चक्रवात 'अर्नब': आंध्र प्रदेश में 7 मौतें, ₹4,600 करोड़ के नुकसान का अनुमान — सीएम नायडू
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को बताया कि चक्रवात 'अर्नब' के कारण राज्य में सात लोगों की मौत हो गई है और प्रारंभिक आकलन के अनुसार ₹4,600 करोड़ का नुकसान हुआ है। चक्रवात बुधवार को तट से टकराया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने चेतावनी दी कि विस्तृत आकलन के बाद नुकसान का यह आँकड़ा और बढ़ सकता है।
सर्वाधिक प्रभावित जिले और जमीनी स्थिति
बीआर अंबेडकर कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री नायडू ने गचकयालापोरा गाँव में राहत केंद्रों का निरीक्षण किया और चक्रवात पीड़ितों से सीधे बातचीत की। उन्होंने बताया कि अकेले कोनसीमा जिले में लगभग 8,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं और सड़क संपर्क बहाल करने के लिए बुधवार रात से ही गिरे पेड़ों को हटाने का काम जारी है।
रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) के माध्यम से श्रीकाकुलम से कृष्णा जिले तक राहत कार्यों का समन्वय किया जा रहा है। लगभग 30,000 अधिकारियों को तैनात किया गया था।
केंद्र सरकार को सूचना, केंद्रीय टीमें करेंगी दौरा
मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधे बात कर चक्रवात से हुए नुकसान और राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। केंद्र को नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट भी सौंपी जा चुकी है। उन्होंने घोषणा की कि नुकसान का समग्र आकलन करने के लिए केंद्रीय टीमें शुक्रवार को राज्य का दौरा करेंगी।
राहत एवं मुआवजे की घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने राहत पैकेज की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि राहत शिविरों से लौटने वाले परिवारों को 25 किलो चावल, आवश्यक वस्तुओं का एक पैकेट और तत्काल खर्चों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रत्येक क्षतिग्रस्त नारियल और ताड़ के पेड़ के लिए ₹1,500 का मुआवजा घोषित किया गया है।
किसान पहले से ही फसल बीमा योजना के अंतर्गत आते हैं। नायडू ने कहा कि नुकसान का आकलन होते ही कृषि और बागवानी फसलों के लिए मुआवजा सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा किया जाएगा।
बिजली बहाली के लिए पड़ोसी राज्यों से सहयोग
नायडू ने बताया कि तेलंगाना सरकार से 1,000 बिजली कर्मियों को भेजने का अनुरोध किया गया है। ज़रूरत पड़ने पर कर्नाटक और तमिलनाडु से भी तकनीकी टीमें मँगाई जाएंगी। दूरसंचार सेवाएँ और बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल करने का आश्वासन दिया गया।
ऐतिहासिक संदर्भ: आंध्र प्रदेश और चक्रवातों का इतिहास
मुख्यमंत्री नायडू ने याद दिलाया कि आंध्र प्रदेश अतीत में हुदहुद, तितली, मोंथा जैसे कई विनाशकारी चक्रवातों का सामना कर चुका है। लगभग 70 साल पहले दिवीसीमा चक्रवात ने हजारों लोगों की जान ली थी। गौरतलब है कि 6 नवंबर को तीस साल पहले भी एक भयंकर चक्रवात ने इसी क्षेत्र में तबाही मचाई थी। उन्होंने कहा, 'पिछली आपदाओं से सबक लेते हुए हमने एहतियाती उपाय लागू किए और जानमाल के नुकसान को काफी हद तक कम किया। तमाम सावधानियों के बावजूद, दुर्भाग्य से सात लोगों की जान चली गई, जो बेहद दुखद है।'
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में प्राकृतिक आपदा प्रबंधन ढाँचे को लेकर सुधारों की माँग जारी है। केंद्रीय टीमों के दौरे और विस्तृत आकलन के बाद राहत की अगली कड़ी तय होगी।