नितेश राणे पर कांग्रेस का पलटवार: राकेश सिन्हा बोले — 'चोरी पकड़ी तो विपक्ष को गाली दे रहे'
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज राकेश सिन्हा ने 13 जुलाई को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें राणे ने विपक्ष को 'औरंगजेब का वंशज' बताया था। सिन्हा ने कहा कि जो व्यक्ति गलत काम में पकड़ा जाता है, वह अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय दूसरों पर आरोप मढ़ने लगता है — और राणे का यही हाल है।
मुख्य आरोप: 'चोर जब पकड़ा जाए, तो गाली देता है'
राकेश सिन्हा ने तीखे शब्दों में कहा, 'नितेश राणे जैसे लोग अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए दूसरों पर आरोप लगाते हैं। एक पुरानी कहावत है — 'चोर जब चोरी में पकड़ा जाता है, तो वह गाली देता है।' ये लोग आस्था के चोर हैं, वोट के चोर हैं और चढ़ावे के चोर हैं। जब इनकी चोरी पकड़ी गई, तो अब विपक्ष को गाली देने में लगे हैं।'
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर चढ़ावा विवाद और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर विपक्ष केंद्र सरकार को घेर रहा है।
चुनाव आयोग पर सवाल
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के चुनाव आयोग संबंधी बयान का समर्थन करते हुए राकेश सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में वह सत्ता के दबाव में काम करता दिख रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, 'सत्ता के आदेश पर देश के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग ने अपनी आत्मा को सत्ता के सामने बेच दिया है।' हालाँकि, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।
नीट पेपर लीक: धर्मेंद्र प्रधान पर इस्तीफे की माँग
नीट परीक्षा पेपर लीक मामले पर सिन्हा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी अधिकारियों के खिलाफ जाँच का आदेश 'कोई बड़ा कदम नहीं' है — असली सवाल यह है कि प्रधान की बर्खास्तगी अब तक क्यों नहीं हुई।
सिन्हा ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक के कारण 23 से अधिक छात्रों ने गंभीर मानसिक तनाव झेला और कई को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। उन्होंने माँग की कि धर्मेंद्र प्रधान या तो इस्तीफा दें या उन्हें बर्खास्त किया जाए।
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष का एजेंडा
आगामी संसद के मानसून सत्र को लेकर राकेश सिन्हा ने स्पष्ट किया कि विपक्ष तीन प्रमुख मुद्दे — राम मंदिर चढ़ावा विवाद, नीट पेपर लीक और छात्रों से जुड़े सवाल — सदन में प्रमुखता से उठाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना होगा कि परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं और युवाओं का भविष्य क्यों दाँव पर लगाया जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में विपक्षी एकजुटता की परीक्षा होने वाली है और सत्तारूढ़ गठबंधन पर कई मोर्चों पर दबाव है।