सांगली में कूड़ा विवाद बना जानलेवा: पड़ोसी के हमले में दंपति की मौत, आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के सांगली जिले के कुपवाड़ क्षेत्र में 18 अगस्त 2026 को घर के दरवाजे पर कूड़ा फेंकने को लेकर हुए मामूली विवाद ने दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पड़ोसी फरीद अब्दुल शेख ने कथित तौर पर मनीषा मोहन केसरकर और उनके पति मोहन केसरकर पर जानलेवा हमला किया, जिसमें पत्नी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और पति ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
घटनाक्रम: कैसे बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार, कुपवाड़ इलाके में पड़ोसियों के बीच घर के दरवाजे पर कूड़ा फेंकने को लेकर पहले से तनाव था। 18 अगस्त को यह विवाद हिंसक रूप ले गया, जब आरोपी फरीद अब्दुल शेख ने कथित तौर पर दंपति पर हमला कर दिया। मनीषा केसरकर की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मोहन केसरकर को तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मंगलवार को अस्पताल में उपचार के दौरान मोहन केसरकर ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह यह मामला अब औपचारिक रूप से दोहरे हत्याकांड में बदल गया है।
पुलिस कार्रवाई
सांगली पुलिस ने आरोपी फरीद अब्दुल शेख को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जाँच जारी है और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हत्या के आरोप में विधिवत प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। जाँच अधिकारी घटनास्थल के साक्ष्य और गवाहों के बयान जुटा रहे हैं।
परिजनों और स्थानीय लोगों का विरोध
पीड़ित दंपति के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी अस्पताल पहुँचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने माँग की कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए और उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। स्थानीय नेताओं ने भी पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता जताई।
व्यापक संदर्भ: पड़ोसी विवादों में बढ़ती हिंसा
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पड़ोसी विवादों से जुड़ी हिंसा की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। गौरतलब है कि पिछले महीने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में संपत्ति विवाद को लेकर एक दंपति की कथित तौर पर उनके ही बेटों ने हत्या कर दी थी — उस मामले में दीपक और ललित नाम के दो भाइयों को हिरासत में लिया गया था। जाँच अधिकारियों के अनुसार, उन आरोपियों ने माता-पिता को मारा-पीटा, दम घोंटने की कोशिश की और बाद में तौलिये से गला दबाकर हत्या की। वह घटना उस समय हुई थी जब दंपति ने कुछ घंटे पहले ही बड़े बेटे के जन्मदिन पर कीर्तन का आयोजन किया था।
सांगली की यह घटना दर्शाती है कि छोटे-से विवाद किस तरह घातक परिणाम तक पहुँच सकते हैं, और पड़ोस-स्तरीय संघर्ष निवारण तंत्र की कितनी ज़रूरत है।
आगे क्या
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में आरोप-पत्र दाखिल किया जाएगा। परिजनों की फास्ट ट्रैक सुनवाई की माँग को लेकर स्थानीय प्रशासन से बात की जा रही है।