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खड़गे के बयान पर भाजपा की शिकायत: चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग

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खड़गे के बयान पर भाजपा की शिकायत: चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादास्पद बयानों पर भाजपा ने चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज की है। शिकायत में सांप्रदायिक नफरत फैलाने का आरोप लगाया गया है। जानें पूरी खबर में क्या कहा गया।

मुख्य बातें

खड़गे के बयान ने विवाद पैदा किया।
भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
बयान को सांप्रदायिक नफरत का आरोपित किया गया।
चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की गई।
खड़गे के बयान का चुनाव पर असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादास्पद बयानों के खिलाफ चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज की गई है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि खड़गे ने मुस्लिम मतदाताओं के सामने सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले और उत्तेजक बयान दिए, जिसमें उन्होंने संघ और भाजपा की तुलना 'जहरीले सांप' से की।

भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र में कहा कि यह बयान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन है और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। असम विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा और मतगणना 4 मई को की जाएगी। ऐसे में चुनाव से एक दिन पहले दिए गए इस बयान को सांप्रदायिक शांति के लिए खतरा बताया गया है।

खड़गे ने रैली में कहा, "अगर आप नमाज पढ़ रहे हैं और जहरीला सांप आ जाए तो नमाज छोड़कर उसे मार डालो; यह कुरान में कहा गया है।" शिकायत में उनके इस बयान को सांप्रदायिक उकसावा कहा गया है। धार्मिक ग्रंथ का राजनीतिक हथियार बनाना, विरोधी दल को हिंसा का निशाना बताना, और मुस्लिम मतदाताओं की धार्मिक भावनाओं का चुनावी लाभ के लिए दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि खड़गे ने इसी तरह के बयान महाराष्ट्र (2024) और कर्नाटक (2023) चुनावों में भी दिए थे, जिससे सांप्रदायिक उत्तेजना का पैटर्न साबित होता है।

इस शिकायत में एमसीसी के पैरा 3 के विभिन्न प्रावधानों का हवाला दिया गया है, जिसमें धर्म के नाम पर अपील, सांप्रदायिक तनाव बढ़ाना और विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाने पर रोक है। साथ ही बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की गई है।

इसी तरह, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धाराओं के तहत इसे 'भ्रष्ट आचरण' बताया गया है, जो चुनाव रद्द होने का आधार बन सकता है। धार्मिक संस्थाओं के दुरुपयोग निवारण अधिनियम 1988 और आईटी एक्ट के प्रावधानों का भी उल्लंघन माना गया है।

शिकायतकर्ताओं ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि कांग्रेस और खड़गे को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए, विवादित बयान वापस लिया जाए और सार्वजनिक माफी मांगी जाए। साथ ही खड़गे और कांग्रेस पर प्रचार प्रतिबंध लगाया जाए। असम पुलिस और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए जाएं कि बीएनएस और आरपी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से वीडियो क्लिप हटाई जाएं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इससे चुनावी वातावरण भी प्रभावित हो सकता है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने खड़गे के खिलाफ शिकायत क्यों की?
भाजपा का आरोप है कि खड़गे ने सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले बयान दिए हैं, जो आचार संहिता का उल्लंघन है।
खड़गे का बयान क्या था?
खड़गे ने कहा था कि अगर नमाज पढ़ते समय जहरीला सांप आ जाए तो नमाज छोड़कर उसे मार डालना चाहिए।
चुनाव आयोग ने इस पर क्या कार्रवाई की है?
भाजपा ने चुनाव आयोग से खड़गे और कांग्रेस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
क्या खड़गे के बयान का चुनाव पर असर पड़ेगा?
हां, इस बयान से चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है।
क्या खड़गे के बयान पर कोई कानूनी कार्रवाई हुई है?
भाजपा ने बीएनएस और एमसीसी के तहत कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
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