जनगणना 2027: गुजरात में डिजिटल स्व-गणना अभियान से 60,000 से अधिक नागरिक जुड़े, मुख्य सचिव एमके दास ने खुद भरा फॉर्म

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जनगणना 2027: गुजरात में डिजिटल स्व-गणना अभियान से 60,000 से अधिक नागरिक जुड़े, मुख्य सचिव एमके दास ने खुद भरा फॉर्म

सारांश

जनगणना 2027 के लिए गुजरात में डिजिटल स्व-गणना की शुरुआत उत्साहजनक रही — 60,000 से अधिक नागरिक जुड़ चुके हैं। मुख्य सचिव एमके दास सहित वरिष्ठ नेताओं ने खुद पोर्टल पर विवरण दर्ज किया। 2021 की स्थगित जनगणना के बाद यह पहला बड़ा डिजिटल कदम है।

मुख्य बातें

गुजरात में जनगणना 2027 के लिए डिजिटल स्व-गणना अभियान में अब तक 60,000 से अधिक नागरिक भाग ले चुके हैं।
मुख्य सचिव एमके दास ने 19 मई को स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर परिवार का विवरण दर्ज कर अभियान में हिस्सेदारी की।
विधानसभा उपसभापति पूर्णेश मोदी और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मनीषा वकील ने भी स्व-गणना पूरी की।
यह अभियान पारंपरिक घर-घर डेटा संग्रह की जगह डिजिटल विकल्प प्रदान करता है, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक होने की उम्मीद है।
जनगणना 2027 , 2011 के बाद भारत की पहली पूर्ण जनगणना होगी — 2021 की गणना कोविड के कारण स्थगित रही थी।

गुजरात में केंद्र सरकार के जनगणना 2027 के लिए शुरू किए गए डिजिटल स्व-गणना अभियान में अब तक 60,000 से अधिक नागरिक भाग ले चुके हैं। मुख्य सचिव एमके दास ने मंगलवार, 19 मई को स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार का विवरण दर्ज कर इस अभियान में हिस्सेदारी की और प्रक्रिया को 'बेहद सरल और पारदर्शी' बताया। यह पहल पारंपरिक घर-घर जाकर डेटा संग्रह की पद्धति का डिजिटल विकल्प है।

अभियान की प्रक्रिया और सुविधा

केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल के ज़रिए नागरिक घर बैठे अपने परिवार की जनगणना-संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से जमा कर सकते हैं। यह सुविधा जनगणना प्रक्रिया में जनभागीदारी बढ़ाने और डेटा संग्रह को अधिक सटीक बनाने के उद्देश्य से लाई गई है। दास ने कहा कि इस डिजिटल सुविधा के कारण जनसंख्या जनगणना की पूरी प्रक्रिया भविष्य में 'बहुत तेज और अधिक सटीक' होगी।

वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं की भागीदारी

राज्य विधानसभा के उपसभापति पूर्णेश मोदी ने भी अभियान के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार का विवरण जमा कर स्व-गणना पूरी की। इसी क्रम में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मनीषा वकील ने भी पोर्टल का उपयोग करते हुए अपनी स्व-गणना दर्ज की। वकील ने नागरिकों से इस राष्ट्रव्यापी अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि 'सभी नागरिकों को देश भर में चलाए जा रहे स्व-गणना अभियान में अपना सहयोग देना चाहिए।'

सरकारी कर्मचारियों से अपील

मुख्य सचिव दास ने राज्य भर के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस अभियान में भाग लेने और व्यापक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुजरात में इस अभियान को 'उत्साहजनक प्रतिक्रिया' मिली है और 60,000 से अधिक नागरिक अब तक इस सेवा का लाभ उठा चुके हैं।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि जनगणना 2027 भारत में वर्ष 2011 के बाद पहली पूर्ण जनगणना होगी — 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। डिजिटल स्व-गणना का यह प्रयोग जनगणना की कार्यप्रणाली में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। यह देखना अहम होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर यह अभियान कितनी व्यापक भागीदारी जुटा पाता है और क्या अन्य राज्य भी गुजरात जैसी उत्साहजनक प्रतिक्रिया दर्ज करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 की भागीदारी प्रभावशाली लगती है, लेकिन राज्य की कुल आबादी लगभग 7 करोड़ है — यानी यह संख्या अभी एक प्रतीकात्मक शुरुआत भर है। असली परीक्षा तब होगी जब डिजिटल पहुँच से वंचित ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में इस पोर्टल की उपयोगिता आँकी जाएगी। 2021 की जनगणना पहले ही चार साल की देरी से चल रही है, और डिजिटल स्व-गणना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार डिजिटल साक्षरता की खाई को कैसे पाटती है — अन्यथा यह सुविधा केवल शहरी और शिक्षित वर्ग तक सीमित रह जाएगी।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना 2027 के लिए डिजिटल स्व-गणना अभियान क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया ऑनलाइन पोर्टल है, जिसके ज़रिए नागरिक घर बैठे अपने परिवार की जनगणना-संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से जमा कर सकते हैं। यह पारंपरिक घर-घर जाकर डेटा संग्रह की पद्धति का विकल्प है।
गुजरात में कितने लोग इस अभियान से जुड़े हैं?
मुख्य सचिव एमके दास के अनुसार, 19 मई तक गुजरात में 60,000 से अधिक नागरिक डिजिटल स्व-गणना पोर्टल पर अपना विवरण दर्ज कर चुके हैं।
जनगणना 2027 क्यों महत्त्वपूर्ण है?
जनगणना 2027, वर्ष 2011 के बाद भारत की पहली पूर्ण जनगणना होगी, क्योंकि 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। सटीक जनसंख्या आँकड़े सरकारी योजनाओं, बजट आवंटन और नीति-निर्माण की नींव होते हैं।
डिजिटल स्व-गणना में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए?
गुजरात के मुख्य सचिव एमके दास, विधानसभा उपसभापति पूर्णेश मोदी और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मनीषा वकील ने ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार का विवरण दर्ज कर स्व-गणना पूरी की।
क्या डिजिटल स्व-गणना अनिवार्य है?
स्रोत जानकारी के अनुसार यह अभियान स्वैच्छिक भागीदारी पर आधारित है। मुख्य सचिव दास ने सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों से इसमें भाग लेने की अपील की है, लेकिन इसे अनिवार्य घोषित किए जाने की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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