सांगली में कचरे के विवाद से डबल मर्डर: फरीद शेख के हमले में पति-पत्नी मोहन व मनीषा केसरकर की मौत
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के सांगली जिले के कुपवाड़ इलाके में एकささいな पड़ोसी विवाद ने दोहरी हत्या का रूप ले लिया। श्याम नगर शांति कॉलोनी में दरवाजे पर कूड़ा फेंकने को लेकर हुई बहस में संदिग्ध आरोपी फरीद अब्दुल शेख ने 45 वर्षीय मोहन नागप्पा केसरकर और उनकी 35 वर्षीय पत्नी मनीषा मोहन केसरकर पर जानलेवा हमला किया। मनीषा केसरकर की घटनास्थल के निकट ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मोहन केसरकर का मिराज सरकारी अस्पताल में उपचार चल रहा था — मंगलवार को इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई, जिससे यह मामला अब डबल मर्डर केस बन गया है।
घटनाक्रम: कैसे बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार यह घटना शनिवार की है। कुपवाड़ की श्याम नगर शांति कॉलोनी में रहने वाले मोहन केसरकर और उनके पड़ोसी — मूलरूप से वानलेसवाड़ी के रहने वाले — फरीद अब्दुल शेख के बीच दरवाजे पर कचरा फेंकने को लेकर बहस शुरू हुई। बहस बढ़ने पर फरीद शेख ने पति-पत्नी दोनों पर हमला कर दिया, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मनीषा केसरकर की हमले के बाद मौत हो गई और मोहन केसरकर को मिराज सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मोहन केसरकर की अस्पताल में मौत
अस्पताल में भर्ती मोहन केसरकर की हालत शुरू से गंभीर बनी रही। मंगलवार को उपचार के दौरान उनकी भी मृत्यु की पुष्टि हो गई। इस तरह एक ही परिवार के दोनों सदस्यों की जान चली गई और यह मामला सांगली का चर्चित डबल मर्डर केस बन गया। गौरतलब है कि इस तरह की पड़ोसी-विवाद से उपजी हिंसा की घटनाएँ महाराष्ट्र में पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन इस मामले में दोनों पीड़ितों की मौत ने इसे और अधिक गंभीर बना दिया है।
गिरफ्तारी और जनाक्रोश
पुलिस ने संदिग्ध आरोपी फरीद अब्दुल शेख को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। मोहन केसरकर की मृत्यु की खबर मिलते ही मिराज सरकारी अस्पताल में रिश्तेदारों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजन और इलाके के लोग आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और मृत्युदंड सहित कड़ी-से-कड़ी सजा देने की माँग कर रहे हैं। इलाके में तनाव और गुस्से का माहौल बना हुआ है।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार मामले की जाँच जारी है और आरोपी फरीद अब्दुल शेख हिरासत में है। मोहन केसरकर की मौत के बाद मामले में धाराएँ और सख्त हो सकती हैं। परिजनों की माँग है कि न्याय प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो और दोषी को जल्द से जल्द सजा मिले।