चक्रवात अर्नब: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की समीक्षा बैठक, 10 जगहों पर पेड़ गिरे, ट्रेनें सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
चक्रवात अर्नब के मद्देनज़र केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जमीनी स्थिति का आकलन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि 10 स्थानों पर पेड़ गिरने जैसी छोटी-मोटी रुकावटें तुरंत दूर कर दी गई हैं और ट्रेनों का संचालन सुरक्षित बनाए रखने के लिए हालात पर करीबी नज़र रखी जा रही है।
रेल मंत्री का एक्स पर बयान
वैष्णव ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'साइक्लोन अर्नब के बाद बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जमीनी हालात की समीक्षा की। 10 जगहों पर पेड़ गिरने जैसी छोटी-मोटी दिक्कतों को तुरंत ठीक कर दिया गया। ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और आसान बनाए रखने के लिए हालात पर करीब से नज़र रखी जा रही है।' यह बयान इस बात का स्पष्ट संकेत है कि केंद्र सरकार रेल नेटवर्क पर चक्रवात के असर को लेकर सजग है।
आंध्र प्रदेश में नुकसान और राहत कार्य
आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब का सर्वाधिक असर देखा गया। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय दल भेजने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य के 14 जिलों में 16 एनडीआरएफ और 11 एसडीआरएफ टीमें तैनात हैं, और 28,000 से अधिक लोगों को पुनर्वास केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है।
प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार 180 घरों, 70,900 हेक्टेयर धान की फसलों और 10,450 हेक्टेयर बागवानी फसलों को क्षति पहुँची है, जबकि 220 से अधिक पेड़ सड़कों पर गिर गए। अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी के मरने की पुष्टि नहीं हुई है।
डॉ. बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिले के कलेक्टर डॉ. आर. महेश कुमार ने आम जनता से अपील की है कि बुधवार दोपहर तक बिना किसी अत्यावश्यक कारण के घरों से बाहर न निकलें।
उत्तर प्रदेश में अलर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से 28 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच तेज़ बारिश और तूफानी हवाओं की संभावना को देखते हुए अधिकारियों को मौसम पर नज़र रखने, राहत एवं बचाव की तैयारी सुनिश्चित करने, जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और फसलों व पशुओं की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रव्यापी अलर्ट और तैयारी
चक्रवात अर्नब को लेकर देश के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की अनेक टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए पहले से तैनात हैं। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और बहाली कार्य तेज़ी से जारी है।
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के बाद की अवधि में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र सक्रिय रहते हैं और पूर्वी तट पर चक्रवाती मौसम का खतरा बना रहता है। आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होने पर केंद्रीय दल नुकसान का पूरा आकलन करेंगे।