मुख्यमंत्री योगी की बच्चों को सलाह: स्क्रीन टाइम कम करें और एक्टिविटी टाइम बढ़ाएं
सारांश
Key Takeaways
- स्क्रीन टाइम कम करने का महत्व समझें।
- एक्टिविटी टाइम बढ़ाने के लिए खेल और योग को अपनाएं।
- सरकार का 'स्कूल चलो अभियान' महत्वपूर्ण है।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है।
- अभिभावकों की भूमिका शिक्षा में अहम है।
लखनऊ, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ पर विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे स्क्रीन टाइम में कमी लाते हुए एक्टिविटी टाइम को बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि इस तकनीकी युग में, तकनीक का संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है, किंतु बच्चों का सम्पूर्ण विकास तभी संभव है जब वे खेल, योग और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें। मुख्यमंत्री योगी ने नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए एक पत्र में कहा कि शिक्षा के प्रति सरकार की प्राथमिकताएं दोहराई गई हैं।
उन्होंने उल्लेख किया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और ‘स्कूल चलो अभियान’ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा, “नया शैक्षणिक सत्र आरंभ हो रहा है। मैं सभी बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं। आप सभी अपनी रुचि के विषयों, खेलकूद और विद्यालय की गतिविधियों में पूरे मनोयोग से भाग लें और अपने सपनों को साकार करें।”
उन्होंने कहा कि सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का पहला माध्यम है। यहीं से जीवन के मूल संस्कार और शिक्षा प्राप्त होती है, जो आगे का मार्ग प्रशस्त करती है।
सीएम योगी ने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा, “प्रभु श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम बनने और भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोगी स्वरूप की नींव गुरुकुल शिक्षा में रखी गई थी। आपके लिए भी शिक्षा इसी कर्तव्यपथ का अभिन्न अंग है।”
उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएं। परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आप असंभव लक्ष्यों को भी प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने स्वस्थ जीवनशैली पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को खेलकूद और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने तकनीक के संतुलित उपयोग पर बल देते हुए कहा, “आज का युग तकनीक का है, लेकिन स्क्रीन टाइम में कमी लाकर एक्टिविटी टाइम को बढ़ाना आवश्यक है। खूब खेलें, खूब पढ़ें और हर क्षेत्र में खुद को विकसित करें।”
अभिभावकों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, “आप अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए मेहनत करते हैं। इसके साथ ही, समाज के उन बच्चों को भी शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लें, जो विद्यालय से दूर हैं। सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में जो बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, उनके परिवारों को जागरूक करें।”
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। “1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक ‘स्कूल चलो अभियान’ चलाया जाएगा, जो हमारे इसी संकल्प का प्रतीक है,” उन्होंने बताया। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा, “विकसित उत्तर प्रदेश का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब हर बच्चा शिक्षित होगा और आगे बढ़ेगा।”