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विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2025: योगी, भजनलाल, मोहन यादव समेत कई मुख्यमंत्रियों ने की तंबाकू छोड़ने की अपील

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विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2025: योगी, भजनलाल, मोहन यादव समेत कई मुख्यमंत्रियों ने की तंबाकू छोड़ने की अपील

सारांश

विश्व धूम्रपान निषेध दिवस पर 31 मई 2025 को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार के शीर्ष नेताओं ने एक्स पर तंबाकू त्यागने का आह्वान किया — राजनीतिक नेतृत्व का एक साझा सार्वजनिक स्वास्थ्य संदेश।

मुख्य बातें

31 मई 2025 को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने तंबाकू-विरोधी अपील की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तंबाकू को असाध्य बीमारियों और आर्थिक-सामाजिक नुकसान का कारण बताया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वस्थ जीवनशैली को राष्ट्र-निर्माण से जोड़ा।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी एक्स पर संदेश साझा किए।
बिहार के मंत्री विश्व विजय कुमार सिन्हा ने 'नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें' का नारा दिया।

विश्व धूम्रपान निषेध दिवस पर 31 मई 2025 को देशभर में तंबाकू और धूम्रपान के खतरों के प्रति जागरूकता अभियान तेज हो गया, जब कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने नागरिकों से तंबाकू त्यागने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार के नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश साझा किए।

मुख्यमंत्रियों के संदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि तंबाकू का सेवन न केवल असाध्य बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि यह परिवार पर गंभीर आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाव भी डालता है। उन्होंने लोगों से संकल्प लेने और दूसरों को भी तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर कहा कि तंबाकू न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि परिवार और समाज की खुशियों को भी प्रभावित करता है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली को एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र निर्माण की बुनियाद बताया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट किया कि तंबाकू और धूम्रपान अनेक गंभीर बीमारियों की जड़ हैं, और इस दिवस का उद्देश्य लोगों को स्वयं दूर रहने के साथ-साथ दूसरों को भी प्रेरित करना है।

उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की भागीदारी

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा कि यह दिवस स्वस्थ जीवन और जागरूक समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को धूम्रपान के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करने की अपील की।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक्स पर कहा, 'जीवन सुंदर है, इसे तंबाकू की लत से दूषित न होने दें।' उन्होंने नागरिकों से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने का आग्रह किया।

बिहार सरकार के मंत्री विश्व विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर 'नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें' के नारे के साथ परिवार, मित्रों और समाज के साथ मिलकर नशामुक्त जीवन की शपथ लेने का आह्वान किया।

विश्व धूम्रपान निषेध दिवस का महत्व

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आह्वान पर प्रतिवर्ष 31 मई को यह दिवस मनाया जाता है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब भारत में तंबाकू-जनित बीमारियाँ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। आंकड़ों के अनुसार, तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग और श्वसन संबंधी बीमारियों का प्रमुख कारण है।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध और तंबाकू उत्पादों पर चेतावनी लेबल जैसे कदम उठाए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जन-जागरूकता अभियानों की निरंतरता ज़रूरी है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

नेताओं की इस सामूहिक अपील को सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, राजनीतिक नेतृत्व द्वारा सार्वजनिक संदेश देने से नागरिकों पर व्यवहार-परिवर्तन का असर पड़ सकता है। आने वाले समय में राज्य सरकारों से तंबाकू-नियंत्रण कार्यक्रमों को ज़मीनी स्तर पर और मज़बूत करने की अपेक्षा की जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि इन संदेशों के पीछे ठोस नीतिगत कदम कितने हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश — तीनों राज्यों में तंबाकू उत्पादन और खपत दोनों उल्लेखनीय हैं, फिर भी राज्य स्तरीय तंबाकू-नियंत्रण बजट और प्रवर्तन की स्थिति पर ये नेता मौन रहते हैं। सोशल मीडिया पर जागरूकता और ज़मीनी नीति-क्रियान्वयन के बीच की यह खाई तब तक नहीं पटेगी जब तक राज्य सरकारें COTPA जैसे कानूनों के सख्त अनुपालन और स्कूल-स्तरीय रोकथाम कार्यक्रमों में निवेश नहीं बढ़ातीं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व धूम्रपान निषेध दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
विश्व धूम्रपान निषेध दिवस प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आह्वान पर मनाया जाता है। इसका उद्देश्य तंबाकू और धूम्रपान से होने वाली गंभीर बीमारियों — जैसे कैंसर, हृदय रोग और श्वसन विकार — के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है।
31 मई 2025 को किन मुख्यमंत्रियों ने तंबाकू-विरोधी अपील की?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर तंबाकू छोड़ने की अपील की। इसके अलावा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बिहार के मंत्री विश्व विजय कुमार सिन्हा ने भी संदेश साझा किए।
तंबाकू सेवन से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक और फेफड़ों की बीमारियों का प्रमुख कारण है। आंकड़ों के अनुसार, यह परिवार पर आर्थिक और सामाजिक बोझ भी डालता है, क्योंकि इलाज की लागत और कार्यक्षमता में कमी दोनों से घरेलू आय प्रभावित होती है।
भारत में तंबाकू नियंत्रण के लिए क्या कानून हैं?
भारत में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के तहत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है और तंबाकू उत्पादों पर स्वास्थ्य चेतावनी लेबल अनिवार्य है। हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन कानूनों के प्रवर्तन में राज्यों के बीच असमानता बनी हुई है।
नेताओं की इन अपीलों का आम जनता पर क्या असर होता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, राजनीतिक नेतृत्व के सार्वजनिक संदेश सामाजिक व्यवहार-परिवर्तन में सहायक हो सकते हैं, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जहाँ नेताओं का प्रभाव अधिक होता है। हालाँकि दीर्घकालिक बदलाव के लिए नीतिगत क्रियान्वयन और जागरूकता अभियानों की निरंतरता ज़रूरी मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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