दिल्ली LG टीएस संधू ने व्यापार सुगमता सुधारों के दूसरे चरण की समीक्षा की, 'दिल्ली ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस बिल 2026' जल्द पारित करने पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय राजधानी में नागरिकों और व्यापारियों पर अनुपालन का बोझ कम करने तथा नियमों में ढील देने के उद्देश्य से चल रहे सुधार अभियान के दूसरे चरण की विस्तृत समीक्षा की। इस पहल का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'व्यापार करने में आसानी और जीवन जीने में आसानी' के दृष्टिकोण को ज़मीनी स्तर पर लागू करना है।
मुख्य घटनाक्रम
उपराज्यपाल संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (X) पर लिखा, 'मैंने दिल्ली में नियमों में ढील देने और अनुपालन कम करने के प्रयास के दूसरे चरण की समीक्षा की, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'व्यापार करने में आसानी और जीवन जीने में आसानी' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया जा सके।'
संधू ने लालफीताशाही घटाने और त्वरित, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित शासन के लिए 'निषिद्ध होने तक अनुमति' (Permitted Unless Prohibited) ढाँचे को लागू करने की बात कही। इसके लिए उन्होंने दिल्ली व्यापार करने में आसानी विधेयक, 2026 को शीघ्र पारित कराने पर बल दिया।
विभागों को निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे इस सुधार प्रक्रिया को शीघ्र और कुशलतापूर्वक पूरा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक सुधार से दिल्लीवासियों के जीवन में वास्तविक सुगमता आनी चाहिए — अनुमोदन प्रक्रिया तेज़ हो, अनावश्यक लालफीताशाही समाप्त हो, और व्यवस्था आम नागरिक के हित में कारगर हो।
दिल्ली पुलिस के साथ समीक्षा बैठक
इसी दिन उपराज्यपाल संधू ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के साथ भी एक अलग बैठक की। इस बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू की जा रही सामुदायिक पुलिसिंग पहलों, जनकल्याण मंचों और लक्षित सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई।
बैठक में कमजोर जनसांख्यिकीय समूहों — विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और महिला यात्रियों — के लिए संस्थागत समर्थन को मज़बूत करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा पर विशेष जोर
संधू ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के कामकाज, उपयोग और परिचालन दक्षता की समीक्षा की। उन्होंने बुजुर्ग निवासियों के साथ नियमित संपर्क, पंजीकरण और प्रत्यक्ष जुड़ाव का जायज़ा लिया।
उपराज्यपाल ने त्वरित शिकायत निवारण, सशक्त आपातकालीन सहायता और स्थानीय पुलिस कर्मियों द्वारा नियमित आवधिक दौरों की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि दिल्ली भर में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और उनका पुलिस पर विश्वास सुनिश्चित हो सके। संधू ने यह भी निर्देश दिया कि वरिष्ठ नागरिकों की संख्या का गहन पुनर्मूल्यांकन किया जाए और मोबाइल एप्लिकेशन को तदनुसार विस्तारित किया जाए।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में नई निर्वाचित सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय के बीच प्रशासनिक सुधारों की गति पर नज़र रखी जा रही है। दिल्ली व्यापार करने में आसानी विधेयक, 2026 के पारित होने की समयसीमा अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन उपराज्यपाल के जोर देने से इसके शीघ्र विधानसभा में प्रस्तुत होने के संकेत मिलते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 'निषिद्ध होने तक अनुमति' का ढाँचा, यदि प्रभावी ढंग से लागू हो, तो छोटे और मझोले व्यापारियों के लिए अनुपालन लागत में उल्लेखनीय कमी ला सकता है।