30 जून 2026
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सिटिंग जज की निगरानी में जांच हो, SIT नहीं — कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सिटिंग जज की निगरानी में जांच हो, SIT नहीं — कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने SIT जांच को नाकाफी बताते हुए सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच की माँग की। साथ ही उन्होंने भाजपा अध्यक्ष के राहुल गांधी पर निशाने, यूपी कांग्रेस प्रमुख की हाउस अरेस्ट और पीएम मोदी की चुप्पी पर तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने 30 जून 2026 को रांची में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जगह सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच की माँग की।
सिन्हा ने सरकार पर 'लीपापोती' का आरोप लगाया और मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाए।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा राहुल गांधी को 'पार्ट-टाइम नेता' कहे जाने पर सिन्हा ने आपत्ति जताई।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की हाउस अरेस्ट को सिन्हा ने 'अघोषित आपातकाल' जैसा बताया।
पीएम मोदी की इस मामले पर चुप्पी को सिन्हा ने सनातनियों की आस्था के साथ अन्याय करार दिया।

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने 30 जून 2026 को रांची में मीडिया से बातचीत में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जगह सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस संवेदनशील मामले में 'लीपापोती' कर रही है और मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है।

राम मंदिर चोरी पर सिन्हा का रुख

सिन्हा ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) अध्यक्ष आलोक कुमार के SIT जांच के सुझाव को अपर्याप्त बताया। उनका कहना था कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केवल सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच ही विश्वसनीय परिणाम दे सकती है। उन्होंने इसे 'सनातनियों की आस्था पर बड़ा कुठाराघात' करार दिया और कहा कि सनातन धर्म में आस्था रखने वाले इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

सिन्हा ने यह भी कहा कि भाजपा की 12 वर्षों की सरकार में वोट चोरी, जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त और सत्ता की चोरी के बाद अब आस्था की चोरी हो रही है — जो उनके अनुसार इस सरकार की कार्यशैली का विस्तार है।

राहुल गांधी को 'पार्ट-टाइम नेता' कहने पर आपत्ति

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 'पार्ट-टाइम नेता' कहे जाने पर सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "ऐसी सोच वाले लोग भाजपा के शीर्ष पदों पर हैं, ऐसे बयानों से हंसी आती है।" सिन्हा ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि वे छात्रों और किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं और जनता के सामने सच्चाई रख रहे हैं।

गौरतलब है कि नितिन नवीन हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर आए हैं और उनका यह बयान उनके शुरुआती आक्रामक राजनीतिक रुख का हिस्सा माना जा रहा है।

यूपी कांग्रेस प्रमुख की हाउस अरेस्ट पर सवाल

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को हाउस अरेस्ट किए जाने पर सिन्हा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने पूछा, "क्या देश में अघोषित आपातकाल चल रहा है?" उनका कहना था कि विपक्षी नेताओं को इस तरह नजरबंद करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

ओवैसी के बयान और संवैधानिक संस्थाओं पर चिंता

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के इस बयान पर कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी में यदि कोई मुसलमान शामिल होता तो उसका एनकाउंटर हो चुका होता — सिन्हा ने कहा कि यह बात सही है। उन्होंने जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में अब तक एक शब्द नहीं कहा, जबकि सनातनियों की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

सिन्हा ने यह भी कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं पर भाजपा का कब्जा है और इसे समाप्त करने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अयोध्या का राम मंदिर किसी की 'जागीर' नहीं है और कोई भी श्रद्धालु कभी भी वहाँ दर्शन के लिए जा सकता है।

अयोध्या बार एसोसिएशन और बिहार प्रकरण

अयोध्या बार एसोसिएशन के हालिया फैसले का सिन्हा ने स्वागत किया और सभी सदस्यों को बधाई दी। बिहार के भरत तिवारी मामले पर उन्होंने कहा कि जब शासन-प्रशासन विफल हो जाता है, तो न्यायपालिका ही आम जनता के लिए उम्मीद की अंतिम किरण बनती है।

यह मामला ऐसे समय में चर्चा में है जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और धार्मिक संगठन सक्रिय हो गए हैं और जांच की दिशा पर बहस तेज हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक वैध सवाल भी है — जब मामला धार्मिक आस्था और सार्वजनिक विश्वास से जुड़ा हो, तो SIT जैसी कार्यकारी जांच पर्याप्त क्यों मानी जाए? यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार संस्थागत स्वायत्तता पर सवाल उठा रहा है। पीएम मोदी की इस मामले पर चुप्पी — जो हिंदू आस्था के प्रतीक राम मंदिर से सीधे जुड़ी है — राजनीतिक रूप से असाधारण है और इसकी व्याख्या दोनों पक्षों के लिए असहज करने वाली है। मुख्यधारा की कवरेज इस विरोधाभास को पर्याप्त रेखांकित नहीं कर रही।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस की क्या माँग है?
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने माँग की है कि इस मामले की जांच SIT की बजाय एक सिटिंग जज की निगरानी में हो। उनका कहना है कि मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई और सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर चोरी पर क्या कहा था?
विश्व हिंदू परिषद (VHP) अध्यक्ष आलोक कुमार ने SIT जांच का सुझाव दिया था। राकेश सिन्हा ने इसे अपर्याप्त बताते हुए कहा कि SIT से मामला नहीं सुलझ सकता और न्यायिक जांच ही एकमात्र विश्वसनीय विकल्प है।
नितिन नवीन ने राहुल गांधी को 'पार्ट-टाइम नेता' क्यों कहा?
भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 'पार्ट-टाइम नेता' कहा, जिसे विपक्ष के नेता पर राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसे बयान दर्शाते हैं कि भाजपा में राहुल गांधी का खौफ है।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को हाउस अरेस्ट क्यों किया गया?
स्रोत में इसका विस्तृत कारण नहीं बताया गया है। राकेश सिन्हा ने इस हाउस अरेस्ट को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और पूछा कि क्या देश में अघोषित आपातकाल चल रहा है।
राम मंदिर पर पीएम मोदी की चुप्पी पर कांग्रेस का क्या कहना है?
राकेश सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में अब तक एक शब्द भी नहीं कहा है, जो सनातनियों की आस्था के साथ अन्याय है। उन्होंने इसे भाजपा की दोहरी नीति का उदाहरण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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