चक्रवात 'अर्नब' से पहले नायडू का ऐलान: 2,199 आश्रय स्थल तैयार, NDRF-SDRF की 22 टीमें तैनात
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को कहा कि भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के बुधवार को राज्य के तट से टकराने की आशंका के मद्देनजर 'हर जीवन की रक्षा सरकार की सर्वोपरि प्राथमिकता है।' मुख्यमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में जानकारी दी कि उन्होंने सुबह से स्थिति की चार बार समीक्षा की है और जिला कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
तैयारियों का पूरा ब्यौरा
नायडू ने बताया कि राज्य में 2,199 चक्रवात आश्रय स्थलों की पहचान की जा चुकी है और निकासी योजना में बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगजनों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। अब तक 2,360 गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सुविधाओं में स्थानांतरित किया जा चुका है।
राहत एवं बचाव के मोर्चे पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 12 टीमें और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 10 टीमें प्रभावित जिलों में तैनात की गई हैं। पुलिस, अग्निशमन सेवाएं और चिकित्सा दल सक्रिय हैं, जबकि नौसेना और तटरक्षक बल सहायता के लिए तत्पर हैं।
आपूर्ति और बिजली व्यवस्था
भोजन, पेयजल, दवाइयों और जनरेटर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। तूफान के बाद त्वरित बिजली बहाली के लिए 8,400 से अधिक बिजली बहाली कर्मियों को तैनात किया गया है। नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय हैं।
उच्चस्तरीय निगरानी
मुख्यमंत्री नायडू के साथ रियल टाइम गवर्नेंस मंत्री नारा लोकेश और गृह मंत्री वंगलपुडी अनीता स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) राज्यभर में चौबीसों घंटे जिला प्रशासनों के साथ समन्वय बनाए हुए है और महत्वपूर्ण सूचनाओं को संबंधित अधिकारियों तक तत्काल पहुँचाने का काम कर रही है।
नागरिकों से अपील
नायडू ने नागरिकों से शांत और सतर्क रहते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्देश मिलते ही तुरंत निर्धारित आश्रय स्थलों पर जाएं, अनावश्यक यात्रा से बचें और समुद्र तटों, नदी किनारों, बाढ़ के पानी तथा गिरी हुई बिजली की तारों से दूर रहें। मछुआरों को आधिकारिक अनुमति मिलने तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। उन्होंने लोगों से अफवाहें न फैलाने और कमज़ोर पड़ोसियों की मदद करने की भी अपील की।
राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है और आंध्र प्रदेश प्रशासन चक्रवात के लैंडफॉल के बाद त्वरित राहत कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार है।