जनगणना 2027: गुजरात में डिजिटल स्व-गणना अभियान से 60,000 से अधिक नागरिक जुड़े, मुख्य सचिव एमके दास ने खुद भरा फॉर्म
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात में केंद्र सरकार के जनगणना 2027 के लिए शुरू किए गए डिजिटल स्व-गणना अभियान में अब तक 60,000 से अधिक नागरिक भाग ले चुके हैं। मुख्य सचिव एमके दास ने मंगलवार, 19 मई को स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार का विवरण दर्ज कर इस अभियान में हिस्सेदारी की और प्रक्रिया को 'बेहद सरल और पारदर्शी' बताया। यह पहल पारंपरिक घर-घर जाकर डेटा संग्रह की पद्धति का डिजिटल विकल्प है।
अभियान की प्रक्रिया और सुविधा
केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल के ज़रिए नागरिक घर बैठे अपने परिवार की जनगणना-संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से जमा कर सकते हैं। यह सुविधा जनगणना प्रक्रिया में जनभागीदारी बढ़ाने और डेटा संग्रह को अधिक सटीक बनाने के उद्देश्य से लाई गई है। दास ने कहा कि इस डिजिटल सुविधा के कारण जनसंख्या जनगणना की पूरी प्रक्रिया भविष्य में 'बहुत तेज और अधिक सटीक' होगी।
वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं की भागीदारी
राज्य विधानसभा के उपसभापति पूर्णेश मोदी ने भी अभियान के तहत ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार का विवरण जमा कर स्व-गणना पूरी की। इसी क्रम में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मनीषा वकील ने भी पोर्टल का उपयोग करते हुए अपनी स्व-गणना दर्ज की। वकील ने नागरिकों से इस राष्ट्रव्यापी अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि 'सभी नागरिकों को देश भर में चलाए जा रहे स्व-गणना अभियान में अपना सहयोग देना चाहिए।'
सरकारी कर्मचारियों से अपील
मुख्य सचिव दास ने राज्य भर के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस अभियान में भाग लेने और व्यापक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुजरात में इस अभियान को 'उत्साहजनक प्रतिक्रिया' मिली है और 60,000 से अधिक नागरिक अब तक इस सेवा का लाभ उठा चुके हैं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि जनगणना 2027 भारत में वर्ष 2011 के बाद पहली पूर्ण जनगणना होगी — 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। डिजिटल स्व-गणना का यह प्रयोग जनगणना की कार्यप्रणाली में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। यह देखना अहम होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर यह अभियान कितनी व्यापक भागीदारी जुटा पाता है और क्या अन्य राज्य भी गुजरात जैसी उत्साहजनक प्रतिक्रिया दर्ज करते हैं।