लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका 30 मई को राष्ट्र को समर्पित, राजनाथ सिंह और CM योगी करेंगे लोकार्पण
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के सीजीसीटी परिसर में निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका अब लोकार्पण के लिए तैयार है। 30 मई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में यह ऐतिहासिक संग्रहालय जनता को समर्पित किया जाएगा। भारतीय नौसेना और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बनी यह परियोजना राज्य में नौसैनिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाने का अनूठा प्रयास है।
निरीक्षण और तैयारियाँ
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार, 27 मई को सीजीसीटी परिसर में निर्माणाधीन नौसेना शौर्य संग्रहालय और ओपन एयर म्यूजियम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ।
जयवीर सिंह ने कहा, 'नौसेना शौर्य वाटिका केवल एक पार्क नहीं, बल्कि देश के वीर नौसैनिकों को श्रद्धांजलि देने का प्रयास है।' उन्होंने इसे राजधानीवासियों के लिए राज्य सरकार की ओर से एक अनूठा उपहार बताया, जहाँ आगंतुक भारतीय नौसेना के साहस, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता को करीब से महसूस कर सकेंगे।
प्रमुख प्रदर्शनियाँ और उपकरण
संग्रहालय में भारतीय नौसेना पोत गोमती से जुड़े वास्तविक नौसैनिक उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें लंगर, एके-726 मीडियम रेंज तोप, सीईटी-53एम पनडुब्बी अवरोधक प्रणाली, जिफ-101 लॉन्चर, कैपस्टन ड्रम, मुख्य मस्तूल और जहाज के प्रोपेलर शामिल हैं।
ओपन एयर म्यूजियम में टीयू-142 विमान और एसके-42बी हेलीकॉप्टर को भी स्थापित किया जाएगा। क्यूरेशन कार्य के ज़रिए नौसेना के इतिहास, समुद्री सुरक्षा और युद्धक क्षमता को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। पर्यटन मंत्री ने कहा कि सेवानिवृत्त युद्धपोत 'गोमती' लखनऊ की नई पहचान बनेगा और पर्यटन के प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरेगा।
परियोजना की लागत और वित्तीय ब्यौरा
परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹2,366.92 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई थी। संशोधित डिजाइन और प्रथम चरण के कार्यों को शामिल करते हुए परियोजना की कुल लागत ₹2,317.95 लाख स्वीकृत की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में टीयू-142 विमान की स्थापना और क्यूरेशन कार्यों के लिए अतिरिक्त ₹5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
आम जनता और युवाओं पर असर
यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों को भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र सुरक्षा में उसकी भूमिका से परिचित कराएगा। गौरतलब है कि यह परियोजना ऐसे समय में आई है जब देश में सैन्य विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। युवाओं में देशभक्ति और सैन्य सेवाओं के प्रति प्रेरणा जगाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य है।
लोकार्पण के बाद यह संग्रहालय लखनऊ को एक नए सांस्कृतिक और शैक्षणिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।