आपदा प्रबंधन को नई ताकत: 410 करोड़ रुपए की 31 योजनाओं को मिली मंजूरी, किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा
सारांश
Key Takeaways
- 410 करोड़ रुपए की 31 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
- मुख्य सचिव ने प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश दिया।
- बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा दिया जाएगा।
लखनऊ, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में आपदा प्रबंधन प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए 410 करोड़ रुपए की 31 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश देते हुए प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की कार्यकारिणी समिति की बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जाए, ताकि आपदा प्रबंधन की क्षमता को और मजबूत किया जा सके।
उन्होंने बैठक में कहा कि असामयिक प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सभी विभागों को सतर्क रहना चाहिए और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे आम जनता को न्यूनतम नुकसान हो। इसके साथ ही, बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। स्वीकृत परियोजनाओं में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए 34.75 करोड़ रुपए, अयोध्या में बाढ़ शरणालय के निर्माण के लिए 19.31 लाख रुपए और वाराणसी के घाटों पर फ्लोटिंग बैरियर के निर्माण के लिए 5.28 करोड़ रुपए शामिल हैं।
इसके अलावा, बाढ़ प्रभावित 44 जनपदों की तहसीलों में रबराइज्ड मोटर बोट खरीदने के लिए 40 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। विद्यालयों में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, जन जागरूकता और ग्राम स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाएं तैयार करने के लिए 43.45 करोड़ रुपए की योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। डूबने से होने वाली घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से ‘बाल तरणवीर’ कार्यक्रम के लिए 7.5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, नगर निगम कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए 5.18 करोड़, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के लिए 14.62 करोड़ और होमगार्ड्स के प्रशिक्षण के लिए 8.23 करोड़ रुपए की योजनाओं को भी हरी झंडी दी गई। बैठक की शुरुआत में प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू. ने सभी 31 परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया, जिसके बाद समिति ने इन्हें अनुमोदन प्रदान किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।