उत्तरकाशी में जनगणना-2027 की शुरुआत, डीएम-एडीएम ने किया स्व-गणना पंजीकरण

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उत्तरकाशी में जनगणना-2027 की शुरुआत, डीएम-एडीएम ने किया स्व-गणना पंजीकरण

सारांश

उत्तरकाशी में जनगणना-2027 का औपचारिक आरंभ हो गया है, जिसमें शीर्ष अधिकारियों ने स्व-गणना प्रक्रिया पूरी की। यह कदम नागरिकों को जागरूक करने और उनकी जिम्मेदारी को बताने के लिए महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • उत्तरकाशी में जनगणना-2027 का आरंभ हुआ।
  • डीएम और एडीएम ने खुद स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी की।
  • स्व-गणना के दौरान नागरिकों को अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने का अवसर मिलेगा।
  • इस प्रक्रिया से पारदर्शिता और सटीकता बढ़ेगी।
  • सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस अभियान में सक्रिय भाग लें।

उत्तरकाशी, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जनपद उत्तरकाशी में देश की बहुप्रतीक्षित भारत की जनगणना-2027 की प्रक्रिया का औपचारिक आरंभ शुक्रवार को किया गया। पहले चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) के तहत जिला प्रशासन ने स्व-गणना प्रणाली को सक्रिय करके इसकी शुरुआत स्वयं शीर्ष अधिकारियों के माध्यम से की, जिससे आम जनता में इस राष्ट्रीय अभियान के प्रति जागरूकता और विश्वास बढ़ाने का प्रयास किया गया।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र ने शुक्रवार को जनगणना के आधिकारिक पोर्टल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज कर स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया को पूरा किया। प्रशासन की इस पहल को प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह संदेश दिया गया कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इस मौके पर जिलाधिकारी ने जनपद के सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे स्वयं स्व-गणना कर उदाहरण प्रस्तुत करें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

प्रशासन के अनुसार उत्तराखंड में जनगणना-2027 का पहला चरण 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रगणक घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करेंगे। इससे पहले आम नागरिकों को 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना का अवसर दिया गया है। इस अवधि में नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल पर पंजीकरण के दौरान परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर, भाषा और निवास संबंधी विवरण दर्ज करने के बाद एक विशेष 'एसई आईडी' जारी की जाएगी, जिसका उपयोग बाद में प्रगणक द्वारा सत्यापन के लिए किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्व-गणना की यह व्यवस्था पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल जनगणना की प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि आंकड़ों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। साथ ही यह डिजिटल माध्यम नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर देकर उन्हें इस प्रक्रिया में सीधे भागीदार बनाता है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जनपद के सभी नागरिकों, प्रबुद्धजनों और गणमान्य व्यक्तियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व में सक्रिय भूमिका निभाएं और 24 अप्रैल तक अधिक से अधिक संख्या में स्व-गणना करें। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में जब प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर सत्यापन के लिए पहुंचें, तो उन्हें सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि जनगणना का उद्देश्य सफल हो सके।

जनगणना-2027 को लेकर उत्तरकाशी में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि स्व-गणना में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित होती है, तो यह न केवल कार्य को गति देगा बल्कि आने वाले समय में विकास योजनाओं के लिए सटीक और विश्वसनीय आंकड़े भी उपलब्ध कराएगा।

Point of View

बल्कि यह नागरिकों की भागीदारी को भी दर्शाता है। यह प्रक्रिया नागरिकों के लिए अपनी जानकारी दर्ज करने का एक अवसर है, जो भविष्य में विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े प्रदान करेगी।
NationPress
20/04/2026

Frequently Asked Questions

जनगणना-2027 का पहला चरण कब शुरू होगा?
जनगणना-2027 का पहला चरण 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक संचालित होगा।
स्व-गणना क्या है?
स्व-गणना एक प्रक्रिया है जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करते हैं।
जनगणना में नागरिकों की भूमिका क्या है?
नागरिकों की भूमिका यह है कि वे सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें ताकि जनगणना का उद्देश्य सफल हो सके।
स्व-गणना का लाभ क्या है?
स्व-गणना से प्रक्रिया में पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता सुनिश्चित होती है।
क्या स्व-गणना में कोई विशेष पहचान नंबर मिलेगा?
हाँ, स्व-गणना के दौरान परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर और अन्य विवरण दर्ज करने के बाद एक विशेष 'एसई आईडी' जारी की जाएगी।
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