13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

UP स्कूलों में 'माई हेल्थ वर्ल्ड' अभियान: योगी सरकार बच्चों को सिखाएगी पोषण और स्वस्थ जीवनशैली

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
UP स्कूलों में 'माई हेल्थ वर्ल्ड' अभियान: योगी सरकार बच्चों को सिखाएगी पोषण और स्वस्थ जीवनशैली

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूलों में 'माई हेल्थ वर्ल्ड' सामग्री के ज़रिए पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ दिनचर्या सिखाने का अभियान शुरू किया है — जंक फूड से लेकर स्क्रीन टाइम तक, बच्चों और अभिभावकों दोनों को जागरूक करने की यह पहल विद्यालयी शिक्षा को स्वास्थ्य से जोड़ने का प्रयास है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जुलाई 2026 को स्कूलों में स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता अभियान की घोषणा की।
भारत सरकार द्वारा विकसित 'माई हेल्थ वर्ल्ड' सामग्री परिषदीय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में उपलब्ध कराई जाएगी।
महानिदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए।
FSSAI की डिजिटल सामग्री, बैगलेस-डे गतिविधियाँ और शिक्षक प्रशिक्षण सत्र अभियान के प्रमुख घटक हैं।
जंक फूड के दुष्प्रभाव, स्क्रीन टाइम का संतुलित उपयोग और गुणवत्तापूर्ण नींद पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।
अभिभावकों तक पहुँचने के लिए व्हाट्सएप समूहों , सूचना पट्ट और विद्यालय प्रबंधन समिति बैठकों का उपयोग होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जुलाई 2026 को राज्य के परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में स्वास्थ्य शिक्षा एवं पोषण जागरूकता का व्यापक अभियान शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस कार्यक्रम के तहत भारत सरकार द्वारा विकसित 'माई हेल्थ वर्ल्ड' शिक्षण-अधिगम सामग्री सभी संबंधित विद्यालयों तक पहुँचाई जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में संतुलित आहार, शारीरिक सक्रियता और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना है।

क्या है 'माई हेल्थ वर्ल्ड' सामग्री

महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी डायट प्राचार्यों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों (बेसिक), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार 'माई हेल्थ वर्ल्ड' पुस्तक के हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों संस्करण उपलब्ध कराए जाएंगे। इस सामग्री का उपयोग नियमित कक्षा शिक्षण के साथ-साथ प्रार्थना सभा, बाल सभा, अभिभावक-शिक्षक बैठक और विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी किया जाएगा।

बच्चों को क्या सिखाया जाएगा

इस अभियान के तहत विद्यार्थियों को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, जंक फूड के दुष्प्रभाव, नियमित योग एवं खेलकूद, स्क्रीन टाइम के संतुलित उपयोग और पर्याप्त गुणवत्तापूर्ण नींद के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। 'स्वस्थ अंग-स्वस्थ जीवन' विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों की समय-सारिणी के अनुसार खेल गतिविधियों का नियमित आयोजन भी सुनिश्चित किया जाएगा।

अनुभवात्मक गतिविधियों पर ज़ोर

बैगलेस-डे गतिविधियों के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं पोषण विषयक पोस्टर निर्माण, चित्रकला, वाद-विवाद, निबंध, प्रश्नोत्तरी, रोल-प्ले और नाटक जैसी अनुभवात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा विकसित अध्ययन सामग्री और डिजिटल संसाधनों का भी प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। शिक्षकों को प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से इस सामग्री के प्रभावी उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा।

अभिभावकों तक भी पहुँचेगा संदेश

सरकार का मानना है कि विद्यालय बच्चों में स्वस्थ आदतों के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। विद्यालयों के सूचना पट्ट, विभागीय व्हाट्सएप समूहों, विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकों और अन्य माध्यमों से स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यह पहल विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों में भी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम स्वास्थ्य शिक्षा को विद्यालयी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — खासकर उन ग्रामीण परिषदीय विद्यालयों में जहाँ शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव पहले से चुनौती बना हुआ है। 'माई हेल्थ वर्ल्ड' सामग्री वितरित करना और उसे कक्षा में प्रभावी ढंग से पढ़ाना — दोनों अलग-अलग बातें हैं। यह भी विचारणीय है कि जब मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं, तब पोषण जागरूकता का संदेश कितना विश्वसनीय बनेगा। शिक्षक प्रशिक्षण और निगरानी तंत्र की मज़बूती ही इस अभियान को महज़ कागज़ी घोषणा से आगे ले जा सकती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'माई हेल्थ वर्ल्ड' सामग्री क्या है और यह UP के स्कूलों में कैसे उपयोग होगी?
'माई हेल्थ वर्ल्ड' भारत सरकार द्वारा विकसित एक शिक्षण-अधिगम सामग्री है, जो बच्चों को पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में सिखाती है। उत्तर प्रदेश में इसे कक्षा शिक्षण, प्रार्थना सभा, बाल सभा और अभिभावक-शिक्षक बैठकों में उपयोग किया जाएगा।
इस अभियान से उत्तर प्रदेश के कौन-से विद्यालय लाभान्वित होंगे?
यह अभियान उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर लागू होगा। इन सभी विद्यालयों तक 'माई हेल्थ वर्ल्ड' के हिंदी और अंग्रेजी दोनों संस्करण पहुँचाए जाएंगे।
बच्चों को स्वास्थ्य और पोषण के किन विषयों पर जागरूक किया जाएगा?
बच्चों को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, जंक फूड के दुष्प्रभाव, नियमित योग व खेलकूद, स्क्रीन टाइम का संतुलित उपयोग, पर्याप्त नींद और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर जागरूक किया जाएगा। 'स्वस्थ अंग-स्वस्थ जीवन' विषय पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
इस अभियान में शिक्षकों की क्या भूमिका होगी?
शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण सत्रों के ज़रिए 'माई हेल्थ वर्ल्ड' सामग्री के प्रभावी उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा। महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में यह सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया है कि शिक्षक इस सामग्री को कक्षा और अन्य गतिविधियों में कुशलता से लागू कर सकें।
क्या इस अभियान में अभिभावकों को भी शामिल किया जाएगा?
हाँ, विद्यालयों के सूचना पट्ट, विभागीय व्हाट्सएप समूहों और विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकों के ज़रिए अभिभावकों तक भी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी संदेश पहुँचाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि स्वास्थ्य जागरूकता केवल बच्चों तक सीमित न रहे, बल्कि परिवारों तक भी फैले।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले