हूती विद्रोहियों का रियाद और यानबू पर बड़ा हमला, सऊदी एयर डिफेंस ने मिसाइल मार गिराई
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती समूह ने 20 सितंबर 2026 को दावा किया कि उसने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और लाल सागर तट पर स्थित प्रमुख औद्योगिक व ऊर्जा केंद्र यानबू पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इस घटनाक्रम से दोनों पक्षों के बीच पहले से जारी टकराव के और गहरा होने की आशंका बढ़ गई है।
हमलों का ब्यौरा
हूती के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी पर जारी बयान में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने कहा कि इन हमलों में 'बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन' का इस्तेमाल किया गया। सारिया के मुताबिक, पहले अभियान में रियाद के उन ठिकानों को निशाना बनाया गया जिन्हें उन्होंने 'संवेदनशील ठिकाने' बताया। दूसरे अभियान में यानबू स्थित सऊदी तेल कंपनी अरामको की एक सुविधा पर हमला किया गया।
सारिया ने दावा किया कि दोनों अभियान सफल रहे और निशाना बने ठिकानों पर 'भीषण आग' लग गई। यह बयान शनिवार को रियाद में दो बार धमाकों की आवाज़ सुनाई देने के बाद आया। दूसरी घटना के बाद किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समीप धुआं उठता देखा गया और कुछ उड़ानों में देरी भी हुई।
सऊदी एयर डिफेंस की प्रतिक्रिया
सऊदी अधिकारियों ने पहले रियाद के लिए हवाई हमले का अलर्ट जारी किया, जिसे बाद में वापस लेते हुए बताया गया कि खतरा टल गया है। रिपोर्टों के अनुसार, हाल के हफ्तों में बढ़ते तनाव के बाद यह राजधानी के लिए इस तरह का पहला अलर्ट था।
बाद में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने पुष्टि की कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया। गठबंधन ने यह भी कहा कि बैश, ताइफ, फरसान और यानबू पर हमलों को भी नाकाम कर दिया गया।
आरोप-प्रत्यारोप
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने आरोप लगाया कि इन हमलों में 'आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों' को निशाना बनाया गया और आगे ऐसे हमलों को रोकने के लिए 'उचित कदम' उठाने की चेतावनी दी। हूती प्रवक्ता सारिया ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि रियाद पर हमले यमन में हूती-नियंत्रित इलाकों पर सऊदी हवाई हमलों के तेज होने का सीधा जवाब हैं।
सारिया ने स्पष्ट किया कि जब तक सऊदी हवाई हमले बंद नहीं होते और यमन पर लगी पाबंदियाँ नहीं हटाई जाती, तब तक हूती की जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी — जिसे उन्होंने 'जैसे को तैसा' की रणनीति बताया।
मौजूदा टकराव की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ताज़ा तनाव की शुरुआत जुलाई 2026 के मध्य में हुई थी, जब यमनी सशस्त्र बलों ने हूती-नियंत्रित सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया। इसका उद्देश्य ईरान का एक ऐसा यात्री विमान रोकना था जिसमें हूती का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल सवार था — यह दल खामनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल होकर लौट रहा था। हूती ने उस हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया और बैलिस्टिक मिसाइलों व ड्रोन से जवाबी हमले शुरू किए।
20 जुलाई 2026 को हूती ने बाब अल-मंदब स्ट्रेट से सऊदी जहाजों की आवाजाही पर पाबंदी का ऐलान किया। तब से समूह ने सऊदी तेल टैंकरों और सऊदी अरब स्थित तेल सुविधाओं पर कई हमलों का दावा किया है।
यमन संघर्ष का व्यापक संदर्भ
यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत से जारी है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा किया था। इसके बाद मार्च 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप किया था। एक दशक से अधिक समय बाद यह संघर्ष नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँचता दिख रहा है।