असम विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति गठित, उपाध्यक्ष डॉ. हब्बे टेरोन बने अध्यक्ष
सारांश
मुख्य बातें
असम विधानसभा ने 22 अक्टूबर 2026 से प्रभावी 'सदस्य सुविधा समिति' का औपचारिक गठन किया है, जिसमें उपाध्यक्ष डॉ. हब्बे टेरोन को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह समिति 'असम विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ते, सुविधाएं और पेंशन अधिनियम, 2018' की धारा 8(1) के तहत गठित की गई है। विधानसभा सचिव राजीव भट्टाचार्य द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना के ज़रिये इस पैनल को संस्थागत रूप दिया गया है।
समिति की संरचना और सदस्य
डॉ. टेरोन की अध्यक्षता में इस समिति में नौ अन्य विधायक शामिल हैं — मनाब डेका, उत्पल बोरा, सुरेन फुकन, डॉ. मृदुल कुमार दत्ता, अब्दुस सोबाहन अली सरकार, अखिल गोगोई, मानेश्वर ब्रह्मा, जिबेश रॉय और मो. बदरुद्दीन अजमल। इनमें विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमियों के विधायक शामिल हैं, जो समिति की व्यापक प्रतिनिधित्व-आधारित संरचना को दर्शाता है।
गौरतलब है कि अखिल गोगोई और मो. बदरुद्दीन अजमल जैसे नेता, जो सत्तारूढ़ गठबंधन से बाहर की राजनीतिक धाराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, को भी इस समिति में स्थान दिया गया है — जो विधानसभा की परंपरागत सर्वदलीय समिति-निर्माण प्रक्रिया के अनुरूप है।
समिति की नियुक्ति का विधायी आधार
असम विधानसभा की कार्यप्रणाली और कामकाज के नियमों के नियम 198(1) के तहत विधानसभा अध्यक्ष ने डॉ. टेरोन को इस समिति का सभापति नियुक्त किया है। डॉ. टेरोन राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित अमरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और वर्तमान में असम विधानसभा के उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब विधानसभा सदस्यों की सुविधाओं और भत्तों को लेकर कई राज्यों में संस्थागत स्तर पर पुनरावलोकन की प्रक्रिया चल रही है।
समिति का कार्यक्षेत्र और अवधि
इस समिति का कार्यकाल 22 अक्टूबर 2026 से एक वर्ष का निर्धारित किया गया है, या तब तक जब तक नियमों के अनुसार कोई नई समिति गठित न हो जाए। समिति का कार्यक्षेत्र विधायकों को मिलने वाले वेतन, भत्तों, सुविधाओं और पेंशन से जुड़े उन मामलों से है जो लागू प्रावधानों के अधीन आते हैं।
असम विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि यह समिति मौजूदा कानूनी प्रावधानों के दायरे में काम करेगी और संबंधित नीतिगत मामलों की समीक्षा करने में सक्षम होगी।
आगे क्या
नवगठित समिति से अपेक्षा है कि वह अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप विधायकों की सुविधाओं से जुड़े लंबित मुद्दों की पड़ताल करे और अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करे। समिति की पहली बैठक की तारीख़ अभी अधिसूचित नहीं हुई है, लेकिन कार्यकाल की शुरुआत हो चुकी है।