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हौतियों का दावा: नज़रान एयरपोर्ट और सऊदी अरामको तेल केंद्र पर ड्रोन हमला

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हौतियों का दावा: नज़रान एयरपोर्ट और सऊदी अरामको तेल केंद्र पर ड्रोन हमला

सारांश

हौती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि नज़रान एयरपोर्ट और सऊदी अरामको की तेल सुविधा पर दो ड्रोन हमले किए गए — यह 20 जुलाई के बाद से सऊदी ऊर्जा और परिवहन ठिकानों पर हौतियों के हमलों की बढ़ती श्रृंखला की ताज़ा कड़ी है। सऊदी पक्ष ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

मुख्य बातें

हौती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने 20 अगस्त को नज़रान एयरपोर्ट और सऊदी अरामको तेल सुविधा पर दो ड्रोन हमलों का दावा किया।
हौतियों के अनुसार हमले सादा प्रांत के हवाई क्षेत्र में सऊदी ड्रोन घुसपैठ के जवाब में किए गए।
सऊदी सरकार और अरामको की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं।
यमन की सरकारी सेना ने उसी दिन हौती ठिकानों पर 81 सैन्य अभियान चलाने का दावा किया।
20 जुलाई को हौतियों द्वारा सऊदी जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध की घोषणा के बाद से हमलों की तीव्रता बढ़ी है।
यमन संघर्ष 2014 के अंत से जारी है; 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप किया था।

यमन के हौती विद्रोही समूह ने गुरुवार, 20 अगस्त को दावा किया कि उसने सऊदी अरब के दक्षिणी नज़रान क्षेत्र में स्थित नज़रान एयरपोर्ट और सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की एक तेल सुविधा को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया। हौती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने यह दावा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में किया, हालाँकि सऊदी सरकार या अरामको की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हमलों का विवरण

याह्या सरी के अनुसार, समूह ने दो अलग-अलग ड्रोन हमले किए — पहले ड्रोन ने नज़रान एयरपोर्ट पर एक 'संवेदनशील लक्ष्य' को निशाना बनाया, जबकि दूसरे ने अरामको की तेल सुविधा पर हमला किया। सरी ने दावा किया कि दोनों हमले अपने निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में सफल रहे। हालाँकि, उन्होंने किसी भी प्रकार के नुकसान या हताहतों की संख्या का कोई विवरण नहीं दिया।

हमलों की वजह: हौतियों का पक्ष

हौती समूह के अनुसार, ये हमले सऊदी अरब की ओर से यमन के उत्तरी सादा प्रांत के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ के जवाब में किए गए। सादा प्रांत हौतियों का प्रमुख गढ़ है और इसकी सीमा सीधे सऊदी अरब से लगती है। गौरतलब है कि 20 जुलाई को हौती समूह ने सऊदी जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी, आरोप लगाते हुए कि सऊदी अरब ने हौती-नियंत्रित इलाकों की नाकेबंदी कर रखी है।

यमन सरकारी सेना के दावे

इसी दिन, यमन की सरकारी सेना ने भी दावा किया कि उसने पिछले 24 घंटों में हौती ठिकानों के खिलाफ 81 सैन्य अभियान चलाए। सरकारी सेना के प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली के अनुसार, इन अभियानों में कई मोर्चों पर हौती लड़ाकों और उनके ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें कथित तौर पर कई लड़ाके और फील्ड कमांडर हताहत हुए। हौती समूह ने इन दावों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

व्यापक संदर्भ: बढ़ता तनाव

यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब हौतियों और सऊदी अरब के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। 20 जुलाई के बाद से हौती समूह सऊदी टैंकरों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और एयरपोर्ट पर कई हमलों का दावा कर चुका है। साथ ही यमन में सरकार-नियंत्रित क्षेत्रों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी तेज हो गए हैं।

यमन संघर्ष की पृष्ठभूमि

यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत से जारी है, जब हौतियों ने राजधानी सना सहित उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया था। एक दशक से अधिक समय बाद भी यह संघर्ष जारी है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न सऊदी पक्ष की पुष्टि। फिर भी इन्हें नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है, क्योंकि 20 जुलाई के समुद्री प्रतिबंध के बाद से सऊदी ऊर्जा और परिवहन ढाँचे पर हमलों की यह बढ़ती श्रृंखला वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक वास्तविक जोखिम संकेत है। अरामको जैसी रणनीतिक संपत्ति पर बार-बार के दावे — चाहे पूरी तरह सफल हों या न हों — बीमा प्रीमियम, शिपिंग मार्गों और निवेशक धारणा को प्रभावित करते हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर 'दावा बनाम खंडन' के ढाँचे में अटकी रहती है; असली सवाल यह है कि एक दशक पुराने इस संघर्ष में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की विफलता ने इस क्षेत्र को कितना अस्थिर कर दिया है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हौतियों ने नज़रान एयरपोर्ट और अरामको पर हमले का दावा क्यों किया?
हौती समूह के अनुसार, ये हमले सऊदी अरब की ओर से यमन के सादा प्रांत के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ के जवाब में किए गए। सादा हौतियों का प्रमुख गढ़ है और सऊदी सीमा से सटा हुआ है।
क्या सऊदी अरब या अरामको ने हमले की पुष्टि की है?
नहीं। 20 अगस्त तक सऊदी सरकार या सऊदी अरामको की ओर से हौतियों के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं आई है।
यमन में हौती और सऊदी अरब के बीच संघर्ष कब से चल रहा है?
यह संघर्ष 2014 के अंत से जारी है, जब हौतियों ने राजधानी सना सहित उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया था।
20 जुलाई के बाद से हौतियों की गतिविधियाँ कैसे बदली हैं?
20 जुलाई को हौती समूह ने सऊदी जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। इसके बाद से समूह सऊदी टैंकरों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और एयरपोर्ट पर कई हमलों का दावा कर चुका है और यमन में सरकार-नियंत्रित क्षेत्रों पर मिसाइल व ड्रोन हमले भी तेज हो गए हैं।
यमन की सरकारी सेना ने इसी दिन क्या कार्रवाई की?
यमन की सरकारी सेना के प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली ने बताया कि 20 अगस्त को पिछले 24 घंटों में हौती ठिकानों के खिलाफ 81 सैन्य अभियान चलाए गए, जिनमें कई मोर्चों पर हौती लड़ाके और फील्ड कमांडर कथित तौर पर हताहत हुए।
राष्ट्र प्रेस
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