राजनाथ सिंह बोले — यूपी कभी 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया' था, आज हर क्षेत्र में प्रगति
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 31 मई 2025 को लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका के लोकार्पण समारोह में उत्तर प्रदेश के कायाकल्प को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश को कभी व्यंग्य में 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया' कहा जाता था, वह आज विकास, निवेश और सुशासन का नया प्रतिमान बन चुका है। यह आयोजन केवल एक सार्वजनिक सुविधा के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा — यह उत्तर प्रदेश की बदलती छवि का राजनीतिक और सांस्कृतिक उद्घोष भी बना।
मुख्य घटनाक्रम
राजनाथ सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश में निवेशक आने से हिचकिचाते थे और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठते थे। आज वही प्रदेश 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' जैसी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक विकास और रोज़गार सृजन का केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन रातोंरात नहीं आया — यह सुनियोजित शासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है।
योगी सरकार की भूमिका
रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जिस दृढ़ता के साथ अपराध और माफिया तंत्र पर प्रभावी कार्रवाई की, उससे प्रदेश में निवेश और विकास का नया वातावरण तैयार हुआ। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। राजनाथ सिंह ने रिकॉर्ड समय में इस परियोजना को पूरा करने के लिए राज्य सरकार की भी प्रशंसा की।
नौसेना शौर्य वाटिका का महत्व
रक्षा मंत्री ने नौसेना शौर्य वाटिका को महज एक पर्यटन स्थल या पार्क मानने से इनकार किया। उनके अनुसार यहाँ प्रदर्शित युद्धपोत, हथियार और नौसैनिक उपकरण वास्तविक हैं, जो भारतीय नौसेना के शौर्य और समर्पण की जीवंत गाथा कहते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थल राष्ट्रीय चेतना, सैन्य परंपरा और देशभक्ति का प्रतीक है।
राजनाथ सिंह ने आईएनएस गोमती का उल्लेख करते हुए कहा कि गोमती नदी के नाम पर भारतीय नौसेना का यह प्रतिष्ठित युद्धपोत वर्षों तक राष्ट्रसेवा करता रहा है। इसी ऐतिहासिक और भावनात्मक जुड़ाव के कारण लखनऊ में इस वाटिका की स्थापना विशेष महत्व रखती है।
युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए संदेश
रक्षा मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने परिवार और बच्चों के साथ इस वाटिका का भ्रमण करें और भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास को समझें। उन्होंने कहा कि नौसैनिकों की वर्दी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यबोध का प्रतीक है। यह वाटिका आने वाली पीढ़ियों को उसी भावना से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
आगे की राह
गौरतलब है कि लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका की स्थापना उत्तर प्रदेश की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें रक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़ा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के स्थल न केवल देशभक्ति की भावना को प्रेरित करते हैं, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोज़गार को भी बढ़ावा देते हैं।