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भारत और मालदीव ने मिलकर किया विशेष समुद्री सैन्य अभ्यास

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भारत और मालदीव ने मिलकर किया विशेष समुद्री सैन्य अभ्यास

सारांश

भारत और मालदीव के नौसैनिकों ने एक विशेष समुद्री सैन्य अभ्यास किया, जिसमें भारतीय जहाज आईएनएस सुनयना और मालदीव का जहाज गाजी शामिल थे। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करता है।

मुख्य बातें

आईएनएस सुनयना और गाजी का समुद्री अभ्यास 16 मित्र देशों के नौसैनिकों की भागीदारी संयुक्त प्रशिक्षण और सहयोग पर चर्चा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भारत-मालदीव के बीच मजबूत होते समुद्री संबंध

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत और मालदीव के नौसैनिकों ने एक विशेष समुद्री सैन्य अभ्यास का आयोजन किया। इस अभ्यास में भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस सुनयना भी शामिल रहा। वहीं, मालदीव की तरफ से उनका समुद्री जहाज ‘गाजी’ इस अभियान में भागीदार रहा।

भारतीय नौसेना के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल और समन्वय को और अधिक सशक्त बनाना था। भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस सुनयना हाल ही में मालदीव के माले पहुंचा था। इस भारतीय जहाज ने अपनी ऑपरेशनल तैनाती के पहले चरण के तहत माले में प्रवेश किया। भारतीय नौसैनिक दल की यह महत्वपूर्ण यात्रा आईओएस सागर पहल के अंतर्गत रही। इस जहाज पर न केवल भारत के, बल्कि 16 मित्र देशों के नौसैनिक भी मौजूद थे। इस बहुराष्ट्रीय दल में मालदीव के सैनिक भी शामिल हैं।

आईएनएस सुनयना अब मालदीव की राजधानी माले के बंदरगाह से अपनी आगे की यात्रा प्रारंभ कर चुका है। यह यात्रा भारत और मालदीव के बीच बढ़ते समुद्री संबंधों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के बीच अनेक महत्वपूर्ण पेशेवर गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जहाज के प्रस्थान के समय यह विशेष समुद्री अभ्यास भी संपन्न हुआ, जिसमें मालदीव तटरक्षक बल का जहाज गाजी शामिल था।

आईओएस सागर के कमांडिंग अधिकारी कमांडर सिद्धार्थ चौधरी ने इस अवसर पर मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के प्रमुख मेजर जनरल इब्राहिम हिल्मी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और तटरक्षक बल के कमांडेंट ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद सलीम से बातचीत की। इन चर्चाओं में संयुक्त प्रशिक्षण, आपसी सहयोग और भविष्य में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

भारतीय नौसेना का यह जहाज, जिसमें 16 मित्र देशों के नौसैनिक शामिल हैं, एक बहुराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक बन गया है। सभी ने मालदीव के अधिकारियों के साथ बातचीत कर अपने अनुभव साझा किए, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समुद्री सहयोग को बढ़ावा मिला।

नौसेना के अनुसार, यह यात्रा केवल सैन्य गतिविधियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम भी शामिल थे। भारतीय नौसेना और मालदीव के जवानों के बीच खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिससे आपसी भाईचारा और समझ को और मजबूती मिली। आईओएस सागर का यह दौरा भारत और मालदीव के बीच गहरे समुद्री संबंधों को दर्शाता है। यह दोनों देशों की क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग की साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस सुनयना क्या है?
आईएनएस सुनयना भारतीय नौसेना का एक प्रमुख युद्धपोत है, जो समुद्री अभियानों में शामिल होता है।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल और समन्वय को बढ़ाना था।
इस अभ्यास में कौन-कौन से जहाज शामिल थे?
इस अभ्यास में भारतीय जहाज आईएनएस सुनयना और मालदीव का जहाज गाजी शामिल था।
आईओएस सागर पहल का क्या महत्व है?
आईओएस सागर पहल क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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