14 जुलाई 2026
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'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर JPC की लखनऊ बैठक: यूपी के 4 मंत्रियों ने समर्थन में रखा पक्ष

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'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर JPC की लखनऊ बैठक: यूपी के 4 मंत्रियों ने समर्थन में रखा पक्ष

सारांश

'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर JPC की लखनऊ अध्ययन यात्रा में उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे दमखम के साथ समर्थन दर्ज कराया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से लेकर कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह तक — चारों मंत्रियों का एक सुर: एक साथ चुनाव से खर्च घटेगा, विकास नहीं रुकेगा।

मुख्य बातें

14 जुलाई 2025 को लखनऊ में JPC की 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर अध्ययन यात्रा बैठक आयोजित हुई।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा — उत्तर प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव के पक्ष में है और सुझाव दे दिए गए हैं।
मंत्री सुरेश खन्ना ने तर्क दिया कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव एक साथ होने से चुनावी खर्च में कमी आएगी।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा — बार-बार आचार संहिता नहीं लगेगी, जिससे विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
विपक्ष ने प्रस्ताव को संघीय ढाँचे के लिए खतरा बताते हुए विरोध जारी रखा है।

संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने 14 जुलाई 2025 को लखनऊ में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर अध्ययन यात्रा कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 के समर्थन में अपना पक्ष प्रस्तुत किया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब देशभर में इस प्रस्ताव को लेकर समर्थन और विरोध दोनों एक साथ तेज हो रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने JPC की अध्ययन यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने समिति के सामने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के पक्ष में अपना सुझाव प्रस्तुत कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया, "उत्तर प्रदेश सरकार इसके पक्ष में है। हमने अपना सुझाव दे दिया है।"

कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल बताते हुए कहा कि यह देश के विकास की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने समिति से आग्रह किया कि इसे "जल्द से जल्द लागू किया जाए।" शर्मा ने विपक्ष की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि "छोटी-छोटी बातों के आधार पर मुख्य बात को दरकिनार नहीं किया जा सकता।"

अन्य मंत्रियों के तर्क

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से चुनावी खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने JPC के समक्ष इसे "एक अच्छी व्यवस्था" करार दिया।

कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने तर्क दिया कि एक साथ चुनाव होने से बार-बार आदर्श आचार संहिता लागू नहीं होगी, जिससे विकास कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकेंगे। उन्होंने कहा, "यह उत्तर प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अच्छा है।"

पृष्ठभूमि और संदर्भ

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने दिसंबर 2024 में संसद में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक पेश किया था, जिसे विस्तृत विचार-विमर्श के लिए JPC को भेजा गया। समिति देशभर में राज्य सरकारों, संवैधानिक विशेषज्ञों और राजनीतिक दलों से सुझाव ले रही है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव को संघीय ढाँचे पर हमला बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है।

विपक्ष की स्थिति

विपक्षी दलों का कहना है कि एक साथ चुनाव कराना संवैधानिक रूप से जटिल है और इससे क्षेत्रीय दलों तथा राज्य सरकारों की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है। आलोचकों का तर्क है कि अगर किसी राज्य में सरकार समय से पहले गिरती है, तो राष्ट्रपति शासन का दौर लंबा खिंच सकता है।

आगे क्या होगा

JPC की यह अध्ययन यात्रा देशभर के विभिन्न राज्यों में जारी रहेगी। समिति की अंतिम रिपोर्ट संसद में पेश होने के बाद विधेयक पर आगे की कार्यवाही तय होगी। उत्तर प्रदेश सरकार के इस स्पष्ट समर्थन को BJP शासित राज्यों की एकजुटता के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकारें संवैधानिक जटिलताओं का ठोस समाधान भी प्रस्तुत कर रही हैं या केवल राजनीतिक समर्थन दर्ज करा रही हैं। मंत्रियों के बयानों में 'देशहित' और 'विकास' जैसे व्यापक तर्क हैं, परंतु इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं कि समय से पहले गिरी सरकार की स्थिति में राज्य की जनता को कितने समय तक राष्ट्रपति शासन झेलना होगा। JPC की यह यात्रा सहमति बनाने का प्रयास है, लेकिन विपक्षी राज्यों की अनुपस्थिति इस 'राष्ट्रीय सहमति' की सीमा को उजागर करती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर JPC की लखनऊ बैठक में क्या हुआ?
14 जुलाई 2025 को लखनऊ में JPC की अध्ययन यात्रा बैठक में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत चार कैबिनेट मंत्रियों ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के समर्थन में अपना पक्ष प्रस्तुत किया। राज्य सरकार ने समिति को अपने सुझाव सौंपे और इसे जल्द लागू करने की माँग की।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' क्या है और इसका विधायी आधार क्या है?
यह प्रस्ताव लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की व्यवस्था है। इसके लिए केंद्र सरकार ने दिसंबर 2024 में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 संसद में पेश किए, जिन्हें JPC को भेजा गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके समर्थन में क्या तर्क दिए?
यूपी सरकार के मंत्रियों ने तीन मुख्य तर्क दिए — एक साथ चुनाव से चुनावी खर्च घटेगा, बार-बार आदर्श आचार संहिता लागू नहीं होगी जिससे विकास कार्य नहीं रुकेंगे, और यह देश की प्रगति के लिए आवश्यक कदम है।
विपक्ष इस प्रस्ताव का विरोध क्यों कर रहा है?
विपक्षी दलों का कहना है कि यह प्रस्ताव संघीय ढाँचे को कमज़ोर करता है और क्षेत्रीय दलों के लिए नुकसानदेह है। आलोचकों का तर्क है कि समय से पहले गिरी सरकार की स्थिति में राष्ट्रपति शासन का दौर अनावश्यक रूप से लंबा हो सकता है।
JPC की रिपोर्ट कब तक आने की उम्मीद है?
JPC अभी देशभर के राज्यों में अध्ययन यात्राएँ कर रही है और विभिन्न पक्षों से सुझाव ले रही है। समिति की अंतिम रिपोर्ट की तारीख अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट संसद में पेश होने के बाद विधेयक पर आगे की कार्यवाही तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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