UP स्कूलों में 'माई हेल्थ वर्ल्ड' अभियान: योगी सरकार बच्चों को सिखाएगी पोषण और स्वस्थ जीवनशैली
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जुलाई 2026 को राज्य के परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में स्वास्थ्य शिक्षा एवं पोषण जागरूकता का व्यापक अभियान शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस कार्यक्रम के तहत भारत सरकार द्वारा विकसित 'माई हेल्थ वर्ल्ड' शिक्षण-अधिगम सामग्री सभी संबंधित विद्यालयों तक पहुँचाई जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में संतुलित आहार, शारीरिक सक्रियता और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
क्या है 'माई हेल्थ वर्ल्ड' सामग्री
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी डायट प्राचार्यों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों (बेसिक), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार 'माई हेल्थ वर्ल्ड' पुस्तक के हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों संस्करण उपलब्ध कराए जाएंगे। इस सामग्री का उपयोग नियमित कक्षा शिक्षण के साथ-साथ प्रार्थना सभा, बाल सभा, अभिभावक-शिक्षक बैठक और विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी किया जाएगा।
बच्चों को क्या सिखाया जाएगा
इस अभियान के तहत विद्यार्थियों को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, जंक फूड के दुष्प्रभाव, नियमित योग एवं खेलकूद, स्क्रीन टाइम के संतुलित उपयोग और पर्याप्त गुणवत्तापूर्ण नींद के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। 'स्वस्थ अंग-स्वस्थ जीवन' विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों की समय-सारिणी के अनुसार खेल गतिविधियों का नियमित आयोजन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
अनुभवात्मक गतिविधियों पर ज़ोर
बैगलेस-डे गतिविधियों के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं पोषण विषयक पोस्टर निर्माण, चित्रकला, वाद-विवाद, निबंध, प्रश्नोत्तरी, रोल-प्ले और नाटक जैसी अनुभवात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा विकसित अध्ययन सामग्री और डिजिटल संसाधनों का भी प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। शिक्षकों को प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से इस सामग्री के प्रभावी उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा।
अभिभावकों तक भी पहुँचेगा संदेश
सरकार का मानना है कि विद्यालय बच्चों में स्वस्थ आदतों के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। विद्यालयों के सूचना पट्ट, विभागीय व्हाट्सएप समूहों, विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकों और अन्य माध्यमों से स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यह पहल विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों में भी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम स्वास्थ्य शिक्षा को विद्यालयी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।