मुख्यमंत्री योगी ने काशी से 'स्कूल चलो अभियान' का उद्घाटन, शिक्षा को बताया भविष्य की शक्ति

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मुख्यमंत्री योगी ने काशी से 'स्कूल चलो अभियान' का उद्घाटन, शिक्षा को बताया भविष्य की शक्ति

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी से 'स्कूल चलो अभियान' की शुरुआत की, जिसमें शिक्षा को भविष्य की असली ताकत बताया गया। इस अभियान से हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का लक्ष्य है।

Key Takeaways

  • शिक्षा को भविष्य की शक्ति माना गया।
  • कक्षा के बच्चों को स्कूल बैग और किताबें दी गईं।
  • 80 हजार करोड़ रुपये का सरकारी निवेश।
  • निपुण विद्यालयों का सम्मान किया गया।
  • समाज से सहयोग की अपील।

वाराणसी, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को काशी से पूरे प्रदेश में ‘स्कूल चलो अभियान’ का आगाज़ किया, जिससे सरकार की बुनियादी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट हुई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा वास्तव में भविष्य की शक्ति है।

वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जब बच्चों के बीच पहुंचे, तो वातावरण उत्साह से भर गया। उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से स्कूल बैग पहनाए, किताबें बांटीं और उनसे आत्मीय बातचीत की। इस दौरान, उन्होंने पांच निपुण विद्यार्थियों को सम्मानित किया और कई कक्षाओं के छात्रों को पाठ्य सामग्री भी दी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत करते हुए शैक्षिक नवाचार और उपलब्धियों की एक पुस्तिका का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा केवल एक डिग्री नहीं है, बल्कि यह एक व्यक्ति को बेहतर इंसान बनाने का माध्यम है। उन्होंने जनपद के पांच निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था उपेक्षित थी और नकल की प्रवृत्ति हावी थी, लेकिन अब प्रदेश में पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्कूली शिक्षा पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे को बेहतर अवसर प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके समर्पण के कारण ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ जैसे अभियान सफल हुए हैं और स्कूलों का स्वरूप बदला है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे ‘स्कूल चलो अभियान’ से जुड़कर हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाने में सहयोग करें। कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने बच्चों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनके प्रोजेक्ट्स की सराहना की, जिससे बच्चों का उत्साह और बढ़ा।

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने "स्कूल चलो अभियान" के महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए है। मंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पिछले नौ वर्षों में परिषदीय बेसिक शिक्षा विद्यालयों में किए गए सुधारों पर भी प्रकाश डाला।

Point of View

जहां शिक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को क्या दिया?
मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्कूल बैग और किताबें वितरित कीं।
कब और कहां यह अभियान शुरू हुआ?
यह अभियान 4 अप्रैल को वाराणसी, काशी से शुरू हुआ।
सरकार शिक्षा पर कितना खर्च कर रही है?
राज्य सरकार स्कूल शिक्षा पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है।
निपुण विद्यालय क्या हैं?
निपुण विद्यालय वे विद्यालय हैं जो शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर चुके हैं।
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