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यमन के मारिब पर सऊदी गठबंधन के 4 हवाई हमले, हूती मिसाइल-ड्रोन हमलों में 73 घायल

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यमन के मारिब पर सऊदी गठबंधन के 4 हवाई हमले, हूती मिसाइल-ड्रोन हमलों में 73 घायल

सारांश

सऊदी गठबंधन ने यमन के तेल-समृद्ध मारिब के अल-जुबाह जिले पर 4 हवाई हमले किए — यह जवाब था हूतियों के उन दर्जनों मिसाइल-ड्रोन हमलों का जिनमें सऊदी अरब के 4 शहरों में 73 नागरिक घायल हुए और ऊर्जा प्रतिष्ठानों में आग लगी। एक दशक पुराना यमन संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर है।

मुख्य बातें

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 8 सितंबर को यमन के मारिब प्रांत के अल-जुबाह जिले में 4 हवाई हमले किए — हूती-नियंत्रित अल-मसीरा टीवी के अनुसार।
हूती प्रवक्ता याह्या सरीया ने दावा किया कि उन्होंने अब्हा, नजरान, जिजान में सऊदी अरामको सुविधाओं और किंग खालिद एयर बेस पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे।
सऊदी अधिकारियों के अनुसार हूती हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 73 नागरिक घायल ; कुछ ऊर्जा प्रतिष्ठानों का संचालन अस्थायी रूप से बंद ।
गठबंधन प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने हमलों को 'खतरनाक बढ़ोतरी' बताया और जवाबी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी।
सरकारी बलों ने उत्तरी अल-जौफ प्रांत के अल-यतमा क्षेत्र पर पुनः नियंत्रण का दावा किया; बाब-अल-मंदेब के पास भी लड़ाई जारी।
यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध में है; सऊदी गठबंधन ने 2015 में हस्तक्षेप किया था।

सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने मंगलवार, 8 सितंबर को यमन के तेल संपन्न मारिब प्रांत के अल-जुबाह जिले में चार हवाई हमले किए। हूती-नियंत्रित अल-मसीरा टीवी के अनुसार यह कार्रवाई उन घंटों के भीतर हुई जब हूती संगठन ने सऊदी अरब पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया था। अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

हूतियों के हमलों का दावा

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरीया ने मंगलवार को घोषणा की कि उनके संगठन ने अब्हा, नजरान और जिजान में स्थित सऊदी अरामको की ऊर्जा सुविधाओं के साथ-साथ खमीस मुशैत के निकट किंग खालिद एयर बेस को निशाना बनाते हुए दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। सरीया ने यह भी कहा कि उनका संगठन 'सऊदी क्षेत्र के अंदर गहराई तक' अपने अभियान जारी रखेगा।

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 73 नागरिक घायल हुए हैं। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि कुछ ऊर्जा प्रतिष्ठानों में आग लग गई, जिसके कारण कुछ सुविधाओं का संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

गठबंधन की प्रतिक्रिया

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में हूती हमलों को 'खतरनाक बढ़ोतरी' करार दिया। उन्होंने कहा कि हूती समूह की यह बढ़ती आक्रामकता और सऊदी अरब की राष्ट्रीय संपत्तियों, नागरिकों तथा निवासियों को निशाना बनाने की कोशिश 'शत्रुतापूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना रवैये' को दर्शाती है।

अल-मालिकी ने स्पष्ट किया कि ये हमले सऊदी अरब की संप्रभुता का उल्लंघन हैं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन की संयुक्त बल कमान हूती समूह को रोकने और खतरे के स्रोतों को समाप्त करने के लिए आवश्यक सैन्य कदम उठाएगी।

यमन के भीतर व्यापक संघर्ष

यह तनाव ऐसे समय में और गहरा हुआ है जब यमन में सरकारी बलों और हूती लड़ाकों के बीच कई मोर्चों पर संघर्ष जारी है। सरकारी बलों ने मंगलवार को दावा किया कि उन्होंने उत्तरी अल-जौफ प्रांत के अल-यतमा क्षेत्र पर पुनः नियंत्रण स्थापित कर लिया है। पश्चिमी यमन में भी लड़ाई जारी है, जहाँ हूती रणनीतिक बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के निकट सरकार-नियंत्रित क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध की चपेट में है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में सैन्य हस्तक्षेप किया। एक दशक से अधिक समय से जारी इस संघर्ष में हजारों नागरिक हताहत हो चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हैं।

मारिब प्रांत इस संघर्ष में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह यमन के प्रमुख तेल और गैस भंडारों का केंद्र है — जिस पर नियंत्रण दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से निर्णायक माना जाता है। मौजूदा बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि निकट भविष्य में युद्धविराम की संभावना और कम हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार की बढ़ोतरी की तीव्रता और सऊदी अरामको जैसी रणनीतिक ऊर्जा संपत्तियों को निशाना बनाना वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए एक गंभीर संकेत है। एक दशक के युद्ध के बाद भी न तो हूती कमजोर हुए हैं और न ही गठबंधन ने निर्णायक बढ़त हासिल की है — जो यह सवाल उठाता है कि क्या सैन्य दबाव अकेले इस संघर्ष को सुलझा सकता है। बाब-अल-मंदेब की ओर हूतियों की बढ़त, यदि सफल हुई, तो वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों पर असर डाल सकती है — जो इस संघर्ष को क्षेत्रीय से अंतरराष्ट्रीय आयाम दे सकता है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन के मारिब पर सऊदी गठबंधन के हवाई हमले क्यों हुए?
हूती-नियंत्रित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, सऊदी गठबंधन ने 8 सितंबर को मारिब के अल-जुबाह जिले पर 4 हवाई हमले किए। यह कार्रवाई उन घंटों के भीतर हुई जब हूतियों ने सऊदी अरब पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागने का दावा किया था।
हूतियों ने सऊदी अरब पर कहाँ-कहाँ हमले किए?
हूती प्रवक्ता याह्या सरीया के अनुसार, हमले अब्हा, नजरान और जिजान में सऊदी अरामको की ऊर्जा सुविधाओं तथा खमीस मुशैत के निकट किंग खालिद एयर बेस पर किए गए। सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि की कि इन हमलों में 73 नागरिक घायल हुए और कुछ ऊर्जा प्रतिष्ठानों में आग लगी।
यमन संघर्ष कब से चल रहा है और इसकी पृष्ठभूमि क्या है?
यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध में है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा किया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में सैन्य हस्तक्षेप किया था।
मारिब प्रांत इस संघर्ष में इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
मारिब यमन के प्रमुख तेल और गैस भंडारों का केंद्र है, जो इसे दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से निर्णायक बनाता है। इस प्रांत पर नियंत्रण संघर्ष के भविष्य को सीधे प्रभावित करता है।
गठबंधन प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने हूती हमलों पर क्या कहा?
गठबंधन प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने हूती हमलों को 'खतरनाक बढ़ोतरी' और 'शत्रुतापूर्ण व गैर-जिम्मेदाराना रवैया' करार दिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन की संयुक्त बल कमान हूती समूह को रोकने और खतरे के स्रोतों को समाप्त करने के लिए आवश्यक सैन्य कदम उठाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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