20 सितंबर 2026
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आरपीएफ स्थापना दिवस 2026: गडकरी, सीएम योगी, नायब सैनी समेत कई नेताओं ने जवानों को दी बधाई

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आरपीएफ स्थापना दिवस 2026: गडकरी, सीएम योगी, नायब सैनी समेत कई नेताओं ने जवानों को दी बधाई

सारांश

आरपीएफ का 41वाँ स्थापना दिवस महज एक औपचारिकता नहीं — देशभर के शीर्ष नेताओं ने एकस्वर में उन जवानों को सलाम किया जो करोड़ों रेल यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाते हैं। 1985 में मिले 'सशस्त्र बल' के दर्जे से आज तक आरपीएफ की भूमिका और विस्तार पाती जा रही है।

मुख्य बातें

20 सितंबर 2026 को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का स्थापना दिवस मनाया गया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी , सीएम योगी आदित्यनाथ , नायब सैनी , रेखा गुप्ता , भजनलाल शर्मा और उप-सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नेताओं ने बधाई दी।
20 सितंबर 1985 को संसद ने आरपीएफ को 'संघ के एक सशस्त्र बल' का दर्जा दिया था।
आरपीएफ का आदर्श वाक्य 'यशो लभस्व' है, जिसका अर्थ है 'यश प्राप्त करो।' आरपीएफ रेल यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की रक्षा और सुचारु रेल संचालन के लिए जिम्मेदार है।

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के स्थापना दिवस पर 20 सितंबर 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने आरपीएफ के जवानों एवं अधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हर वर्ष 20 सितंबर को यह दिवस मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1985 में संसद ने आरपीएफ को 'संघ के एक सशस्त्र बल' का दर्जा प्रदान किया था।

नेताओं की बधाई और संदेश

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'रेल यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध आरपीएफ के जवानों को रेलवे सुरक्षा बल के स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश में लिखा, 'राष्ट्र की जीवन रेखा 'भारतीय रेल' एवं करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा में रत रेलवे सुरक्षा बल के स्थापना दिवस पर सभी वीर जवानों और उनके परिजनों को हार्दिक बधाई।' उन्होंने आरपीएफ के आदर्श वाक्य 'यशो लभस्व' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सत्यनिष्ठा और अटूट समर्पण का प्रतीक है।

मुख्यमंत्रियों के संदेश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा, 'रेलवे सुरक्षा बल के स्थापना दिवस पर देश की रेल सुरक्षा में समर्पित सभी वीर जवानों को हार्दिक बधाई।' उन्होंने जवानों की सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि आरपीएफ के जवान यात्रियों की सुरक्षा, संकट में सहायता और रेलवे संपत्तियों की रक्षा में सदैव तत्पर रहते हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा कि आरपीएफ जवानों का समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा भारतीय रेल को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर जवानों के साहस और सेवाभाव की सराहना की तथा सुचारु रेल संचालन में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक्स पर लिखा कि रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और विश्वास को निरंतर मजबूत करने में आरपीएफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

आरपीएफ का इतिहास और महत्व

गौरतलब है कि 20 सितंबर 1985 को संसद ने आरपीएफ अधिनियम में संशोधन कर इसे 'संघ के एक सशस्त्र बल' का दर्जा दिया था। बल का आदर्श वाक्य 'यशो लभस्व' है, जिसका अर्थ है 'यश प्राप्त करो।' आरपीएफ देशभर में रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा, यात्रियों की सहायता और रेल परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तरदायी है। यह बल भारतीय रेल के साथ मिलकर करोड़ों यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करता है। आने वाले वर्षों में आरपीएफ की भूमिका और विस्तृत होने की संभावना है, विशेषकर वंदे भारत और बुलेट ट्रेन जैसी नई रेल परियोजनाओं के विस्तार के साथ।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक व्यापक संदर्भ भी है — भारत में रेल सुरक्षा की चुनौतियाँ लगातार बढ़ रही हैं, जबकि आरपीएफ की जनशक्ति और संसाधन सीमित हैं। सोशल मीडिया पर नेताओं के संदेश सराहनीय हैं, पर असली जरूरत बल के आधुनिकीकरण और पर्याप्त बजट आवंटन की है। वंदे भारत और हाई-स्पीड रेल विस्तार के दौर में आरपीएफ की जिम्मेदारियाँ कई गुना बढ़ेंगी — बिना ठोस नीतिगत प्रतिबद्धता के, स्थापना दिवस की बधाइयाँ महज औपचारिकता बनकर रह जाएंगी।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरपीएफ स्थापना दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का स्थापना दिवस हर वर्ष 20 सितंबर को मनाया जाता है। इसी दिन 1985 में संसद ने आरपीएफ अधिनियम में संशोधन कर इसे 'संघ के एक सशस्त्र बल' का दर्जा दिया था।
आरपीएफ का आदर्श वाक्य क्या है और इसका अर्थ क्या है?
आरपीएफ का आदर्श वाक्य 'यशो लभस्व' है, जिसका हिंदी अर्थ 'यश प्राप्त करो' है। यह वाक्य बल के जवानों की सत्यनिष्ठा, अटूट समर्पण और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक माना जाता है।
आरपीएफ स्थापना दिवस 2026 पर किन-किन नेताओं ने बधाई दी?
20 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आरपीएफ जवानों को बधाई दी।
आरपीएफ की मुख्य जिम्मेदारियाँ क्या हैं?
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा, यात्रियों की सहायता, रेल परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुचारु रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी है। यह बल भारतीय रेल के करोड़ों यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करता है।
आरपीएफ को 'सशस्त्र बल' का दर्जा कब मिला?
20 सितंबर 1985 को संसद ने आरपीएफ अधिनियम में संशोधन करके इसे 'संघ के एक सशस्त्र बल' का दर्जा दिया था। तभी से यह दिन हर वर्ष आरपीएफ स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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