राजस्थान को WHO का विश्व तंबाकू निषेध दिवस पुरस्कार 2026, दक्षिण-पूर्व एशिया में मिली मान्यता
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में 2025-26 के दौरान तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में राजस्थान की उल्लेखनीय उपलब्धियों को मान्यता देते हुए प्रदान किया गया है। यह राज्य के लिए एक ऐतिहासिक वैश्विक स्वीकृति है, जो 'तंबाकू मुक्त राजस्थान' अभियान की व्यापक सफलता को रेखांकित करती है।
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान जन स्वास्थ्य, प्रभावी नीति कार्यान्वयन और 'तंबाकू मुक्त राजस्थान' के निर्माण के प्रति राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों, विशेषकर युवाओं को तंबाकू सेवन के हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए लगातार ठोस और परिणामोन्मुखी कदम उठा रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर ने कहा कि राजस्थान ने तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में देश भर में एक आदर्श मॉडल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य ने तंबाकू छोड़ने के उपचार और परामर्श सेवाओं का व्यापक विस्तार किया है, जिससे लाखों लोगों को लाभ हुआ है।
ज़मीनी ढाँचा: 500+ केंद्र, 83,000 स्कूल
वर्तमान में राजस्थान भर में 500 से अधिक तंबाकू छोड़ने के उपचार एवं परामर्श केंद्र सक्रिय हैं, जिनकी सेवाएँ ब्लॉक स्तर तक विस्तृत हैं। इन केंद्रों को भौगोलिक रूप से टैग किया गया है और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से एकीकृत किया गया है, ताकि नागरिक निकटतम सुविधा केंद्र तक आसानी से पहुँच सकें।
इसके साथ ही, राज्य भर के 83,000 से अधिक स्कूलों में 'तंबाकू मुक्त विद्यालय' दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है — यह कदम भावी पीढ़ी को तंबाकू की लत से दूर रखने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
कानूनी प्रवर्तन और डिजिटल जागरूकता
राज्य सरकार ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 तथा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 के अंतर्गत प्रभावी प्रवर्तन अभियान चलाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से तंबाकू निषेध से संबंधित 60,000 से अधिक संदेश, अपडेट और जनसंपर्क गतिविधियाँ प्रसारित की गई हैं।
गौरतलब है कि यह पुरस्कार ऐसे समय में आया है जब भारत में तंबाकू सेवन से जुड़ी बीमारियाँ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। राजस्थान का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है।
आगे की राह
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर के अनुसार, सरकार आने वाले वर्षों में व्यापक जन जागरूकता अभियानों और कड़े प्रवर्तन उपायों के ज़रिये तंबाकू नियंत्रण आंदोलन को और मज़बूत करना जारी रखेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मान्यता को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, ज़िला प्रशासन, स्वास्थ्यकर्मियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण बताया।