खड़गे के बयान पर भाजपा नेता नाजिया इलाही खान का हमला, देशभर में एफआईआर दर्ज करने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता नाजिया इलाही खान ने 27 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के कालीघाट मंदिर में मां काली के दर्शन किए और उसके बाद कई राजनीतिक मुद्दों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में की गई कथित अनुचित टिप्पणी पर उन्होंने माँग की कि खड़गे के विरुद्ध देशभर में एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
कालीघाट दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था
नाजिया इलाही खान ने बताया कि एयरपोर्ट पर उतरने के तुरंत बाद उन्हें व्यापक सुरक्षा इंतजाम देखने को मिले, जिससे उन्हें भरोसा हुआ कि राज्य में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को भी धमकी मिली थी और शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क का नाम वॉट्सऐप पर उनके संदर्भ में सामने आया था। इसी कारण वे एयरपोर्ट से सीधे मां काली के दर्शन को पहुँचीं और वहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दीर्घायु और सुरक्षित जीवन के लिए प्रार्थना की।
खान ने कहा कि राष्ट्रभक्त महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है और उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार में कानून-व्यवस्था को संवैधानिक दायरे में संभालने की दिशा में काम हो रहा है।
खड़गे के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया और एफआईआर की माँग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री मोदी को लेकर दिए गए कथित बयान पर नाजिया इलाही खान ने कहा कि कांग्रेस से ऐसी भाषा की उन्हें पहले से उम्मीद थी। उनके अनुसार, जो दल भगवान राम को काल्पनिक बताता है, उससे मर्यादित भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
खान ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति हैं और उनके बारे में की गई अनुचित टिप्पणी केवल व्यक्ति का नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था और लोकतांत्रिक व्यवस्था की गरिमा का अपमान है। उन्होंने माँग की कि खड़गे के विरुद्ध देशभर में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और एनकाउंटर
पश्चिम बंगाल में हो रहे एनकाउंटर को लेकर भाजपा नेता ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की कार्रवाई का उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई, एनकाउंटर और कानून-व्यवस्था के तरीके की प्रशंसा की जाती थी और अब पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल रही है।
खान ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में दुष्कर्म पीड़िताओं के चरित्र पर सवाल उठाए जाते थे और उन्हें प्रेम संबंध या गर्भावस्था से जोड़कर निशाना बनाया जाता था। उन्होंने कहा कि केवल पाँच महीने की मौजूदा सरकार में पुलिस और प्रशासन के कामकाज में आया बदलाव महत्वपूर्ण है।
महुआ मोइत्रा-निशिकांत दुबे विवाद पर रुख
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे से जुड़े विवाद पर खान ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार के दौरान उन्होंने मां काली के संबंध में महुआ मोइत्रा की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की थी।
उन्होंने निशिकांत दुबे के फैसले का समर्थन करते हुए माँग की कि महुआ मोइत्रा के विरुद्ध पहले से दायर मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए जोड़ा जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। खान के अनुसार, महुआ मोइत्रा की टिप्पणियाँ एक महिला और भारतीय नागरिक के रूप में मर्यादा के अनुरूप नहीं थीं।
कुणाल घोष मामले पर प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष के आवास पर पुलिस पहुँचने के सवाल पर नाजिया इलाही खान ने कहा कि इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि ममता बनर्जी की सरकार के दौरान उनके (खान के) विरुद्ध एक ही दिन में 71 एफआईआर दर्ज हुई थीं और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुँचे थे।
उन्होंने कहा कि उस मामले में उन्होंने दिल्ली में कांवड़ यात्रा को लेकर बात की थी, जबकि एफआईआर पश्चिम बंगाल में दर्ज हुई थी। खान ने कुणाल घोष के पुराने जेल अनुभव का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया से गुजरने में परेशानी नहीं होनी चाहिए और सोशल मीडिया पर लिखी गई बातों का पूरा विवरण देना चाहिए अथवा कानूनी कार्रवाई का सामना करना चाहिए। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक तनाव चरम पर है।