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नशामुक्त UP अभियान: 1,352 प्रतियोगिताएँ, 5,404 छात्र सम्मानित — योगी सरकार का युवाओं पर फोकस

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नशामुक्त UP अभियान: 1,352 प्रतियोगिताएँ, 5,404 छात्र सम्मानित — योगी सरकार का युवाओं पर फोकस

सारांश

योगी सरकार का नशामुक्त UP अभियान सिर्फ नारों तक नहीं रुका — 2025-26 में 1,352 स्कूल-कॉलेज प्रतियोगिताओं से 5,404 छात्र सम्मानित हुए, 1,767 संगोष्ठियाँ हुईं और 829 सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने गाँव-गाँव तक संदेश पहुँचाया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मद्यनिषेध विभाग ने वर्ष 2025-26 में राज्यव्यापी नशामुक्त अभियान चलाया।
प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में 1,352 प्रतियोगिताएँ आयोजित; 5,404 छात्र-छात्राओं को पुरस्कार व प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया।
40 राज्य स्तरीय और 1,727 जनपद स्तरीय संगोष्ठियाँ आयोजित; शिक्षक, धर्माचार्य और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल।
प्रदेशभर में 356 प्रदर्शनियाँ स्थापित और 829 सांस्कृतिक कार्यक्रम — नुक्कड़ नाटक, कठपुतली शो, कव्वाली — आयोजित।
ग्रामीण क्षेत्रों में मेलों, त्योहारों और धार्मिक आयोजनों पर विशेष अभियान चलाए गए।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नशामुक्त समाज अभियान ने वर्ष 2025-26 में व्यापक रूप धारण किया है। मद्यनिषेध विभाग ने राज्यभर में स्कूलों, कॉलेजों, ग्रामीण क्षेत्रों और सार्वजनिक मंचों पर हज़ारों कार्यक्रम आयोजित कर लाखों युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों तक नशा-विरोधी संदेश पहुँचाया। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केवल रोकथाम तक सीमित नहीं है — इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराकर जिम्मेदार नागरिक बनाना है।

शैक्षणिक संस्थानों में अभियान

प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में निबंध, भाषण, पोस्टर-निर्माण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और खेलकूद प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष भर में कुल 1,352 प्रतियोगिताएँ आयोजित हुईं, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 5,404 छात्र-छात्राओं को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को सकारात्मक प्रेरणा देकर नशे के विरुद्ध मज़बूत सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है।

राज्य और जनपद स्तर पर संगोष्ठियाँ

योगी सरकार के निर्देश पर मद्यनिषेध विभाग ने राज्य स्तर से लेकर ज़िला स्तर तक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। वर्ष भर में 40 राज्य स्तरीय और 1,727 जनपद स्तरीय संगोष्ठियाँ आयोजित की गईं। इनमें शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता, धर्माचार्य और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लेकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

प्रदर्शनियाँ और सांस्कृतिक माध्यम

प्रदेशभर में 356 प्रदर्शनियाँ स्थापित कर लोगों को नशे के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त 829 सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें नुक्कड़ नाटक, कठपुतली शो, जादू प्रदर्शन, गीत और कव्वाली जैसे लोकप्रिय माध्यमों का उपयोग कर आम जनता तक संदेश पहुँचाया गया।

ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान

ग्रामीण इलाकों में भी खेलकूद प्रतियोगिताओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों के ज़रिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। मेलों, त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और राष्ट्रीय पर्वों पर विशेष अभियान चलाकर अधिकतम लोगों तक पहुँचने का प्रयास किया गया। इन कार्यक्रमों को स्थानीय स्तर पर सराहना मिली है। आगे भी यह अभियान जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें युवा पीढ़ी को केंद्र में रखते हुए नशामुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाए जाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

352 प्रतियोगिताएँ, 1,767 संगोष्ठियाँ, 829 सांस्कृतिक कार्यक्रम — लेकिन असली कसौटी यह है कि इन गतिविधियों का नशे की वास्तविक खपत या उपलब्धता पर मापने योग्य असर हुआ या नहीं। जागरूकता अभियान तब तक अधूरे रहते हैं जब तक उनके साथ आपूर्ति-श्रृंखला पर सख्त कार्रवाई और पुनर्वास के ठोस ढाँचे न हों। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में नशे की लत से जुड़े अपराध और स्वास्थ्य संकट की रिपोर्टें सामने आ रही हैं। बिना स्वतंत्र मूल्यांकन के, ये संख्याएँ प्रयास का प्रमाण तो हैं, परिणाम का नहीं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश का नशामुक्त अभियान 2025-26 क्या है?
यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मद्यनिषेध विभाग द्वारा चलाया गया राज्यव्यापी जागरूकता अभियान है, जिसमें स्कूल-कॉलेज प्रतियोगिताओं, संगोष्ठियों, प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिए युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। वर्ष 2025-26 में इस अभियान के तहत लाखों लोगों तक संदेश पहुँचाया गया।
अभियान में कितनी प्रतियोगिताएँ हुईं और कितने छात्र सम्मानित हुए?
मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में कुल 1,352 प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 5,404 छात्र-छात्राओं को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया।
राज्य और जनपद स्तर पर कितनी संगोष्ठियाँ आयोजित हुईं?
विभाग ने वर्ष भर में 40 राज्य स्तरीय और 1,727 जनपद स्तरीय संगोष्ठियाँ आयोजित कीं। इनमें शिक्षक, कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता, धर्माचार्य और प्रबुद्ध नागरिकों ने नशामुक्त समाज का संकल्प लिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान कैसे चलाया गया?
ग्रामीण इलाकों में खेलकूद प्रतियोगिताओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों के ज़रिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। मेलों, त्योहारों और धार्मिक आयोजनों पर विशेष अभियान चलाए गए तथा 356 प्रदर्शनियाँ स्थापित कर लोगों को नशे के सामाजिक नुकसान की जानकारी दी गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उपयोग अभियान में कैसे किया गया?
विभाग ने 829 सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें नुक्कड़ नाटक, कठपुतली शो, जादू प्रदर्शन, गीत और कव्वाली जैसे लोकप्रिय माध्यमों का उपयोग किया गया। इन माध्यमों से आम जनता तक सरल और प्रभावी तरीके से नशा-विरोधी संदेश पहुँचाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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