29 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

असम विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति गठित, उपाध्यक्ष डॉ. हब्बे टेरोन बने अध्यक्ष

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
असम विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति गठित, उपाध्यक्ष डॉ. हब्बे टेरोन बने अध्यक्ष

सारांश

असम विधानसभा ने 22 अक्टूबर 2026 से प्रभावी 'सदस्य सुविधा समिति' का गठन किया है। उपाध्यक्ष डॉ. हब्बे टेरोन को अध्यक्ष और नौ अन्य विधायकों को सदस्य बनाया गया है। यह समिति विधायकों के वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े मामलों की देखरेख करेगी।

मुख्य बातें

असम विधानसभा ने 22 अक्टूबर 2026 से प्रभावी 'सदस्य सुविधा समिति' का गठन किया।
हब्बे टेरोन (अमरी विधानसभा क्षेत्र) को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
समिति में 10 सदस्य हैं, जिनमें मनाब डेका, अखिल गोगोई, मो.
बदरुद्दीन अजमल सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायक शामिल हैं।
समिति 'असम विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ते, सुविधाएं और पेंशन अधिनियम, 2018' की धारा 8(1) के तहत गठित की गई है।
समिति का कार्यकाल एक वर्ष या नई समिति गठित होने तक रहेगा।

असम विधानसभा ने 22 अक्टूबर 2026 से प्रभावी 'सदस्य सुविधा समिति' का औपचारिक गठन किया है, जिसमें उपाध्यक्ष डॉ. हब्बे टेरोन को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह समिति 'असम विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ते, सुविधाएं और पेंशन अधिनियम, 2018' की धारा 8(1) के तहत गठित की गई है। विधानसभा सचिव राजीव भट्टाचार्य द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना के ज़रिये इस पैनल को संस्थागत रूप दिया गया है।

समिति की संरचना और सदस्य

डॉ. टेरोन की अध्यक्षता में इस समिति में नौ अन्य विधायक शामिल हैं — मनाब डेका, उत्पल बोरा, सुरेन फुकन, डॉ. मृदुल कुमार दत्ता, अब्दुस सोबाहन अली सरकार, अखिल गोगोई, मानेश्वर ब्रह्मा, जिबेश रॉय और मो. बदरुद्दीन अजमल। इनमें विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमियों के विधायक शामिल हैं, जो समिति की व्यापक प्रतिनिधित्व-आधारित संरचना को दर्शाता है।

गौरतलब है कि अखिल गोगोई और मो. बदरुद्दीन अजमल जैसे नेता, जो सत्तारूढ़ गठबंधन से बाहर की राजनीतिक धाराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, को भी इस समिति में स्थान दिया गया है — जो विधानसभा की परंपरागत सर्वदलीय समिति-निर्माण प्रक्रिया के अनुरूप है।

समिति की नियुक्ति का विधायी आधार

असम विधानसभा की कार्यप्रणाली और कामकाज के नियमों के नियम 198(1) के तहत विधानसभा अध्यक्ष ने डॉ. टेरोन को इस समिति का सभापति नियुक्त किया है। डॉ. टेरोन राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित अमरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और वर्तमान में असम विधानसभा के उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब विधानसभा सदस्यों की सुविधाओं और भत्तों को लेकर कई राज्यों में संस्थागत स्तर पर पुनरावलोकन की प्रक्रिया चल रही है।

समिति का कार्यक्षेत्र और अवधि

इस समिति का कार्यकाल 22 अक्टूबर 2026 से एक वर्ष का निर्धारित किया गया है, या तब तक जब तक नियमों के अनुसार कोई नई समिति गठित न हो जाए। समिति का कार्यक्षेत्र विधायकों को मिलने वाले वेतन, भत्तों, सुविधाओं और पेंशन से जुड़े उन मामलों से है जो लागू प्रावधानों के अधीन आते हैं।

असम विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि यह समिति मौजूदा कानूनी प्रावधानों के दायरे में काम करेगी और संबंधित नीतिगत मामलों की समीक्षा करने में सक्षम होगी।

आगे क्या

नवगठित समिति से अपेक्षा है कि वह अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप विधायकों की सुविधाओं से जुड़े लंबित मुद्दों की पड़ताल करे और अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करे। समिति की पहली बैठक की तारीख़ अभी अधिसूचित नहीं हुई है, लेकिन कार्यकाल की शुरुआत हो चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन समिति की संरचना में सर्वदलीय प्रतिनिधित्व — विशेषकर विपक्षी विधायकों को शामिल करना — विधायिका की संस्थागत साख के लिए सकारात्मक संकेत है। डॉ. हब्बे टेरोन को अध्यक्ष बनाने का निर्णय पहाड़ी क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को भी रेखांकित करता है। असली परीक्षा यह होगी कि यह समिति विधायकों की सुविधाओं पर पारदर्शिता के साथ काम करती है या केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति क्या है?
यह असम विधानसभा की एक संसदीय समिति है जो 'असम विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ते, सुविधाएं और पेंशन अधिनियम, 2018' की धारा 8(1) के तहत गठित की गई है। इसका काम विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं और भत्तों से जुड़े मामलों की देखरेख करना है।
डॉ. हब्बे टेरोन कौन हैं और उन्हें क्यों अध्यक्ष बनाया गया?
डॉ. हब्बे टेरोन असम विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं और अमरी विधानसभा क्षेत्र (पहाड़ी क्षेत्र) का प्रतिनिधित्व करते हैं। विधानसभा के नियम 198(1) के तहत अध्यक्ष ने उन्हें इस समिति का सभापति नियुक्त किया है।
इस समिति का कार्यकाल कब तक है?
समिति का कार्यकाल 22 अक्टूबर 2026 से एक वर्ष का है, या तब तक रहेगा जब तक नियमों के अनुसार कोई नई समिति गठित नहीं हो जाती।
समिति में कौन-कौन से विधायक शामिल हैं?
डॉ. हब्बे टेरोन के अलावा समिति में मनाब डेका, उत्पल बोरा, सुरेन फुकन, डॉ. मृदुल कुमार दत्ता, अब्दुस सोबाहन अली सरकार, अखिल गोगोई, मानेश्वर ब्रह्मा, जिबेश रॉय और मो. बदरुद्दीन अजमल शामिल हैं। इनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि हैं।
यह अधिसूचना किसने जारी की?
यह अधिसूचना असम विधानसभा सचिवालय ने जारी की है और इस पर विधानसभा सचिव राजीव भट्टाचार्य ने हस्ताक्षर किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले