14 जुलाई 2026
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यूपी के 1.32 लाख सरकारी स्कूलों का कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक शिक्षा में नई क्रांति

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यूपी के 1.32 लाख सरकारी स्कूलों का कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार से माध्यमिक शिक्षा में नई क्रांति

सारांश

उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूल अब सिर्फ चार दीवारें नहीं रहे — ऑपरेशन कायाकल्प ने 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों और प्रोजेक्ट अलंकार ने माध्यमिक स्कूलों को स्मार्ट क्लास, ICT लैब और पुस्तकालयों से लैस किया है। संतृप्तिकरण 36% से 96.30% तक पहुँचना इस रूपांतरण की सबसे बड़ी गवाही है।

मुख्य बातें

ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प पूरा किया जा चुका है।
विद्यालयों का संतृप्तिकरण 2017-18 के 36% से बढ़कर 96.30% से अधिक हो गया है।
4.50 लाख से अधिक शिक्षकों को FLN आधारित प्रशिक्षण दिया जा चुका है; 1.30 लाख विद्यालयों में पुस्तकालय स्थापित।
माध्यमिक स्तर पर 778 आईसीटी लैब और 1,236 स्मार्ट क्लास स्थापित; 41 नए इंटर कॉलेज और 215 हाईस्कूल निर्मित।
746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को कक्षा 6 से 12 तक उच्चीकृत किया जा रहा है।
प्रदेश के 1,722 पीएम श्री विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आधुनिक शिक्षण लागू।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की सरकारी विद्यालयी शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव आ रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के ऑपरेशन कायाकल्प और माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प किया जा चुका है, जिससे स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल संसाधनों और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं ने सरकारी स्कूलों की पहचान पूरी तरह बदल दी है। यह पहल केवल संख्यात्मक विस्तार नहीं, बल्कि गुणात्मक रूपांतरण का प्रयास है।

ऑपरेशन कायाकल्प: बुनियादी सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव

वर्ष 2017-18 में जहाँ विद्यालयों का संतृप्तिकरण मात्र 36 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर 96.30 प्रतिशत से अधिक हो गया है — यह छह वर्षों में लगभग 60 प्रतिशत अंकों की छलांग है। बच्चों के बैठने के लिए 3.42 लाख डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज़ गति से जारी है। 1.30 लाख से अधिक विद्यालयों में पुस्तकालय स्थापित किए जा चुके हैं और हज़ारों विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं।

इसके अलावा, 4.50 लाख से अधिक शिक्षकों को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) आधारित प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस प्रशिक्षण से प्रारंभिक कक्षाओं में भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय सहायता मिली है। गौरतलब है कि पेयजल, शौचालय, विज्ञान प्रयोगशालाएँ और डिजिटल संसाधन — जो कभी सरकारी विद्यालयों में दुर्लभ थे — अब तेज़ी से सामान्य होते जा रहे हैं।

नए विद्यालय और बालिका शिक्षा पर विशेष ज़ोर

भविष्य की ज़रूरतों को देखते हुए सरकार ने प्रदेश के 75 जिलों में 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित करने की योजना बनाई है, जिनमें से 141 विद्यालयों के लिए भूमि चयन पूरा हो चुका है। इसके साथ ही 75 मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय भी विकसित किए जा रहे हैं।

बालिका शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) संचालित हैं। इन्हें चरणबद्ध रूप से कक्षा 6 से 12 तक उच्चीकृत किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की उच्च विद्यालय स्तर पर ड्रॉपआउट दर एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। जिन विकास खंडों में KGBV नहीं हैं, वहाँ नए आवासीय बालिका विद्यालय स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है।

प्रोजेक्ट अलंकार: माध्यमिक शिक्षा में आधुनिकीकरण

प्रदेश में 29,216 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 2,460 राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज शामिल हैं। सरकार ने 41 नए राजकीय इंटर कॉलेज और 215 राजकीय हाईस्कूल का निर्माण पूरा कराया है। इसके अतिरिक्त 60 नए राजकीय इंटर कॉलेजों को स्वीकृति दी गई है और 280 नए विद्यालय संचालित किए गए हैं।

2,383 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों और 590 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया गया है। विद्यार्थियों के लिए 778 आईसीटी लैब और 1,236 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं, जो माध्यमिक स्तर पर डिजिटल शिक्षण को नई गति दे रही हैं।

पीएम श्री विद्यालय और राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन

प्रदेश के 1,722 पीएम श्री विद्यालयों में 1,565 बेसिक शिक्षा विभाग और 157 माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप नवाचार आधारित शिक्षण, कौशल विकास और समग्र शिक्षा पर विशेष बल दिया जा रहा है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि 'शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का वातावरण देना है।' उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार ने विद्यालयों की पहचान बदल दी है। उनके अनुसार, सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र बनाना है, ताकि प्रत्येक बच्चा आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सके। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं के परिणाम उत्तर प्रदेश की शैक्षिक तस्वीर को और स्पष्ट करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ये सुविधाएँ सीखने के परिणामों में — यानी बच्चों की पढ़ने-लिखने और गणित की दक्षता में — वास्तविक सुधार ला रही हैं। बुनियादी ढाँचे का विस्तार और शैक्षिक गुणवत्ता हमेशा साथ-साथ नहीं चलते, जैसा कि ASER जैसी स्वतंत्र रिपोर्टें पिछले वर्षों में दर्शाती रही हैं। 4.50 लाख शिक्षकों का FLN प्रशिक्षण एक सकारात्मक कदम है, पर बिना नियमित और पारदर्शी लर्निंग आउटकम डेटा के यह मूल्यांकन करना कठिन है कि यह रूपांतरण कागज़ों से कक्षाओं तक कितना उतरा है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन कायाकल्प क्या है और इससे उत्तर प्रदेश के स्कूलों में क्या बदला?
ऑपरेशन कायाकल्प उत्तर प्रदेश सरकार की बेसिक शिक्षा विभाग की वह पहल है जिसके तहत परिषदीय विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प पूरा हो चुका है और संतृप्तिकरण 36% से बढ़कर 96.30% से अधिक हो गया है।
प्रोजेक्ट अलंकार माध्यमिक शिक्षा के लिए क्या कर रहा है?
प्रोजेक्ट अलंकार माध्यमिक शिक्षा विभाग की योजना है जिसके तहत 2,383 राजकीय और 590 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएँ विकसित की गई हैं। इसके अंतर्गत 778 आईसीटी लैब और 1,236 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं, साथ ही 41 नए इंटर कॉलेज और 215 हाईस्कूल भी बनाए गए हैं।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कैसे उन्नत किया जा रहा है?
प्रदेश के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को चरणबद्ध रूप से कक्षा 6 से 12 तक उच्चीकृत किया जा रहा है। जिन विकास खंडों में KGBV नहीं हैं, वहाँ नए आवासीय बालिका विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है ताकि बेटियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
पीएम श्री विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश में कितनी आगे बढ़ी है?
उत्तर प्रदेश में 1,722 पीएम श्री विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 1,565 बेसिक शिक्षा विभाग के और 157 माध्यमिक शिक्षा विभाग के हैं। इन विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कौशल विकास, नवाचार आधारित शिक्षण और समग्र शिक्षा पर बल दिया जा रहा है।
शिक्षकों के प्रशिक्षण में क्या प्रगति हुई है?
उत्तर प्रदेश में 4.50 लाख से अधिक शिक्षकों को FLN (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) आधारित प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं को सुदृढ़ करना है।
राष्ट्र प्रेस
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