रेलवे देश की आर्थिक-सामाजिक प्रगति का स्तंभ: UP मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने IRMS-IRPFS प्रशिक्षु अधिकारियों को दिया मंत्र
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने 14 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित योजना भवन में इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस (IRMS) और इंडियन रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स सर्विस (IRPFS) के प्रशिक्षु अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट के दौरान कहा कि भारतीय रेलवे देश की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति की मजबूत नींव है। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से निष्ठा, अनुशासन, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियाँ निभाने का आह्वान किया।
मुख्य सचिव का संदेश
गोयल ने कहा कि भारतीय रेलवे प्रतिदिन करोड़ों नागरिकों को सुरक्षित, सुगम एवं समयबद्ध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराता है और यह देश के परिवहन तंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने सार्वजनिक सेवा में जिम्मेदारी के साथ-साथ संवेदनशीलता और अनुशासन को अनिवार्य बताया।
उन्होंने रेलवे सेवा में चयनित होने पर सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के प्रशिक्षण, कार्यक्षेत्र की चुनौतियों और सेवाकाल के दौरान आने वाली विभिन्न जिम्मेदारियों पर विस्तृत संवाद किया।
महाकुंभ और कोविड में रेलवे की भूमिका
मुख्य सचिव ने महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि रेलवे ने लाखों श्रद्धालुओं के सुचारु आवागमन को सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उन्होंने कोविड-19 महामारी के कठिन दौर का भी जिक्र किया, जब रेलवे ने न केवल नागरिकों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुँचाया, बल्कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला भी बनाए रखी।
गौरतलब है कि यह दोनों परिस्थितियाँ भारतीय रेलवे की परिचालन क्षमता और संकट-प्रबंधन की परीक्षा थीं, जिनमें रेलवे ने खरा प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद
बैठक के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्य सचिव के समक्ष अपने प्रशिक्षण अनुभव और सेवा से जुड़ी जिज्ञासाएँ साझा कीं। गोयल ने अधिकारियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें मार्गदर्शन दिया। यह संवाद सत्र नवनियुक्त अधिकारियों के लिए एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से सीधे सीखने का अवसर बना।
आगे की राह
IRMS और IRPFS जैसी सेवाओं में चयनित ये अधिकारी आने वाले वर्षों में रेलवे प्रबंधन और सुरक्षा के मोर्चे पर महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाएँगे। मुख्य सचिव का यह संबोधन उनके लिए सेवा के मूल्यों को आत्मसात करने की दिशा में एक प्रेरक कदम माना जा रहा है।