प्रशासन में ईमानदारी और जनसंवाद: मुख्य सचिव का 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षुओं के लिए संदेश
सारांश
Key Takeaways
- ईमानदारी और संवेदनशीलता को प्रशासनिक कार्यों का आधार बनाएं।
- जनसंवाद को कार्यशैली में शामिल करें।
- राष्ट्र सेवा को जिम्मेदारी के साथ निभाएं।
- आधारभूत ढांचे में सुधार से आम जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
लखनऊ, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, एसपी गोयल, ने 2024 बैच के आईएएस प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में ईमानदारी, संवेदनशीलता और जनसंवाद को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा का यह अवसर जिम्मेदारी के साथ निभाया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार को 2024 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को प्रशासनिक दायित्वों के प्रति सजग, संवेदनशील और जवाबदेह रहने का संदेश दिया।
मुख्य सचिव ने प्रशिक्षु अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्र सेवा का महत्वपूर्ण अवसर मिला है और इसे पूर्ण ईमानदारी, समर्पण और निष्ठा के साथ निभाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने कार्यों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि को और मजबूत करें।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। गोयल ने कहा कि जनसंवाद को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाते हुए अधिकारियों को नियमित रूप से जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना और उनका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनसुनवाई समेत अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में गंभीरता और संवेदनशीलता दिखाएं।
उन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत ढांचे के विकास से आमजन को बेहतर सेवाएं मिल रही हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए उनके प्रशिक्षण अनुभवों के बारे में जानकारी ली और प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी की।