिए निःशुल्क इलाज सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता रही है।
BJP की पंजाब में राजनीतिक रणनीति
सैनी ने दावा किया कि पंजाब की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विकास-केंद्रित नीतियों पर तेजी से भरोसा करने लगी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पंजाब की जनता भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता में लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के बीच तेज होती जा रही हैं।
आगे क्या
सैनी के इस हमले के बाद AAP और कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। गौरतलब है कि यह बयान पंजाब में नगर निकाय चुनाव परिणामों के बाद आया है, जिससे राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। विश्लेषकों के अनुसार, BJP का पंजाब में जनाधार बढ़ाने का प्रयास अगले चुनावी चक्र में निर्णायक परीक्षा से गुजरेगा।